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मंगेतर के परिजनों के धमकाने पर खाया जहर
अमर उजाला ब्यूरो, हमीरपुर
Updated Thu, 09 Mar 2017 10:43 PM IST
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महिला थाने की पीसीआर में ड्राइवर था
- फोटो : amar ujala
11 दिन पहले मंगेतर के जहर खाकर जान देने के बाद युवक ने भी जहर खा लिया। हालात गंभीर होने पर डाक्टरों ने उसे झांसी रेफर कर दिया। रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मृतक के पिता ने ससुरालीजनों पर धमकाने का आरोप लगाया है।
कोतवाली के नौहाई गांव निवासी करन सिंह लोधी चरखारी रोड मोहल्ले में रहते हैं। उन्होंने अपने बड़े बेटे की जितेंद्र की शादी आठ माह पहले मझगवां थाने के बकरई गांव निवासी परशु लोधी की बेटी रेशमा से तय किया था। करन ने बताया कि गोद भराई और तिलक की रस्में भी हो चुकी थीं। उसने बताया 12 फरवरी को रेशमा ने जितेंद्र को बकरई बुलाया था। जहां लड़की के पिता ने जितेंद्र की बेइज्जती की व मारापीटा।
इससे क्षुब्ध होकर रेशमा ने 28 फरवरी को जहर खा लिया था। इलाज के दौरान झांसी में उसकी मौत हो गई थी। युवती की मौत के बाद ससुराल पक्ष के लोग उसके पुत्र को धमका रहे थे। करन ने बताया कि लड़की के पिता का कहना था कि इलाज में जितना रुपया खर्च हुआ है उसे दे देे। इतना ही नहीं जान से मारने की भी धमकी दी जा रही थी। इसी से परेशान जितेंद्र ने बुधवार को अपने घर में जहर खा लिया।
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हालत बिगड़ने पर जानकरी हुई। तब उसे जिला अस्पताल ले गए। जहां से डाक्टर डा.रविप्रताप ने झांसी रेफर कर दिया। हरपालपुर के पास जीतेंद्र ने दम तोड़ दिया।
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कोतवाली के नौहाई गांव निवासी करन सिंह लोधी चरखारी रोड मोहल्ले में रहते हैं। उन्होंने अपने बड़े बेटे की जितेंद्र की शादी आठ माह पहले मझगवां थाने के बकरई गांव निवासी परशु लोधी की बेटी रेशमा से तय किया था। करन ने बताया कि गोद भराई और तिलक की रस्में भी हो चुकी थीं। उसने बताया 12 फरवरी को रेशमा ने जितेंद्र को बकरई बुलाया था। जहां लड़की के पिता ने जितेंद्र की बेइज्जती की व मारापीटा।
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इससे क्षुब्ध होकर रेशमा ने 28 फरवरी को जहर खा लिया था। इलाज के दौरान झांसी में उसकी मौत हो गई थी। युवती की मौत के बाद ससुराल पक्ष के लोग उसके पुत्र को धमका रहे थे। करन ने बताया कि लड़की के पिता का कहना था कि इलाज में जितना रुपया खर्च हुआ है उसे दे देे। इतना ही नहीं जान से मारने की भी धमकी दी जा रही थी। इसी से परेशान जितेंद्र ने बुधवार को अपने घर में जहर खा लिया।
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हालत बिगड़ने पर जानकरी हुई। तब उसे जिला अस्पताल ले गए। जहां से डाक्टर डा.रविप्रताप ने झांसी रेफर कर दिया। हरपालपुर के पास जीतेंद्र ने दम तोड़ दिया।