{"_id":"a43ca1fdd78789890fdc36858edff22f","slug":"crop-hindi-news-3","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंडलायुक्त ने फसल बर्बादी का लिया जायजा ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मंडलायुक्त ने फसल बर्बादी का लिया जायजा
ब्यूरो, अमर उजाला/हमीरपुर
Updated Thu, 26 Mar 2015 12:25 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंडलायुक्त कल्पना अवस्थी ने बुधवार को मौदहा क्षेत्र के किसानों की बदहाली
विज्ञापन
का जायजा लिया। खेतों पर पहुंच फसलें देखी और किसानों का दर्द भी सुना।
मंडलायुक्त बुधवार को मकरांव के खेतों की बोई गई फसलों का जायजा लेने पहुंची। ग्राम प्रधान सहित किसानों ने उन्हें इन फसलों के नुकसान की जानकारी देते हुए मटर, मसूर, अलसी की फसलें दिखाईं। इसी के बाद वह बहरेला गांव के खेतों पर पहुंची और वहां भी मटर व चने की बर्बाद फसलों को देखा।
इस दौरान मकरावं गांव की संगीता पत्नी अच्छे सिंह ने मंडलायुक्त को अपनी दास्तां बताई कि जो फसलें बोई थीं वह बर्बाद हो गईं। पति हृदय रोग से पीड़ित है। उसका इलाज चल रहा है। एक बेटी बीए में व दूसरी इंटर व तीसरी हाईस्कूल में पढ़ती है। वह कभी अपने बच्चों के साथ खेत नहीं आई।
लेकिन फसलें बर्बाद होने पर कोई काटने को भी तैयार नहीं है। इसलिए बच्चों के साथ स्वयं कटाई कर रही है। बर्बाद फसल देखकर उसके पति ने तो आत्महत्या करने का इरादा बना लिया। लेकिन उसने ढांढस बंधाया। आयुक्त व जिलाधिकारी ने उसे पूरी सहायता दिलाने के साथ इलाज के लिए पैसा मुहैया कराने का आश्वासन दिया।
उप कृषि निदेशक ने मंडलायुक्त को बताया कि मटर, मसूर व चना की फसलें नब्बे प्रतिशत क्षतिग्रस्त हुई हैं। जबकि गेहूं 37 प्रतिशत, लाही 32 प्रतिशत व अलसी 31 प्रतिशत की क्षति का आंकलन किया है। मंडलायुक्त ने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि वह किसानों को तत्परता के साथ राहत राशि मुहैया कराएं।
बाद में वहां मौजूद किसानों को मंडलायुक्त व जिलाधिकारी संध्या तिवारी ने राहत चेक भी दीं। मंडलायुक्त ने बताया कि मंडल में सबसे अधिक क्षति चित्रकूट, बांदा में हुई है। जहां गेहूं की फसलें भी ओलावृष्टि से बर्बाद हो गई हैं। वहीं महोबा के कई गांव उन्होंने देखे। अब हमीरपुर जनपद के गांवों को देखा। यहां भी भारी क्षति हुई है। उन्होंने किसानों से कहा कि हौसला बुलंद रखें, उनकी भरपूर मदद की जाएगी।
मंडलायुक्त बुधवार को मकरांव के खेतों की बोई गई फसलों का जायजा लेने पहुंची। ग्राम प्रधान सहित किसानों ने उन्हें इन फसलों के नुकसान की जानकारी देते हुए मटर, मसूर, अलसी की फसलें दिखाईं। इसी के बाद वह बहरेला गांव के खेतों पर पहुंची और वहां भी मटर व चने की बर्बाद फसलों को देखा।
इस दौरान मकरावं गांव की संगीता पत्नी अच्छे सिंह ने मंडलायुक्त को अपनी दास्तां बताई कि जो फसलें बोई थीं वह बर्बाद हो गईं। पति हृदय रोग से पीड़ित है। उसका इलाज चल रहा है। एक बेटी बीए में व दूसरी इंटर व तीसरी हाईस्कूल में पढ़ती है। वह कभी अपने बच्चों के साथ खेत नहीं आई।
लेकिन फसलें बर्बाद होने पर कोई काटने को भी तैयार नहीं है। इसलिए बच्चों के साथ स्वयं कटाई कर रही है। बर्बाद फसल देखकर उसके पति ने तो आत्महत्या करने का इरादा बना लिया। लेकिन उसने ढांढस बंधाया। आयुक्त व जिलाधिकारी ने उसे पूरी सहायता दिलाने के साथ इलाज के लिए पैसा मुहैया कराने का आश्वासन दिया।
उप कृषि निदेशक ने मंडलायुक्त को बताया कि मटर, मसूर व चना की फसलें नब्बे प्रतिशत क्षतिग्रस्त हुई हैं। जबकि गेहूं 37 प्रतिशत, लाही 32 प्रतिशत व अलसी 31 प्रतिशत की क्षति का आंकलन किया है। मंडलायुक्त ने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि वह किसानों को तत्परता के साथ राहत राशि मुहैया कराएं।
बाद में वहां मौजूद किसानों को मंडलायुक्त व जिलाधिकारी संध्या तिवारी ने राहत चेक भी दीं। मंडलायुक्त ने बताया कि मंडल में सबसे अधिक क्षति चित्रकूट, बांदा में हुई है। जहां गेहूं की फसलें भी ओलावृष्टि से बर्बाद हो गई हैं। वहीं महोबा के कई गांव उन्होंने देखे। अब हमीरपुर जनपद के गांवों को देखा। यहां भी भारी क्षति हुई है। उन्होंने किसानों से कहा कि हौसला बुलंद रखें, उनकी भरपूर मदद की जाएगी।