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Noida News: ठगों के आगे साइबर सुरक्षा बेबस, 10 लोगों से ठग लिए 55 लाख रुपये
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- ट्रेडिंग ऐप, सट्टेबाजी वेबसाइट, फर्जी एपीके फाइल और फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर की गई ठगी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। साइबर सुरक्षा के तमाम दावों के बीच साइबर ठगों ने एक बार फिर पुलिस-प्रशासन को चुनौती दी है। जिले के तीन थाना क्षेत्रों में ठगी के 10 मामले सामने आए, जहां शातिरों ने लोगों को अलग-अलग तरीकों से झांसा देकर 55 लाख रुपये से अधिक ठग लिए। यानी ठगों का डिजिटल कारोबार खूब चमक रहा है और पीड़ितों की मेहनत की कमाई मिनटों में गायब हो रही हैं। बिसरख, इकोटेक-3 और सेक्टर-142 कोतवाली पुलिस ने बुधवार को सभी मामलों में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सबसे ज्यादा बिसरख कोतवाली में छह मामले दर्ज हुए हैं। पुलिस को दी शिकायत में अरविंद ओझा ने बताया कि वह इक्विटी शेयर और आईपीओ खरीदने-बेचने के लिए एक ट्रेडिंग ऐप से जुड़े थे। आरोपियों ने उन्हें न्यू बेरी कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ने के लिए कहा था। व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए मार्केट एनालिसिस देने वाले राजेश मोदी और कस्टमर सपोर्ट देने वाली मीना जोशी ने भरोसा जीतकर रकम जमा कराई, लेकिन जब पैसे निकालने की बारी आई तो ऐप ने रकम निकालने की अनुमति नहीं दी। इस तरह 5.88 लाख रुपये की ठगी कर ली गई।
हिरदेश कुमार चौहान के साथ पिछले साल इंटरनेट बैंकिंग के जरिए बैंक खाते से 5.88 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई है। तीसरा मामले में रवि ओझा ने बताया कि उन्होंने पिछले साल मई में बेटवाइब नामक सट्टेबाजी साइट पर 22 और 23 तारीख को दो ट्रांजेक्शन किए, जो स्कैम निकले और उनके 5.64 लाख रुपये डूब गए।
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चौथा मामले में अरुण कुमार द्विवेदी के अनुसार इस साल उनके खाते से 5.50 लाख रुपये की राशि अवैध रूप से निकाल ली गई। वहीं पांचवें मामले में वैभव गर्ग का कहना है कि उनके खाता से 12 जनवरी 2025 को 5 लाख रुपये की धनराशि की निकासी हुई। वहीं छठे मामले में अभिनव मिश्रा का कहना है कि इंश्योरेंस पॉलिसी नवीनीकरण और नॉमिनी बदलवाने के नाम पर पीड़ित से 5 लाख रुपये की ठगी कर ली गई।
फाइल इंस्टाॅल करते ही निकले 5 लाख रुपये :
वहीं इकोटेक-3 थाना क्षेत्र में तीन साइबर ठगी के मामले दर्ज किए गए हैं। सादुल्लापुर निवासी मोनिका का कहना है कि मोबाइल पर 17 जुलाई-2025 को एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप पर भेजी गई एपीके फाइल इंस्टॉल करते ही उनके खाते से 5 लाख रुपये निकल गए। हबीबपुर निवासी इब्राहिम ने जनरेटर खरीदने के नाम पर दो किश्तों में 5.18 लाख रुपये ट्रांसफर किए, लेकिन सामान कभी नहीं पहुंचा। वहीं जलपुरा निवासी हरिकृष्ण शर्मा का कहना है कि खुद को पुलिस अधिकारी बताने वाले एक व्यक्ति ने मोबाइल नंबर दुरुपयोग की धमकी देकर डरा-धमकाकर करीब छह लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। वहीं सेक्टर-137 निवासी 41 वर्षीय वैभव मिश्रा का कहना है कि नवंबर 2025 में अलग-अलग तिथि पर ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग स्कीम के नाम पर साइबर ठगों ने 5 लाख 34 हजार रुपये अलग-अलग खाते में ट्रांसफर करा लिए। ठग लिए।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। साइबर सुरक्षा के तमाम दावों के बीच साइबर ठगों ने एक बार फिर पुलिस-प्रशासन को चुनौती दी है। जिले के तीन थाना क्षेत्रों में ठगी के 10 मामले सामने आए, जहां शातिरों ने लोगों को अलग-अलग तरीकों से झांसा देकर 55 लाख रुपये से अधिक ठग लिए। यानी ठगों का डिजिटल कारोबार खूब चमक रहा है और पीड़ितों की मेहनत की कमाई मिनटों में गायब हो रही हैं। बिसरख, इकोटेक-3 और सेक्टर-142 कोतवाली पुलिस ने बुधवार को सभी मामलों में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सबसे ज्यादा बिसरख कोतवाली में छह मामले दर्ज हुए हैं। पुलिस को दी शिकायत में अरविंद ओझा ने बताया कि वह इक्विटी शेयर और आईपीओ खरीदने-बेचने के लिए एक ट्रेडिंग ऐप से जुड़े थे। आरोपियों ने उन्हें न्यू बेरी कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ने के लिए कहा था। व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए मार्केट एनालिसिस देने वाले राजेश मोदी और कस्टमर सपोर्ट देने वाली मीना जोशी ने भरोसा जीतकर रकम जमा कराई, लेकिन जब पैसे निकालने की बारी आई तो ऐप ने रकम निकालने की अनुमति नहीं दी। इस तरह 5.88 लाख रुपये की ठगी कर ली गई।
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हिरदेश कुमार चौहान के साथ पिछले साल इंटरनेट बैंकिंग के जरिए बैंक खाते से 5.88 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई है। तीसरा मामले में रवि ओझा ने बताया कि उन्होंने पिछले साल मई में बेटवाइब नामक सट्टेबाजी साइट पर 22 और 23 तारीख को दो ट्रांजेक्शन किए, जो स्कैम निकले और उनके 5.64 लाख रुपये डूब गए।
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चौथा मामले में अरुण कुमार द्विवेदी के अनुसार इस साल उनके खाते से 5.50 लाख रुपये की राशि अवैध रूप से निकाल ली गई। वहीं पांचवें मामले में वैभव गर्ग का कहना है कि उनके खाता से 12 जनवरी 2025 को 5 लाख रुपये की धनराशि की निकासी हुई। वहीं छठे मामले में अभिनव मिश्रा का कहना है कि इंश्योरेंस पॉलिसी नवीनीकरण और नॉमिनी बदलवाने के नाम पर पीड़ित से 5 लाख रुपये की ठगी कर ली गई।
फाइल इंस्टाॅल करते ही निकले 5 लाख रुपये :
वहीं इकोटेक-3 थाना क्षेत्र में तीन साइबर ठगी के मामले दर्ज किए गए हैं। सादुल्लापुर निवासी मोनिका का कहना है कि मोबाइल पर 17 जुलाई-2025 को एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप पर भेजी गई एपीके फाइल इंस्टॉल करते ही उनके खाते से 5 लाख रुपये निकल गए। हबीबपुर निवासी इब्राहिम ने जनरेटर खरीदने के नाम पर दो किश्तों में 5.18 लाख रुपये ट्रांसफर किए, लेकिन सामान कभी नहीं पहुंचा। वहीं जलपुरा निवासी हरिकृष्ण शर्मा का कहना है कि खुद को पुलिस अधिकारी बताने वाले एक व्यक्ति ने मोबाइल नंबर दुरुपयोग की धमकी देकर डरा-धमकाकर करीब छह लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। वहीं सेक्टर-137 निवासी 41 वर्षीय वैभव मिश्रा का कहना है कि नवंबर 2025 में अलग-अलग तिथि पर ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग स्कीम के नाम पर साइबर ठगों ने 5 लाख 34 हजार रुपये अलग-अलग खाते में ट्रांसफर करा लिए। ठग लिए।