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संदिग्ध परिस्तिथियों में युवक ने जहर खाकर दी जान
Updated Mon, 19 Jun 2017 12:23 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर। सुमेरपुर थानाक्षेत्र के पारा-रैपुरा गांव में शनिवार की देर रात क्षयरोग से पीड़ित युवक ने संदिग्ध अवस्था में जहरीला पदार्थ खा लिया। इलाज के दौरान सदर अस्पताल में मौत हो गई। मृतक की पत्नी पिछले छह माह से अपने मायके में रह रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
पारा-रैपुरा गांव निवासी पंकज (32) पुत्र दशरथ पिछले कई वर्षों से क्षय रोग से पीड़ित चल रहा था। इलाज मुख्यालय के टीबी अस्पताल में चल रहा था। शनिवार की रात करीब 11 बजे घर में उसने जहरीला पदार्थ खा लिया। चिल्लाने पर परिजन उसे सदर अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक के चचेरे भाई सुखदेव ने बताया कि पंकज का छोटा भाई राममिलन व पिता दशरथ गुजरात में रहकर मेहनत मजदूरी करते हैैं। गांव में वह अपनी मां से अलग रहता था। करीब छह माह से उसकी पत्नी सुनीता अपने मायके मेें रह रही है।
इसी से वह कुछ परेशान रहता था। कहा कि रात में उसके चिल्लाने पर परिवार के सभी लोग उसके पास पहुंचे और उसे सदर अस्पताल लाए। उसने बताया कि उसने अवसाद के चलते ऐसा कदम उठाया। वहीं अस्पताल में ही मौजूद मृतक के ससुर कम्हरिया गांव निवासी मनीराम ने बताया कि उसने अपने दामाद के इलाज मेें काफी पैसा लगाया। वहीं बाद में बेटी की सास के कहने पर कि यदि वह अपनी बेटी को मायके ले जाएंगे तो वह उसका इलाज कराएगी, इस पर वह बेटी को घर लिवा गए। पता नहीं कि फिर क्या हुआ और दामाद ने जहर खा लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
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-क्षयरोग से पीड़ित युवक की पत्नी रह रही मायके में
हमीरपुर। सुमेरपुर थानाक्षेत्र के पारा-रैपुरा गांव में शनिवार की देर रात क्षयरोग से पीड़ित युवक ने संदिग्ध अवस्था में जहरीला पदार्थ खा लिया। इलाज के दौरान सदर अस्पताल में मौत हो गई। मृतक की पत्नी पिछले छह माह से अपने मायके में रह रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
पारा-रैपुरा गांव निवासी पंकज (32) पुत्र दशरथ पिछले कई वर्षों से क्षय रोग से पीड़ित चल रहा था। इलाज मुख्यालय के टीबी अस्पताल में चल रहा था। शनिवार की रात करीब 11 बजे घर में उसने जहरीला पदार्थ खा लिया। चिल्लाने पर परिजन उसे सदर अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक के चचेरे भाई सुखदेव ने बताया कि पंकज का छोटा भाई राममिलन व पिता दशरथ गुजरात में रहकर मेहनत मजदूरी करते हैैं। गांव में वह अपनी मां से अलग रहता था। करीब छह माह से उसकी पत्नी सुनीता अपने मायके मेें रह रही है।
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इसी से वह कुछ परेशान रहता था। कहा कि रात में उसके चिल्लाने पर परिवार के सभी लोग उसके पास पहुंचे और उसे सदर अस्पताल लाए। उसने बताया कि उसने अवसाद के चलते ऐसा कदम उठाया। वहीं अस्पताल में ही मौजूद मृतक के ससुर कम्हरिया गांव निवासी मनीराम ने बताया कि उसने अपने दामाद के इलाज मेें काफी पैसा लगाया। वहीं बाद में बेटी की सास के कहने पर कि यदि वह अपनी बेटी को मायके ले जाएंगे तो वह उसका इलाज कराएगी, इस पर वह बेटी को घर लिवा गए। पता नहीं कि फिर क्या हुआ और दामाद ने जहर खा लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
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-क्षयरोग से पीड़ित युवक की पत्नी रह रही मायके में