{"_id":"5c51caf6bdec224e4507e58d","slug":"201548864246-hamirpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेनामी संपति को जानने को सीबीआई ने आरोपियों के खंगाले खाते व लॉकर","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बेनामी संपति को जानने को सीबीआई ने आरोपियों के खंगाले खाते व लॉकर
विज्ञापन
विज्ञापन
हमीरपुर। अवैध खनन से कमाई गई बेनामी संपत्ति को जानने के लिए बुधवार को मुख्यालय स्थित तीन प्रमुख बैंकों में सीबीआई पहुंची। जहां सीबीआई अधिकारी ने मुकदमे में नामित आरोपियों के खाते व लॉकर खंगाल शाखा प्रबंधकों से खातों के लेनदेन के अभिलेखों के दस्तावेज अपने कब्जे में लिए। वहीं बुधवार को पट्टाधारक राकेश उर्फ पप्पू अग्रवाल, राजेंद्र द्विवेदी दोबारा पेश हुए। इसके साथ ही सपा एमएलसी रमेश मिश्रा का मुनीम बाबूनारायन कुशवाहा, उमाकांत मिश्रा व एक अन्य सीबीआई के सामने पेश हुए।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर सीबीआई की चार सदस्यीय टीम पिछले 21 जनवरी से मुख्यालय के मौदहा बांध (निर्माणखंड) के निरीक्षण भवन में बने अस्थायी कैंप कार्यालय में अवैध खनन की जांच कर रही है। सीबीआई के अधिकारी यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि नियमों को दरकिनार करते हुए मौरंग के पट्टे कैसे जारी किए गए हैं। साथ ही किसके संरक्षण में सिंडीकेट का नेटवर्क चला है।
कैंप कार्यालय में मौरंग कारोबारियों, अधिकारियों व कर्मियों से जानकारी लेने के बाद बुधवार को सीबीआई के एक अधिकारी कैंप कार्यालय से निकल सीधे पंजाब नेशनल बैंक पहुंचे। वहां करीब 20 मिनट रुकने के बाद संबंधित खनन कारोबारी आरोपियों, उनके परिजनों व फर्म के बैंक खाते व लॉकर की जानकारी लेने के साथ दस्तावेज अपने कब्जे में लिए। इसके बाद सीबीआई अधिकारी एचडीएफसी बैंक गए, जहां करीब दस मिनट रुके। यहां से काम निपटा सीबीआई अधिकारी डीएम कार्यालय में पहुंचे और स्टेनो राजेश श्रीवास्तव से बात की। करीब दस मिनट के बाद यहां से सीबीआई अधिकारी डीएम आवास पहुंचे। जहां दस मिनट रुकने के बाद फिर यहां से सीधे सुभाष बाजार स्थित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक पहुंचे, जहां करीब एक घंटे से अधिक रुककर मैनेजर से वार्ता कर खातों की जानकारी ली और लेनदेन के दस्तावेज हासिल किए। याचिकाकर्ता विजय द्विवेदी एडवोकेट ने बताया कि मौरंग कारोबारियों के खाते खंगालने के लिए सीबीआई की छानबीन जारी है। अभी और भी बैंकों में सीबीआई पहुंचकर खाते और रिकार्ड खंगाल सकती है। फिलहाल सीबीआई की जांच और कार्रवाई को लेकर मौरंग कारोबारियों में खलबली मची है।
विज्ञापन
---
मीडिया कर्मियों से बचते नजर आए सीबीआई अधिकारी
तीसरी बार फिर खनिज कार्यालय से लिए दस्तावेज
हमीरपुर। बुुधवार की दोपहर करीब दो बजे सीबीआई अधिकारी चार पहिया वाहन से कोतवाली गेट पहुंचे। वहां मीडिया कर्मियों को देख अपने वाहन को गेट पर ही रोक वाहन में बैठे रहे। इसी बीच कोतवाली का एक सिपाही गौरव भदौरिया आया और सीबीआई अधिकारी ने कुछ बात की और फिर सिपाही ने पेन से अपने हाथ की गदेली पर कुछ लिखा। इसके बाद सीबीआई अधिकारी आगे को बढ़ गए और खनिज कार्यालय पहुंचे। जहां से एक लिपिक को अपने साथ लेकर कलक्ट्रेट तक आए। यहां भी मीडिया कर्मियों के आ जाने पर सीबीआई अधिकारी लिपिक को लेकर उसे कार्यालय छोड़कर चले गए। इसके बाद खनिज अधिकारी बस स्टैंड स्थित जेके फोटो कॉपी की दुकान पहुंचे। जहां करीब दो घंटे तक अभिलेखों की फोटो कॉपी कराई और फिर उन्हें देने सीबीआई कैंप कार्यालय गए।
---
अकूत संपत्ति के बारे में जानकारी हासिल कर रही सीबीआई
जानकार बताते हैं कि मौरंग खनन से कमाई अकूत संपत्ति को कारोबारियों ने व्यवसाय में ठिकाने लगा दिया है। इसके लिए मुख्यालय स्थित एचडीएफसी बैंक से पोकलैंड, जेसीबी आदि भारी भरकम मशीनों का फाइनेंस दर्जनों कारोबारियों ने कराया है। इसकी जानकारी होने पर बुधवार को सीबीआई अधिकारी ने बैंक मैनेजर से इसके संबंध में अहम जानकारी के साथ दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर चले गए।
--
एक दिन में 13 मौरंग के जारी पट्टों पर उठे सवाल
एक ही दिन में ही सपा के पूर्वमंत्री अखिलेश यादव ने अपनी सरकार में 13 मौरंग के पट्टे जारी किए थे। इन पट्टों में विधि सलाहकार से भी कोई राय ली गई है या नहीं इसे लेकर भी सीबीआई के अधिकारी जांच कर रहे हैं। नियमों की अनदेखी कर जारी हुए मौरंग के पट्टों के संबंध में विधि सलाहकार मनोज त्रिवेदी को दो बार कैंप ऑफिस तलब कर पूछताछ की जा चुकी है।
---
तत्कालीन खान अधिकारी अभी तक नहीं हुए सीबीआई के समक्ष पेश
हमीरपुर के तत्कालीन खान अधिकारी मुईनुद्दीन अभी तक सीबीआई के सामने पेश नहीं हुए हैं। जानकार बताते हैं कि उन्हें सीबीआई ने तलब किया था लेकिन अभी तक उनकी कोई लोकेशन नहीं मिल रही है। सीबीआई इनके जरिए जुटाई गई संपत्ति को लेकर भी जांच कर रही है। कुछ कारोबारियों को तलब कर सीबीआई ने इस अधिकारी के बारे में जानकारी की है। खान अधिकारी यहां काफी समय तक तैनात भी रहे हैं।
---
आईएएस के पेश होने पर कारोबारियों की बढ़ी मुश्किलें
हमीरपुर। बुधवार को लखनऊ स्थित ईडी कार्यालय में आईएएस बी चंद्रकला के पेश होते ही मौरंग कारोबारियों की धड़कनें तेज हो गई है। इधर पिछले दो दिनों से सीबीआई ने अपनी जांच तेज कर दी है। पिछले 10 दिनों से मुख्यालय में जमी सीबीआई टीम के बाद अब ईडी के आने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता।
---
आईएएस समेत 11 मौरंग कारोबारी हैं जांच की जद में
अवैध खनन को लेकर सीबीआई पहले ही पांच जनवरी को हमीरपुर की तत्कालीन जिलाधिकारी बी चंद्रकला, खान अधिकारी मुईनुद्दीन, लोनिवि के रिटायर्ड कर्मी रामऔतार, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संजय दीक्षित उनके पिता सत्यदेव दीक्षित, करन सिंह समेत 11 मौरंग कारोबारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर चुकी है। सभी आरोपितों के खिलाफ ईडी ने भी जांच शुरू कर दी है। जानकार बताते हैं कि ईडी की कार्रवाई से पहले सीबीआई यहां आरोपितों के बैंकों में खातों की जांच कर रही है।
जांच के दौरान खातों व लॉकरों से संबंधित जो दस्तावेज मिलेंगे उन्हें ईडी को उपलब्ध कराएगी। दो दर्जन से अधिक कारोबारियों, अधिकारियों व मुनीमों का सीबीआई दर्ज कर चुकी है। आरोपी बनाए गए लोगों की प्रापर्टी में जमीनों फैक्ट्री, कालेज जैसे कार्य में लगाई गई संपत्ति का ब्योरा बटोर रही है। सीबीआई वर्ष 2009 से 2016 तक जारी 123 मौरंग के पट्टों की फाइलें खंगालने के बाद अवैध मौरंग खनन में वसूले गए सिंडीकेट के साक्ष्य जुटाने में जुटी है। अभी तक सपा एमएलसी रमेश मिश्रा, उनके भाई दिनेश मिश्रा, अंबिका उर्फ बबलू, भाभी के अलावा पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष बसपा नेता संजय दीक्षित के पिता सत्यदेव दीक्षित, मां माया देवी, देव नारायण दीक्षित, राकेश दीक्षित, अशोक कुमार, ज्वाला बाबू की पत्नी, रामऔतार बाबू, इनकी पत्नी मोतीबाई, करन सिंह, जावेद, पप्पू अग्रवाल, मुकेश पालीवाल, अरुण कुमार दुबे, पूर्व विधि सलाहकार मनोज त्रिवेदी, कंधीलाल, प्रथ्वीपाल निषाद व मुनीमों को कैंप कार्यालय तलब कर सीबीआई पूछताछ कर चुकी है। इसमे विधि सलाहकार, रामऔतार बाबू व पप्पू अग्रवाल को दो दो बार तलब कर टीम ने बयान दर्ज कर इनकी वीडियोग्राफी कराई है। अवैध खनन और सिंडीकेट के नेटवर्क को खंगालने के लिए सीबीआई टीम ने रिटायर्ड खान अधिकारी रामकुमार, खनिज सर्वेयर वीबी तिवारी, खनिज विभाग का रिटायर्ड बाबू रामआसरे प्रजापति, रामनरेश लिपिक, शमीम बाबू को भी तलब कर बयान लिए हैं। एमएलसी रमेश मिश्रा के खनन कारोबार के पार्टनर कंधीलाल यादव को भी सीबीआई ने कैंप कार्यालय में दो बार तलब कर कई घंटे तक पूछताछ की है।
बेनामी संपत्ति जानने को सीबीआई ने आरोपियों के खंगाले खाते व लॉकर
तीन प्रमुख बैंकों में पहुंची सीबीआई ने जुटाए अहम दस्तावेज
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर सीबीआई की चार सदस्यीय टीम पिछले 21 जनवरी से मुख्यालय के मौदहा बांध (निर्माणखंड) के निरीक्षण भवन में बने अस्थायी कैंप कार्यालय में अवैध खनन की जांच कर रही है। सीबीआई के अधिकारी यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि नियमों को दरकिनार करते हुए मौरंग के पट्टे कैसे जारी किए गए हैं। साथ ही किसके संरक्षण में सिंडीकेट का नेटवर्क चला है।
विज्ञापन
कैंप कार्यालय में मौरंग कारोबारियों, अधिकारियों व कर्मियों से जानकारी लेने के बाद बुधवार को सीबीआई के एक अधिकारी कैंप कार्यालय से निकल सीधे पंजाब नेशनल बैंक पहुंचे। वहां करीब 20 मिनट रुकने के बाद संबंधित खनन कारोबारी आरोपियों, उनके परिजनों व फर्म के बैंक खाते व लॉकर की जानकारी लेने के साथ दस्तावेज अपने कब्जे में लिए। इसके बाद सीबीआई अधिकारी एचडीएफसी बैंक गए, जहां करीब दस मिनट रुके। यहां से काम निपटा सीबीआई अधिकारी डीएम कार्यालय में पहुंचे और स्टेनो राजेश श्रीवास्तव से बात की। करीब दस मिनट के बाद यहां से सीबीआई अधिकारी डीएम आवास पहुंचे। जहां दस मिनट रुकने के बाद फिर यहां से सीधे सुभाष बाजार स्थित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक पहुंचे, जहां करीब एक घंटे से अधिक रुककर मैनेजर से वार्ता कर खातों की जानकारी ली और लेनदेन के दस्तावेज हासिल किए। याचिकाकर्ता विजय द्विवेदी एडवोकेट ने बताया कि मौरंग कारोबारियों के खाते खंगालने के लिए सीबीआई की छानबीन जारी है। अभी और भी बैंकों में सीबीआई पहुंचकर खाते और रिकार्ड खंगाल सकती है। फिलहाल सीबीआई की जांच और कार्रवाई को लेकर मौरंग कारोबारियों में खलबली मची है।
विज्ञापन
---
मीडिया कर्मियों से बचते नजर आए सीबीआई अधिकारी
तीसरी बार फिर खनिज कार्यालय से लिए दस्तावेज
हमीरपुर। बुुधवार की दोपहर करीब दो बजे सीबीआई अधिकारी चार पहिया वाहन से कोतवाली गेट पहुंचे। वहां मीडिया कर्मियों को देख अपने वाहन को गेट पर ही रोक वाहन में बैठे रहे। इसी बीच कोतवाली का एक सिपाही गौरव भदौरिया आया और सीबीआई अधिकारी ने कुछ बात की और फिर सिपाही ने पेन से अपने हाथ की गदेली पर कुछ लिखा। इसके बाद सीबीआई अधिकारी आगे को बढ़ गए और खनिज कार्यालय पहुंचे। जहां से एक लिपिक को अपने साथ लेकर कलक्ट्रेट तक आए। यहां भी मीडिया कर्मियों के आ जाने पर सीबीआई अधिकारी लिपिक को लेकर उसे कार्यालय छोड़कर चले गए। इसके बाद खनिज अधिकारी बस स्टैंड स्थित जेके फोटो कॉपी की दुकान पहुंचे। जहां करीब दो घंटे तक अभिलेखों की फोटो कॉपी कराई और फिर उन्हें देने सीबीआई कैंप कार्यालय गए।
---
अकूत संपत्ति के बारे में जानकारी हासिल कर रही सीबीआई
जानकार बताते हैं कि मौरंग खनन से कमाई अकूत संपत्ति को कारोबारियों ने व्यवसाय में ठिकाने लगा दिया है। इसके लिए मुख्यालय स्थित एचडीएफसी बैंक से पोकलैंड, जेसीबी आदि भारी भरकम मशीनों का फाइनेंस दर्जनों कारोबारियों ने कराया है। इसकी जानकारी होने पर बुधवार को सीबीआई अधिकारी ने बैंक मैनेजर से इसके संबंध में अहम जानकारी के साथ दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर चले गए।
--
एक दिन में 13 मौरंग के जारी पट्टों पर उठे सवाल
एक ही दिन में ही सपा के पूर्वमंत्री अखिलेश यादव ने अपनी सरकार में 13 मौरंग के पट्टे जारी किए थे। इन पट्टों में विधि सलाहकार से भी कोई राय ली गई है या नहीं इसे लेकर भी सीबीआई के अधिकारी जांच कर रहे हैं। नियमों की अनदेखी कर जारी हुए मौरंग के पट्टों के संबंध में विधि सलाहकार मनोज त्रिवेदी को दो बार कैंप ऑफिस तलब कर पूछताछ की जा चुकी है।
---
तत्कालीन खान अधिकारी अभी तक नहीं हुए सीबीआई के समक्ष पेश
हमीरपुर के तत्कालीन खान अधिकारी मुईनुद्दीन अभी तक सीबीआई के सामने पेश नहीं हुए हैं। जानकार बताते हैं कि उन्हें सीबीआई ने तलब किया था लेकिन अभी तक उनकी कोई लोकेशन नहीं मिल रही है। सीबीआई इनके जरिए जुटाई गई संपत्ति को लेकर भी जांच कर रही है। कुछ कारोबारियों को तलब कर सीबीआई ने इस अधिकारी के बारे में जानकारी की है। खान अधिकारी यहां काफी समय तक तैनात भी रहे हैं।
---
आईएएस के पेश होने पर कारोबारियों की बढ़ी मुश्किलें
हमीरपुर। बुधवार को लखनऊ स्थित ईडी कार्यालय में आईएएस बी चंद्रकला के पेश होते ही मौरंग कारोबारियों की धड़कनें तेज हो गई है। इधर पिछले दो दिनों से सीबीआई ने अपनी जांच तेज कर दी है। पिछले 10 दिनों से मुख्यालय में जमी सीबीआई टीम के बाद अब ईडी के आने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता।
---
आईएएस समेत 11 मौरंग कारोबारी हैं जांच की जद में
अवैध खनन को लेकर सीबीआई पहले ही पांच जनवरी को हमीरपुर की तत्कालीन जिलाधिकारी बी चंद्रकला, खान अधिकारी मुईनुद्दीन, लोनिवि के रिटायर्ड कर्मी रामऔतार, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संजय दीक्षित उनके पिता सत्यदेव दीक्षित, करन सिंह समेत 11 मौरंग कारोबारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर चुकी है। सभी आरोपितों के खिलाफ ईडी ने भी जांच शुरू कर दी है। जानकार बताते हैं कि ईडी की कार्रवाई से पहले सीबीआई यहां आरोपितों के बैंकों में खातों की जांच कर रही है।
जांच के दौरान खातों व लॉकरों से संबंधित जो दस्तावेज मिलेंगे उन्हें ईडी को उपलब्ध कराएगी। दो दर्जन से अधिक कारोबारियों, अधिकारियों व मुनीमों का सीबीआई दर्ज कर चुकी है। आरोपी बनाए गए लोगों की प्रापर्टी में जमीनों फैक्ट्री, कालेज जैसे कार्य में लगाई गई संपत्ति का ब्योरा बटोर रही है। सीबीआई वर्ष 2009 से 2016 तक जारी 123 मौरंग के पट्टों की फाइलें खंगालने के बाद अवैध मौरंग खनन में वसूले गए सिंडीकेट के साक्ष्य जुटाने में जुटी है। अभी तक सपा एमएलसी रमेश मिश्रा, उनके भाई दिनेश मिश्रा, अंबिका उर्फ बबलू, भाभी के अलावा पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष बसपा नेता संजय दीक्षित के पिता सत्यदेव दीक्षित, मां माया देवी, देव नारायण दीक्षित, राकेश दीक्षित, अशोक कुमार, ज्वाला बाबू की पत्नी, रामऔतार बाबू, इनकी पत्नी मोतीबाई, करन सिंह, जावेद, पप्पू अग्रवाल, मुकेश पालीवाल, अरुण कुमार दुबे, पूर्व विधि सलाहकार मनोज त्रिवेदी, कंधीलाल, प्रथ्वीपाल निषाद व मुनीमों को कैंप कार्यालय तलब कर सीबीआई पूछताछ कर चुकी है। इसमे विधि सलाहकार, रामऔतार बाबू व पप्पू अग्रवाल को दो दो बार तलब कर टीम ने बयान दर्ज कर इनकी वीडियोग्राफी कराई है। अवैध खनन और सिंडीकेट के नेटवर्क को खंगालने के लिए सीबीआई टीम ने रिटायर्ड खान अधिकारी रामकुमार, खनिज सर्वेयर वीबी तिवारी, खनिज विभाग का रिटायर्ड बाबू रामआसरे प्रजापति, रामनरेश लिपिक, शमीम बाबू को भी तलब कर बयान लिए हैं। एमएलसी रमेश मिश्रा के खनन कारोबार के पार्टनर कंधीलाल यादव को भी सीबीआई ने कैंप कार्यालय में दो बार तलब कर कई घंटे तक पूछताछ की है।
बेनामी संपत्ति जानने को सीबीआई ने आरोपियों के खंगाले खाते व लॉकर
तीन प्रमुख बैंकों में पहुंची सीबीआई ने जुटाए अहम दस्तावेज