{"_id":"5b22abb94f1c1b254d8b66a6","slug":"171528998841-hamirpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जेल अधीक्षक के खिलाफ डाक्टरों का प्रदर्शन, सेवाएं ठप करने की चेतावनी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
जेल अधीक्षक के खिलाफ डाक्टरों का प्रदर्शन, सेवाएं ठप करने की चेतावनी
Updated Thu, 14 Jun 2018 11:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हमीरपुर। जिला कारागार में बालाओं के डांस करने व बंदियों की पिटाई से संबंधित वीडियो वायरल होने के मामले में जेल के वरिष्ठ चिकित्सक पर आरोप लगने पर गुरुवार को डाक्टर आक्रोशित हो गए।
इसके बाद प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के तत्वावधान में बड़ी संख्या में डाक्टरों ने जेल अधीक्षक के खिलाफ सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन किया और डीएम आरपी पांडेय को ज्ञापन देकर पूरे मामले की जांच कराने व जेल अधीक्षक को हटाए जाने की मांग की। संघ ने चेतावनी दी कि तीन दिनों के अंदर इस मामले में कार्रवाई न हुई तो जिले की चिकित्सीय सेवाएं ठप कर दी जाएगी।
11 जून को जिला कारागार में बालाओं का डांस व जेल अधीक्षक के कक्ष में कई बंदियों की बेल्टों से पिटाई का वीडियो वायरल हुआ था। इसके बाद डीआईजी जेल ने दो दिन तक मामले की जांच की। साथ ही जिलाधिकारी ने भी मामले की जांच कराई। दोनों जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी गई। इस दौरान जेल अधीक्षक ने जेल में तैनात वरिष्ठ डा. विक्रम सिंह पर वीडियो वायरल करने का आरोप लगाया।
विज्ञापन
जेल अधीक्षक के इस आरोप से जिले के सभी डाक्टरों में आक्रोश है। गुरुवार को प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के अध्यक्ष डा. आरसी वर्मा के नेतृत्व में दर्जनों डाक्टरों ने जिला अस्पताल में बैठक की। फिर प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे, यहां डीएम आरपी पांडेय को ज्ञापन देकर जेल अधीक्षक हरि बख्श सिंह के खिलाफ स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने व हटाने की मांग की।
संघ के अध्यक्ष ने बताया जेल में बंदियों को घटिया भोजन दिया जाता है। जिसके बारे में जेल के डा. विक्रम सिंह ने टिप्पणी की थी। जिसे जेल अधीक्षक ने अनदेखा किया। इस मामले को लेकर पिछले 31 मई को आईजी जेल को पत्र भी भेजा गया था। इससे नाराज होकर जेल अधीक्षक डा. सिंह पर आरोप लगा रहे हैं।
संघ ने एलान किया कि तीन दिनों के अंदर पूरे मामले की जांच कराकर जेल अधीक्षक को नहीं हटाया गया तो जिले में सभी स्वास्थ्य सेवाएं बाधित कर दी जाएगी। संघ ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, कारागार मंत्री सहित तमाम अधिकारियों को भी ज्ञापन भेजा है। इस मौके पर संघ के सचिव डा. अशोक कुमार, डा. आशुतोष निरंजन, डा. अनिल कुमार सचान, डा. राज, डा. बृजेश कुमार, डा. सुनील सचान आदि मौजूद रहे।
इस वजह से जेल अधीक्षक भड़के
जेल के डा. विक्रम सिंह ने बताया कि जेल में बंदी बाबू सिंह स्वस्थ हैं, लेकिन उसे दबाव बनाकर अस्पताल में जेल अधीक्षक ने भर्ती करवाया था। इस मामले में आपत्ति जताते हुए उन्होंने पूरी रिपोर्ट जेल अधीक्षक व आईजी जेल को एक जून को ई-मेल से भेज दी थी। जिससे जेल अधीक्षक उनसे भड़क गए हैं।
गोरे बंदियों की तलाश
बंदियों की पिटाई व कारागार में बालाओं के डांस करने का वीडियो वायरल होने के बाद जेल प्रशासन यह कहकर बच निकला कि डांस करने वाले बालाएं नहीं, बल्कि कारागार के पुरुष बंदियों ने महिलाओं के कपड़े पहनकर सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लिया था। सूत्रों की मानें तो जेल प्रशासन अब कारागार में निरुद्घ ऐसे बंदियों की तलाश कर रहा है जो दुबले पतले और गोरे हो। ताकि जेल प्रशासन यह साबित कर सके कि ये वहीं बंदी हैं जिन्होंने महिलाओं के कपड़े पहन कर डांस किया था।
जेल के चिकित्सक पर वीडियो वायरल करने के आरोप पर डाक्टर हुए नाराज
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
इसके बाद प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के तत्वावधान में बड़ी संख्या में डाक्टरों ने जेल अधीक्षक के खिलाफ सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन किया और डीएम आरपी पांडेय को ज्ञापन देकर पूरे मामले की जांच कराने व जेल अधीक्षक को हटाए जाने की मांग की। संघ ने चेतावनी दी कि तीन दिनों के अंदर इस मामले में कार्रवाई न हुई तो जिले की चिकित्सीय सेवाएं ठप कर दी जाएगी।
विज्ञापन
11 जून को जिला कारागार में बालाओं का डांस व जेल अधीक्षक के कक्ष में कई बंदियों की बेल्टों से पिटाई का वीडियो वायरल हुआ था। इसके बाद डीआईजी जेल ने दो दिन तक मामले की जांच की। साथ ही जिलाधिकारी ने भी मामले की जांच कराई। दोनों जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी गई। इस दौरान जेल अधीक्षक ने जेल में तैनात वरिष्ठ डा. विक्रम सिंह पर वीडियो वायरल करने का आरोप लगाया।
विज्ञापन
जेल अधीक्षक के इस आरोप से जिले के सभी डाक्टरों में आक्रोश है। गुरुवार को प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के अध्यक्ष डा. आरसी वर्मा के नेतृत्व में दर्जनों डाक्टरों ने जिला अस्पताल में बैठक की। फिर प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे, यहां डीएम आरपी पांडेय को ज्ञापन देकर जेल अधीक्षक हरि बख्श सिंह के खिलाफ स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने व हटाने की मांग की।
संघ के अध्यक्ष ने बताया जेल में बंदियों को घटिया भोजन दिया जाता है। जिसके बारे में जेल के डा. विक्रम सिंह ने टिप्पणी की थी। जिसे जेल अधीक्षक ने अनदेखा किया। इस मामले को लेकर पिछले 31 मई को आईजी जेल को पत्र भी भेजा गया था। इससे नाराज होकर जेल अधीक्षक डा. सिंह पर आरोप लगा रहे हैं।
संघ ने एलान किया कि तीन दिनों के अंदर पूरे मामले की जांच कराकर जेल अधीक्षक को नहीं हटाया गया तो जिले में सभी स्वास्थ्य सेवाएं बाधित कर दी जाएगी। संघ ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, कारागार मंत्री सहित तमाम अधिकारियों को भी ज्ञापन भेजा है। इस मौके पर संघ के सचिव डा. अशोक कुमार, डा. आशुतोष निरंजन, डा. अनिल कुमार सचान, डा. राज, डा. बृजेश कुमार, डा. सुनील सचान आदि मौजूद रहे।
इस वजह से जेल अधीक्षक भड़के
जेल के डा. विक्रम सिंह ने बताया कि जेल में बंदी बाबू सिंह स्वस्थ हैं, लेकिन उसे दबाव बनाकर अस्पताल में जेल अधीक्षक ने भर्ती करवाया था। इस मामले में आपत्ति जताते हुए उन्होंने पूरी रिपोर्ट जेल अधीक्षक व आईजी जेल को एक जून को ई-मेल से भेज दी थी। जिससे जेल अधीक्षक उनसे भड़क गए हैं।
गोरे बंदियों की तलाश
बंदियों की पिटाई व कारागार में बालाओं के डांस करने का वीडियो वायरल होने के बाद जेल प्रशासन यह कहकर बच निकला कि डांस करने वाले बालाएं नहीं, बल्कि कारागार के पुरुष बंदियों ने महिलाओं के कपड़े पहनकर सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लिया था। सूत्रों की मानें तो जेल प्रशासन अब कारागार में निरुद्घ ऐसे बंदियों की तलाश कर रहा है जो दुबले पतले और गोरे हो। ताकि जेल प्रशासन यह साबित कर सके कि ये वहीं बंदी हैं जिन्होंने महिलाओं के कपड़े पहन कर डांस किया था।
जेल के चिकित्सक पर वीडियो वायरल करने के आरोप पर डाक्टर हुए नाराज
अमर उजाला ब्यूरो