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दूध का नमूना फेल होने पर दो साल की सजा
Updated Sun, 19 Nov 2017 12:26 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर। 14 वर्ष पूर्व कोतवाली मौदहा कस्बे में लिए गए दूध के नमूने कम फैट पाए जाने के मामले में अदालत ने शनिवार को दूधिया को दो साल के कारावास व दो हजार रुपये का जुर्माना ठोंका है।
मौदहा कस्बा निवासी अजीमुद्दीन दूध का व्यापार करता है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी मातादीन ने छापा मारकर इसके दूध का नमूना 26 जून 2003 को लिया था।
आगरा प्रयोगशाला में हुई जांच में 18 प्रतिशत मिल्क सालिड नॉट फैट कम पाया गया। इस पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने एसीजेएम अदालत में मामला दर्ज किया। 14 साल पुराने इस मामले में एसीजेएम विकास कुमार की अदालत ने अजीमुद्दीन को दोषी पाए जाने पर दो वर्ष का कारावास व दो हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
-दो साल के कारावास व दो हजार रुपये का जुर्माना
हमीरपुर। 14 वर्ष पूर्व कोतवाली मौदहा कस्बे में लिए गए दूध के नमूने कम फैट पाए जाने के मामले में अदालत ने शनिवार को दूधिया को दो साल के कारावास व दो हजार रुपये का जुर्माना ठोंका है।
मौदहा कस्बा निवासी अजीमुद्दीन दूध का व्यापार करता है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी मातादीन ने छापा मारकर इसके दूध का नमूना 26 जून 2003 को लिया था।
आगरा प्रयोगशाला में हुई जांच में 18 प्रतिशत मिल्क सालिड नॉट फैट कम पाया गया। इस पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने एसीजेएम अदालत में मामला दर्ज किया। 14 साल पुराने इस मामले में एसीजेएम विकास कुमार की अदालत ने अजीमुद्दीन को दोषी पाए जाने पर दो वर्ष का कारावास व दो हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
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-दो साल के कारावास व दो हजार रुपये का जुर्माना