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पात्र हैं, मगर नहीं मिल सकता आवास लाभ
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हमीरपुर। प्रधानमंत्री आवास मांग रहे लाभार्थी को निराशा हाथ लगी। शिकायत पर हुई जांच के बाद डूडा टीम ने यमुना नदी की कगार पर पुश्तैनी घर होने की बात कह, कहा है कि कभी भी बाढ़ में घर बह सकता है। इसलिए दूसरे स्थान से आवेदन करें।
बीते मंगलवार को प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना से वंचित रहे शहर के मेरापुर वार्ड-12 निवासी रामशंकर ने डूडा के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगा जिलाधिकारी को शिकायत पत्र दिया था। पीड़ित ने कहा था कच्चे भवन के लिए प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना का आवेदन किया था। जिस पर उसे लाभ नहीं दिया जा रहा है। उसने डूडा कर्मचारियों पर आरोप लगाया था कि पैसा न देने पर परेशान कर रहे हैं। इस मामले में डीएम ने जांच कर रिपोर्ट तलब की। बुधवार को डूडा के परियोजना अधिकारी सुधीर कुमार कर्मियों के साथ मेरापुर पहुंचे।
डीएम को भेजी जांच रिपोर्ट में कहा है कि रामशंकर का भवन यमुना नदी की कगार पर है। जांच टीम ने कहा कि पीड़ित योजना का पात्र है, लेकिन उनका मकान यमुना नदी की बाढ़ आने के दौरान भविष्य में कभी भी नष्ट हो सकता है। ऐसे में इसे योजना का लाभ नहीं दिया जा सकता। जांच टीम ने पीड़ित से कहा है कि वह किसी अन्य जगह के लिए आवेदन करें। उन्हें तत्काल योजना का लाभ दिया जाएगा।
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बीते मंगलवार को प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना से वंचित रहे शहर के मेरापुर वार्ड-12 निवासी रामशंकर ने डूडा के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगा जिलाधिकारी को शिकायत पत्र दिया था। पीड़ित ने कहा था कच्चे भवन के लिए प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना का आवेदन किया था। जिस पर उसे लाभ नहीं दिया जा रहा है। उसने डूडा कर्मचारियों पर आरोप लगाया था कि पैसा न देने पर परेशान कर रहे हैं। इस मामले में डीएम ने जांच कर रिपोर्ट तलब की। बुधवार को डूडा के परियोजना अधिकारी सुधीर कुमार कर्मियों के साथ मेरापुर पहुंचे।
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डीएम को भेजी जांच रिपोर्ट में कहा है कि रामशंकर का भवन यमुना नदी की कगार पर है। जांच टीम ने कहा कि पीड़ित योजना का पात्र है, लेकिन उनका मकान यमुना नदी की बाढ़ आने के दौरान भविष्य में कभी भी नष्ट हो सकता है। ऐसे में इसे योजना का लाभ नहीं दिया जा सकता। जांच टीम ने पीड़ित से कहा है कि वह किसी अन्य जगह के लिए आवेदन करें। उन्हें तत्काल योजना का लाभ दिया जाएगा।
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