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बाबा निजामी के आस्ताने में उमड़े अकीदतमंद
अमर उजाला ब्यूरो, हमीरपुर
Updated Thu, 18 Feb 2016 12:34 AM IST
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सूफी संत हजरत बाबा निजामी कम्हरिया के चार दिवसीय 53वें उर्स के दूसरे दिन बुधवार को बड़ी संख्या में अकीदतमंद उमड़े। बाबा निजामी के आस्ताने पर चादरपोशी हुई। जगह-जगह लंगर का आयोजन हुआ। मेले में बच्चों के साथ-साथ बड़ों ने भी खरीददारी की। पुलिस ने आस्ताने के अंदर सुरक्षा के मद्देनजर सीसीटीवी लगाए हैं।
कस्बे के बड़े चौराहे से सात किमी दूर बिवांर मार्ग पर कम्हरिया गांव में सूफी संत हजरत बाबा निजामी का आस्ताना है। हर साल चार दिवसीय उर्स में जिले के अलावा आसपास के जिलों और अन्य प्रदेशों से लाखों लोग आते हैं। हिंदू मुस्लिम एकता के प्रतीक इस उर्स में बुधवार को श्रद्धालु भक्तों की भारी भीड़ रही।
जगह-जगह पुलिस मैजूद रही। श्रद्धालु भक्त व महिलाएं बाबा के मजार पर जियारत करने व चादरपोशी के लिए लगातार कतारबद्ध पहुंच रहे हैं। चादरपोशी का सिलसिला जारी है।
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बुधवार को 25 मीटर लंबी चादर लेकर जनपद फतेहपुर के सैकड़ों लोग कव्वाल पार्टियों के साथ बाबा की मजार पहुंचे। उधर, तमाम प्रयासों के बावजूद बिजली नदारद रही। बुधवार को दिन भर अवर अभियंता कर्मचारियों से दुरुस्त कराते रहे।
आस्ताने के बाहर अन्य जनपदों व प्रदेशों से आए बड़ी संख्या में महिला व पुरुषों का जमावड़ा रहा। क्षेत्राधिकारी उमरदराज खां व कोतवाल घनश्याम पांडेय टीम के साथ सुरक्षा व्यवस्था में जुटे रहे।
मेले में एक अस्थाई स्वास्थ्य शिविर लगा है। जिसमें हर साल की तरह राठ कस्बा निवासी बाबा के भक्त डॉ. कमाल अहमद खान निशुल्क दवा व इलाज कर रहे हैं। उन्होंने 250 उल्टी, दस्त, बुखार के मरीजो का इलाज किया।
उर्स में छह जगहों पर बाहर से आने वालों के लिए लंगर की व्यवस्था की गई है। लंगर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। कस्बे के हुसैनगंज मोहल्ला के सूफी मुख्तार अहमद निजामी की देखरेख में लंगर का आयोजन में आम लोग सहयोग रहे हैं। वहीं इसी के ठीक पीछे कम्हरिया व माचा गांव तथा मौदहा के कुछ लोग लंगर कर रहे हैं। यह लंगर बाबूजी लंबरदार के स्थान पर चल रहा है। बांदा से आए बाबा भक्त आस्ताने और बड़ी देग के पास तो चक्की घर के निकट तथा बाबा निजामी के सज्जादा नशीन ने भी लंगर का इंतजाम किया है। उधर, कस्बे के रेलवे स्टेशन व बड़े चौराहे में लंगर जारी है।
मेले में छोटी-बड़ी सैकड़ों दुकानें लगी हैं। यहां स्टील के सामान से लेकर कपड़ाें सहित महिलाओं के लिए मीना बाजार लगा है। बच्चों के लिए झूले, अप्पू घर आदि हैं। यहां कानपुर, बहराइच, बांदा, फैजाबाद सहित कई जनपदों के व्यापारियों ने दुकानें लगाई हैं। बच्चों के साथ बड़ों नेे मेेले का लु्त्फ लिया और खूब खरीददारी की। मंगलवार की रात मेले में नातिया मुशायरा हुआ तोे बुधवार की रात कव्वालियां हुईं। 19 फरवरी को बड़े कुल के साथ इस उर्स का समापन होगा।
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कस्बे के बड़े चौराहे से सात किमी दूर बिवांर मार्ग पर कम्हरिया गांव में सूफी संत हजरत बाबा निजामी का आस्ताना है। हर साल चार दिवसीय उर्स में जिले के अलावा आसपास के जिलों और अन्य प्रदेशों से लाखों लोग आते हैं। हिंदू मुस्लिम एकता के प्रतीक इस उर्स में बुधवार को श्रद्धालु भक्तों की भारी भीड़ रही।
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जगह-जगह पुलिस मैजूद रही। श्रद्धालु भक्त व महिलाएं बाबा के मजार पर जियारत करने व चादरपोशी के लिए लगातार कतारबद्ध पहुंच रहे हैं। चादरपोशी का सिलसिला जारी है।
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बुधवार को 25 मीटर लंबी चादर लेकर जनपद फतेहपुर के सैकड़ों लोग कव्वाल पार्टियों के साथ बाबा की मजार पहुंचे। उधर, तमाम प्रयासों के बावजूद बिजली नदारद रही। बुधवार को दिन भर अवर अभियंता कर्मचारियों से दुरुस्त कराते रहे।
आस्ताने के बाहर अन्य जनपदों व प्रदेशों से आए बड़ी संख्या में महिला व पुरुषों का जमावड़ा रहा। क्षेत्राधिकारी उमरदराज खां व कोतवाल घनश्याम पांडेय टीम के साथ सुरक्षा व्यवस्था में जुटे रहे।
मेले में एक अस्थाई स्वास्थ्य शिविर लगा है। जिसमें हर साल की तरह राठ कस्बा निवासी बाबा के भक्त डॉ. कमाल अहमद खान निशुल्क दवा व इलाज कर रहे हैं। उन्होंने 250 उल्टी, दस्त, बुखार के मरीजो का इलाज किया।
उर्स में छह जगहों पर बाहर से आने वालों के लिए लंगर की व्यवस्था की गई है। लंगर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। कस्बे के हुसैनगंज मोहल्ला के सूफी मुख्तार अहमद निजामी की देखरेख में लंगर का आयोजन में आम लोग सहयोग रहे हैं। वहीं इसी के ठीक पीछे कम्हरिया व माचा गांव तथा मौदहा के कुछ लोग लंगर कर रहे हैं। यह लंगर बाबूजी लंबरदार के स्थान पर चल रहा है। बांदा से आए बाबा भक्त आस्ताने और बड़ी देग के पास तो चक्की घर के निकट तथा बाबा निजामी के सज्जादा नशीन ने भी लंगर का इंतजाम किया है। उधर, कस्बे के रेलवे स्टेशन व बड़े चौराहे में लंगर जारी है।
मेले में छोटी-बड़ी सैकड़ों दुकानें लगी हैं। यहां स्टील के सामान से लेकर कपड़ाें सहित महिलाओं के लिए मीना बाजार लगा है। बच्चों के लिए झूले, अप्पू घर आदि हैं। यहां कानपुर, बहराइच, बांदा, फैजाबाद सहित कई जनपदों के व्यापारियों ने दुकानें लगाई हैं। बच्चों के साथ बड़ों नेे मेेले का लु्त्फ लिया और खूब खरीददारी की। मंगलवार की रात मेले में नातिया मुशायरा हुआ तोे बुधवार की रात कव्वालियां हुईं। 19 फरवरी को बड़े कुल के साथ इस उर्स का समापन होगा।