{"_id":"6aaecb5b433ef130310ca2ec","slug":"tax-evading-tobacco-mix-gutkha-is-being-manufactured-in-the-town-hamirpur-news-c-223-1-hmp1028-145291-2026-09-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur News: टैक्स चोरी कर कस्बे में तैयार हो रहा तंबाकू मिक्स गुटखा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur News: टैक्स चोरी कर कस्बे में तैयार हो रहा तंबाकू मिक्स गुटखा
विज्ञापन
भरुआ सुमेरपुर (हमीरपुर)। जनपद में गुटखा कारोबार की शुरुआत कस्बे से होने की बात कही जाती है। यहां लंबे समय से गली-गली गुटखा तैयार किए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। कई बार कारखानों में छापा मारी कर गुटख को सीज भी किया गया लेकिन कुछ समय बाद दोबारा कारोबार शुरू होने लगता है। कस्बे में सुपारी और तंबाकू को मिलाकर गुटखा तैयार कर दूसरे जनपदों के बाजारों में खपाए जाने की चर्चा है। वर्षों से प्रभावी कार्रवाई न होने से कारोबारियों के हौसले बुलंद बताए जा रहे हैं।
विगत दिनों मौदहा में एक गुटखा कारोबारी के यहां जीएसटी चोरी की आशंका में छापा मारी की गई थी। कार्रवाई के बीच कस्बे के गुटखा कारोबारी भी सतर्क हो गए हैं। बताया जाता है कि कस्बे में तैयार होने वाला गुटखा बुंदेलखंड के अलावा रुहेलखंड के विभिन्न जनपदों तक पहुंचाया जाता रहा है। दशकों से चल रहे कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों पर पूर्व में कई बार छापा मारी की जा चुकी है। इस दौरान बड़ी मात्रा में नकदी बरामद होने और कर चोरी से संबंधित कार्रवाई किए जाने की बातें सामने आई थीं। कुछ कारखानों को सीज भी किया गया लेकिन बाद में उनके दोबारा संचालित होने के आरोप लगते रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्तमान में भी कस्बे में तंबाकू मिक्स गुटखा तैयार कर बाजारों में खपाया जा रहा है।
कस्बे में गुटखा कारोबार से जुड़े कुछ बड़े कारोबारी हैं। कई छोटे स्तर पर भी यह काम कर रहे हैं। स्थानीय जानकारों के अनुसार यदि कारोबार और कर चोरी की शिकायतों की जांच की जाए तो बड़े पैमाने पर राजस्व चोरी का मामला सामने आ सकता है। अब देखना है कि संबंधित विभाग इन प्रतिष्ठानों की जांच कब शुरू करता है।
विज्ञापन
एसआईबी के उपायुक्त राज्य कर अवध कुमार पटेल ने बताया कि कर चोरी की सूचना मिलने पर छापा मारी कर कार्रवाई की जाती है। अगर मिक्स गुटखा बनता है तो इसमें खाद्य सुरक्षा, पुलिस और राज्य कर विभाग की संयुक्त टीम छापा मारी कर कार्रवाई करते हैं। अभी मुस्करा में जांच पड़ताल की गई है।
कर चोरी कर लाई जाती है सुपारी
लोगों पर आरोप है कि मध्य प्रदेश से कर चोरी कर सुपारी लाई जाती है। आरोप है कि बैरियरों पर जांच से बचने के लिए रात के समय ट्रकों के जरिये सुपारी को कस्बे तक पहुंचाया जाता है और इसका इस्तेमाल तंबाकू मिक्स गुटखा तैयार करने में किया जाता है। कारोबारियों के इस तरह प्रतिमाह लाखों रुपये की कर चोरी किए जाने की चर्चा है। ऐसे में संबंधित विभाग की जांच से ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
विज्ञापन
विगत दिनों मौदहा में एक गुटखा कारोबारी के यहां जीएसटी चोरी की आशंका में छापा मारी की गई थी। कार्रवाई के बीच कस्बे के गुटखा कारोबारी भी सतर्क हो गए हैं। बताया जाता है कि कस्बे में तैयार होने वाला गुटखा बुंदेलखंड के अलावा रुहेलखंड के विभिन्न जनपदों तक पहुंचाया जाता रहा है। दशकों से चल रहे कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों पर पूर्व में कई बार छापा मारी की जा चुकी है। इस दौरान बड़ी मात्रा में नकदी बरामद होने और कर चोरी से संबंधित कार्रवाई किए जाने की बातें सामने आई थीं। कुछ कारखानों को सीज भी किया गया लेकिन बाद में उनके दोबारा संचालित होने के आरोप लगते रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्तमान में भी कस्बे में तंबाकू मिक्स गुटखा तैयार कर बाजारों में खपाया जा रहा है।
विज्ञापन
कस्बे में गुटखा कारोबार से जुड़े कुछ बड़े कारोबारी हैं। कई छोटे स्तर पर भी यह काम कर रहे हैं। स्थानीय जानकारों के अनुसार यदि कारोबार और कर चोरी की शिकायतों की जांच की जाए तो बड़े पैमाने पर राजस्व चोरी का मामला सामने आ सकता है। अब देखना है कि संबंधित विभाग इन प्रतिष्ठानों की जांच कब शुरू करता है।
विज्ञापन
एसआईबी के उपायुक्त राज्य कर अवध कुमार पटेल ने बताया कि कर चोरी की सूचना मिलने पर छापा मारी कर कार्रवाई की जाती है। अगर मिक्स गुटखा बनता है तो इसमें खाद्य सुरक्षा, पुलिस और राज्य कर विभाग की संयुक्त टीम छापा मारी कर कार्रवाई करते हैं। अभी मुस्करा में जांच पड़ताल की गई है।
कर चोरी कर लाई जाती है सुपारी
लोगों पर आरोप है कि मध्य प्रदेश से कर चोरी कर सुपारी लाई जाती है। आरोप है कि बैरियरों पर जांच से बचने के लिए रात के समय ट्रकों के जरिये सुपारी को कस्बे तक पहुंचाया जाता है और इसका इस्तेमाल तंबाकू मिक्स गुटखा तैयार करने में किया जाता है। कारोबारियों के इस तरह प्रतिमाह लाखों रुपये की कर चोरी किए जाने की चर्चा है। ऐसे में संबंधित विभाग की जांच से ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।