{"_id":"5c338f23bdec22357e6cba19","slug":"191546882851-hamirpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सर्वे रिपोर्ट दबाए बैठा है जलनिगम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सर्वे रिपोर्ट दबाए बैठा है जलनिगम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गहरौली। पेयजल संकट वाले गांव में जलनिगम एकल पेयजल योजना तैयार करने में लापरवाही बरत रहा है। जल निगम ने गांव में दो माह पूर्व सर्वे कराया था, लेकिन अभी तक एस्टीमेट शासन को नहीं भेजा है। ऐसे में सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट बुंदेलखंड पेयजल योजना को पलीता लगाया जा रहा है। वहीं अधिशासी अभियंता ने कहा किसी ने एस्टीमेट भेजने के लिए निर्देशित नहीं किया है।
गहरौली में पानी का संकट है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कई वर्षों से पानी ही नहीं पहुंच रहा है। इसके अलावा जो हैंडपंप लगे हैं वे खारा पानी दे रहे हैं। इसको लेकर ग्रामीणों ने समय पर विधायक तथा ग्राम विकास मंत्री से टंकी निर्माण कराए जाने की मांग की है।
मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड पेयजल योजना के लिए ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत जनपद को भी शामिल किया है। इसी के तहत शासन के निर्देश पर गांव में अक्तूबर माह में जलनिगम ने सर्वे तो करा लिया। लेकिन दो माह बीतने के बावजूद भी एस्टीमेट बनाकर शासन को नहीं भेजा है।
विज्ञापन
यहां प्रश्न यह उठता है कि मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट को अमलीजामा कैसे पहनाया जा सकेगा। इस मामले में अधिशासी अभियंता एके सिंह ने कहा कि सर्वे तो करा लिया गया है। लेकिन अधिकारियों ने एस्टीमेट बनाकर भेजने के निर्देश नहीं दिए।
इस मामले में विधायक मनीषा अनुरागी ने कहा कि दो दिन पूर्व जिला योजना की बैठक में अधिशासी अभियंता से कड़ी नाराजगी जाहिर की है। कहा कि शीघ्र एस्टीमेट बनाकर भेजने के निर्देश दिए हैं। उधर ग्रामीणों ने इस मामले को लेकर महोबा में मुख्यमंत्री के आगमन पर उठाने की बात कही है।
ग्रामीणों ने कहा महोबा में सीएम के आगमन पर करेंगे चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
गहरौली में पानी का संकट है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कई वर्षों से पानी ही नहीं पहुंच रहा है। इसके अलावा जो हैंडपंप लगे हैं वे खारा पानी दे रहे हैं। इसको लेकर ग्रामीणों ने समय पर विधायक तथा ग्राम विकास मंत्री से टंकी निर्माण कराए जाने की मांग की है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड पेयजल योजना के लिए ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत जनपद को भी शामिल किया है। इसी के तहत शासन के निर्देश पर गांव में अक्तूबर माह में जलनिगम ने सर्वे तो करा लिया। लेकिन दो माह बीतने के बावजूद भी एस्टीमेट बनाकर शासन को नहीं भेजा है।
विज्ञापन
यहां प्रश्न यह उठता है कि मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट को अमलीजामा कैसे पहनाया जा सकेगा। इस मामले में अधिशासी अभियंता एके सिंह ने कहा कि सर्वे तो करा लिया गया है। लेकिन अधिकारियों ने एस्टीमेट बनाकर भेजने के निर्देश नहीं दिए।
इस मामले में विधायक मनीषा अनुरागी ने कहा कि दो दिन पूर्व जिला योजना की बैठक में अधिशासी अभियंता से कड़ी नाराजगी जाहिर की है। कहा कि शीघ्र एस्टीमेट बनाकर भेजने के निर्देश दिए हैं। उधर ग्रामीणों ने इस मामले को लेकर महोबा में मुख्यमंत्री के आगमन पर उठाने की बात कही है।
ग्रामीणों ने कहा महोबा में सीएम के आगमन पर करेंगे चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो