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परिषदीय विद्यालय के नौनिहालों को मिड डे मील की जगह मिलेगी तीन माह की धनराशि
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परिषदीय विद्यालय के नौनिहालों को मिड डे मील की जगह मिलेगी तीन माह की धनराशि प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को 4.97 व जूनियर के बच्चों को मिलेंगे 7.45 पैसे अध्यापक तैयार कर रहे छात्र छात्राओं के खाते की सूची संवाद न्यूज एजेंसी हमीरपुर। कोरोना-19 में लगे लॉकडाउन को लेकर तीन माह तक परिषदीय विद्यालय के नौनिहालों को मिड डे मील न मिलने से शासन ने छात्रों को नगद धनराशि उनके खातों में भेजने के निर्देश जारी किए हैं। जिसके लिए जून माह से प्रधानाध्यापक व अध्यापक छात्र छात्राओं की सूची के आधार पर उनके परिजनों के अभिलेख जमा करने में जुट गए हैं। बीएसए सतीश कुमार ने बताया कि कोरोना महामारी को लेकर 25 मार्च से लॉकडाउन लगने के कारण विद्यालय बंद हो गए थे। जिसके चलते शासन ने 25 मार्च से 30 जून तक परिषदीय विद्यालय के नौनिहालों को मिड डे मील की नगद धनराशि उनके खातों में भेजने का निर्देश दिए हैं। कहा कि अवकाश के दिन छोड़कर 76 दिन की धनराशि नौनिहालों के खातों में दिए जाएंगे। कहा कि प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को प्रतिदिन के हिसाब के प्रति बच्चा 4 रुपये 97 पैसे व राशन की दुकान से 100 ग्राम गेंहू व चावल दिए जाएंगे। कहा कि जूनियर विद्यालय के बच्चों को प्रति दिन के हिसाब से प्रति बच्चा सात रुपये 45 पैसे व 150 ग्राम चावल व गेंहू दिए जाएंगे। कहा कि धनराशि से मिड डे मील के स्थान पर पौष्टिक आहार ले सकते हैं। जब कि लॉकडाउन न लगने के पहले बच्चों को 20 मई के बाद मिड डे मील नहीं मिल पाता था। लेकिन शासन ने इस बार मिड डे मील की जगह तीन माह की धनराशि व राशन दिए जाने का निर्देश दिया है। कहा कि जिसके लिए प्रधानाध्यापक व अध्यापक छात्रों के परिजनों के बैंक पास बुक, आधार कार्ड व बैंक का आईएफसी कोड की सूची तैयार करने में जुट गए हैं। --------------------------------- 30 हजार पुस्तकों की पहले खेप पहुंची बीएसए सतीश कुमार ने बताया कि लॉकडाउन के कारण विद्यालय संचालित होने में अधिक समय लग रहा है। कहा कि 30 हजार पुस्तकों की खेप शिक्षा विभाग में आ चुकी है। जिसमें कक्षा एक की कलख व कक्षा तीन की हमारा प्रवेश की पुस्तकें हैं। कहा कि पुस्तकों का सत्यापन एसडीएम व डीएचओ की निगरानी में हो चुका है। कहा कि सोमवार को पुस्तकों की खेप चारों ब्लाकों के लिए भेज दी गई हैं। ------------------------------ जल्द जीर्णोद्धार होंगे जर्जर विद्यालय जनपद में 1173 परिषदीय विद्यालय संचालित है। जिनमें 112 विद्यालय जर्जर हालत में हैं। इन विद्यालयों की छत व दीवारें चटकी होने से नौनिहालों को खतरा रहता है। जिसकी सूचना शिक्षा विभाग ने कई बार शासन को भेजी है। बीएसए ने बताया कि जर्जर विद्यालय के जीर्णोद्वार के लिए पीडब्लूडी के अधिशाषी अभियंता की अध्यक्षता में कमेटी बनाई जा चुकी है। जिसमें आरएस विभाग को रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन लॉकडाउन होने के कारण विभाग ने रिपोर्ट नहीं भेजी है। कहा कि विद्यालय की मरम्मत ठीक कराने के लिए आरएस विभाग को 15 दिन के अंदर रिपोर्ट देने की मांग की गई है। जिससे शासन को विद्यालय की रिपोर्ट भेजी जा सके। ------------------------------------ अनामिका शुक्ला के मामले में शिक्षा विभाग ने खंगाले दस्तावेज हमीरपुर। अनामिक शुक्ला के दस्तावेजों पर फर्जी शिक्षक की नियुक्ति का मामला तूर पकड़ रहा है। बीएसए सतीश कुमार ने बताया कि अनामिक शुक्ला वाले मामले की जानकारी हुई है। जिस पर उन्होंने यू-डायस में हुई डाटा फीडिंग में सभी शिक्षकों के आधार व मोबाइल नंबर फीड करवाए हैं। कहा कि उसी फीडिंग के आधार पर सभी शिक्षकों की जांच कर अनामिक शुक्ला संबंधित मामले की जांच की जा रही है। जिसमें अभी तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि मामला गंभीर होने के कारण वह फिर से दस्तावेजों को खंगाल कर व डाटा फीडिंग के आधार पर जांच कर रहे हैं।
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