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दाखिले में विद्यार्थियों से वसूली
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दाखिले के नाम पर विद्यार्थियों से ‘वसूली’
स्नातक प्रवेश परीक्षा में विश्वविद्यालय ने लिए 750 रुपये
अब कॉलेज रजिस्ट्रेशन में ले रहे 100 से 200 रुपये
राजन राय
गोरखपुर। स्नातक की कक्षाओं में दाखिले के नाम पर विद्यार्थियों से ‘वसूली’ शुरू हो गई है। पहले गोरखपुर विश्वविद्यालय में संयुक्त प्रवेश परीक्षा के नाम पर प्रत्येक विद्यार्थी से 750 रुपये लिए गए और अब डिग्री कॉलेज में रजिस्ट्र्रेशन के नाम पर 100 से 200 रुपये जमाए कराए जा रहे हैं। एक ही कक्षा में दो बार आवेदन पत्र भरने को लेकर सवाल खड़ा होने लगे हैं। जबकि इस मामले में गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन कुछ भी कहने से बच रहा है।
गोरखपुर विश्वविद्यालय ने दो वर्ष से संबंध महाविद्यालयों में भी स्नातक की कक्षाओं में प्रवेश के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा कराना शुरू किया है। इसके पहले डिग्री कॉलेज स्वतंत्र रूप से प्रवेश लेते थे। प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए विद्यार्थियों से ऑनलाइन आवेदन फार्म भरवाए गए। इसके लिए प्रत्येक विद्यार्थी से 750 रुपये शुल्क जमा कराया गया। अभी डिग्री कॉलेजों में च्वाइस लॉक की प्रक्रिया भी शुरू नहीं की गई और इसके पहले ही रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। विश्वविद्यालय और डिग्री कॉलेजों के बीच प्रवेश परीक्षा को लेकर उपजे विवाद में विद्यार्थी पिस रहे हैं। उन्हें एक ही कक्षा में प्रवेश के लिए दो बार आवेदन फार्म शुल्क जमा करना पड़ा रहा है।
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विद्यार्थियों की कमी ने बढ़ाई मुश्किलें
गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय और संबद्ध 328 डिग्री कॉलेजों में स्नातक की कक्षाओं में 2.12 लाख सीटें हैं। प्रवेश परीक्षा में 37748 विद्यार्थी ही शामिल हुए हैं। सीटों के मुताबिक संयुक्त प्रवेश परीक्षा में शामिल प्रवेशार्थियों की संख्या महज 17 फीसदी ही हैं। यानी 83 फीसदी सीटें खाली रह जाएंगी। यही वजह है कि डिग्री कॉलेज अलग से रजिस्ट्रेशन करने लगे हैं।
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फैक्ट फाइल
कॉलेजों की संख्या : 328
स्नातक में सीटें : 2.12 लाख
प्रवेश परीक्षा में नामांकित छात्र : 37748
जिले : गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर
कोट
डिग्री कॉलेजों में प्रवेश के लिए अभी च्वाइस लॉक नहीं खोला गया है। यदि इसके पहले रजिस्ट्रेशन कराया जा रहा है तो गंभीर मामला है। प्रवेश आवेदन फार्म या रजिस्ट्रेशन का कोई शुल्क नहीं लिया जा सकता है। यह विश्वविद्यालय प्रवेश समिति के निर्णय के खिलाफ है। नियमों की अवहेलना है। कुलपति के सामने मामले को रखा जाएगा।
प्रो. राजवंत राव, स्नातक प्रवेश समन्वयक
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कुलपति को ज्ञापन सौंपकर संयुक्त प्रवेश परीक्षा का विरोध संघ ने पहले ही कर दिया था। प्रवेश परीक्षा को 94 प्रतिशत विद्यार्थियों ने नकार दिया और दूसरे विश्वविद्यालयों में प्रवेश ले लिया। स्ववित्त पोषित महाविद्यालय रजिस्ट्रेशन कर ब्योरा जुटा रहे हैं। जब विद्यार्थी नहीं होंगे तो आवंटन किसका करेंगे। संयुक्त प्रवेश परीक्षा से कई महाविद्यालय बंद होने के कगार पर आ गए हैं।
डॉ सुधीर राय, महामंत्री स्ववित्तपोषित प्रबंधक महासभा
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स्नातक प्रवेश परीक्षा में विश्वविद्यालय ने लिए 750 रुपये
अब कॉलेज रजिस्ट्रेशन में ले रहे 100 से 200 रुपये
राजन राय
गोरखपुर। स्नातक की कक्षाओं में दाखिले के नाम पर विद्यार्थियों से ‘वसूली’ शुरू हो गई है। पहले गोरखपुर विश्वविद्यालय में संयुक्त प्रवेश परीक्षा के नाम पर प्रत्येक विद्यार्थी से 750 रुपये लिए गए और अब डिग्री कॉलेज में रजिस्ट्र्रेशन के नाम पर 100 से 200 रुपये जमाए कराए जा रहे हैं। एक ही कक्षा में दो बार आवेदन पत्र भरने को लेकर सवाल खड़ा होने लगे हैं। जबकि इस मामले में गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन कुछ भी कहने से बच रहा है।
गोरखपुर विश्वविद्यालय ने दो वर्ष से संबंध महाविद्यालयों में भी स्नातक की कक्षाओं में प्रवेश के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा कराना शुरू किया है। इसके पहले डिग्री कॉलेज स्वतंत्र रूप से प्रवेश लेते थे। प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए विद्यार्थियों से ऑनलाइन आवेदन फार्म भरवाए गए। इसके लिए प्रत्येक विद्यार्थी से 750 रुपये शुल्क जमा कराया गया। अभी डिग्री कॉलेजों में च्वाइस लॉक की प्रक्रिया भी शुरू नहीं की गई और इसके पहले ही रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। विश्वविद्यालय और डिग्री कॉलेजों के बीच प्रवेश परीक्षा को लेकर उपजे विवाद में विद्यार्थी पिस रहे हैं। उन्हें एक ही कक्षा में प्रवेश के लिए दो बार आवेदन फार्म शुल्क जमा करना पड़ा रहा है।
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विद्यार्थियों की कमी ने बढ़ाई मुश्किलें
गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय और संबद्ध 328 डिग्री कॉलेजों में स्नातक की कक्षाओं में 2.12 लाख सीटें हैं। प्रवेश परीक्षा में 37748 विद्यार्थी ही शामिल हुए हैं। सीटों के मुताबिक संयुक्त प्रवेश परीक्षा में शामिल प्रवेशार्थियों की संख्या महज 17 फीसदी ही हैं। यानी 83 फीसदी सीटें खाली रह जाएंगी। यही वजह है कि डिग्री कॉलेज अलग से रजिस्ट्रेशन करने लगे हैं।
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फैक्ट फाइल
कॉलेजों की संख्या : 328
स्नातक में सीटें : 2.12 लाख
प्रवेश परीक्षा में नामांकित छात्र : 37748
जिले : गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर
कोट
डिग्री कॉलेजों में प्रवेश के लिए अभी च्वाइस लॉक नहीं खोला गया है। यदि इसके पहले रजिस्ट्रेशन कराया जा रहा है तो गंभीर मामला है। प्रवेश आवेदन फार्म या रजिस्ट्रेशन का कोई शुल्क नहीं लिया जा सकता है। यह विश्वविद्यालय प्रवेश समिति के निर्णय के खिलाफ है। नियमों की अवहेलना है। कुलपति के सामने मामले को रखा जाएगा।
प्रो. राजवंत राव, स्नातक प्रवेश समन्वयक
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कुलपति को ज्ञापन सौंपकर संयुक्त प्रवेश परीक्षा का विरोध संघ ने पहले ही कर दिया था। प्रवेश परीक्षा को 94 प्रतिशत विद्यार्थियों ने नकार दिया और दूसरे विश्वविद्यालयों में प्रवेश ले लिया। स्ववित्त पोषित महाविद्यालय रजिस्ट्रेशन कर ब्योरा जुटा रहे हैं। जब विद्यार्थी नहीं होंगे तो आवंटन किसका करेंगे। संयुक्त प्रवेश परीक्षा से कई महाविद्यालय बंद होने के कगार पर आ गए हैं।
डॉ सुधीर राय, महामंत्री स्ववित्तपोषित प्रबंधक महासभा