फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   A man who put stone on railway track cought by RPF

रेलवे ट्रैक पर पत्थर रखने वाला हिरासत में, पूछताछ जारी

Wed, 22 Feb 2017 12:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Wed, 22 Feb 2017 12:57 PM IST
विज्ञापन
A man who put stone on railway track cought by RPF
रेल पटरियों ‌की जांच करते जवान। - फोटो : Amar Ujala
बलरामपुर में रेलवे ट्रैक पर पत्थर रखने वाले शख्स को आरपीएफ ने दबोच लिया है। तीस जनवरी को गोरखपुर-गोंडा ट्रेन पत्थर से टकरा गई थी। संयोग अच्छा था कि हादसा नहीं हुआ। इसके बाद से ही आरपीएफ टीम उसकी तलाश में जुटी थी। आरपीएफ ने बलरामपुर के ही एक शख्स को मामले में तब हिरासत में ले लिया जब वह दोबारा पत्थर रखने के फिराक में था। पकड़े जाने बाद आसपास के लोगों ने उसे विक्षिप्त बताया। टीम पूछताछ कर रही है।
विज्ञापन


30 जनवरी की रात 8:05 बजे तुलसीपुर-गैसड़ी के मध्यम किमी संख्या 144/2 पर दोनों लाइनों पर रखे गए पत्थर से गोरखपुर-गोंडा सवारी गाड़ी (75007) टकरा गई थी। लोको पायलट की सूचना के बाद आरपीएफ व लूप टीआई ने जांच की तो किमी संख्या 144/4-5 पर चार टुकड़ा सीमेंट कंक्रीट का मिला। जो करीब तीन फीट तक फैला हुआ था। ट्रेन पायलट व गार्ड के बयान के बाद से जांच तेज कर दी गई। जांच में यह भी सामने आया था कि पहले भी इस तरह की हरकत की जा चुकी है। पटरियों से छेड़छाड़ पर सक्रिय आरपीएफ के एसएसई आशीष रंजन की तहरीर पर रेल अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जांच की जा रही थी। आरपीएफ ने मामले में तुलसीपुर थाना क्षेत्र के दुलहंदी निवासी भिक्की गुप्ता (40) को हिरासत में लिया है। अब तक की जांच में यह सामने आया है कि इसी ने ही पत्थर रखा था लेकिन स्थानीय लोग इसे विक्षिप्त बता रहे हैं। आरपीएफ टीम पूछताछ कर पत्थर रखवाने वालों के पहचान की कोशिश कर रही है। एनईआर के चीफ सिक्योरिटी कमिश्नर राजाराम ने बताया कि पत्थर रखने वाले शख्स को पकड़ा गया है, उससे पूछताछ की जा रही है। 
विज्ञापन

 

पैदल पेट्रोलिंग कर रेलवे पटरियों की जांच की

कानपुर हादसे के मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के बाद जारी अलर्ट को लेकर आरपीएफ टीम ने पैदल पेट्रोलिंग की। बीस किलोमीटर तक टीम पटरियों पर पेट्रोलिंग कर सुरक्षा की जांच की गई। इस दौरान ट्रैक किनारे घूम रहे कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पटरियों की निगरानी के लिए दिन और रात के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई है, जो अलग-अलग शिफ्ट में निगरानी कर रही हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


बुधवार को पहली टीम दिन में सहजनवां तक पैदल 20 किलोमीटर तक पटरियों की निगरानी की। शाम सात बजे टीम के लौटने के बाद दूसरी आरपीएफ जवानों की टीम पिपराइच की ओर निकली। पटरियों की निगरानी के लिए चीफ सिक्योरिटी कमिश्नर राजाराम के निर्देश पर आरपीएफ जवानों ने रेल पटरियों की जांच की। उन्होंने इसे लेकर मंगलवार की रात में ही जवानों की बैठक की और उन्हें अपने-अपने इलाके में प्रधानों से भी संपर्क स्थापित करने का निर्देश दिया। बुधवार को पैदल गश्त पर निकली आरपीएफ  के पहले शिफ्ट की टीम ने कई लोगों को रेल पटरियों पर घूमते हिरासत में लिया। आरपीएफ इंस्पेक्टर केएन तिवारी ने बताया कि पटरियों की पेट्रोलिंग के लिए सुबह ही पहली टीम रवाना हो गई थी। मैं खुद सहजनवां तक गया। दूसरी टीम शाम में पिपराइच के लिए रवाना की गई। 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed