{"_id":"5bbb9fc0867a55281719f51b","slug":"81539022784-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेतियाहाता में नाले में गिरकर मासूम की मौत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बेतियाहाता में नाले में गिरकर मासूम की मौत
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
Updated Mon, 08 Oct 2018 11:49 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोरखपुर। बेतियाहाता के मुंशी प्रेमचंद पार्क के पास सड़क किनारे झोपड़ी डालकर रहने वाले परिवार के एक मासूम की सोमवार की शाम निर्माणाधीन नाले में गिरने से मौत हो गई। आसपास के लोगों ने उसे बाहर निकालकर आनन फानन में जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बांसफोड़ पप्पू अपने परिवार के साथ प्रेमचंद पार्क से कुछ दूरी पर सड़क किनारे झोपड़ी डालकर रहते हैं। वहीं पिछले कुछ दिन से नाले का निर्माण कार्य चल रहा है। नाला खुला हुआ है, उस पर स्लैब नहीं है। सोमवार की शाम पप्पू का दो वर्षीय बेटा नीतेश नाले के पास शौच कर रहा था। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से वह नाले में गिर गया। इधर, कुछ देर बाद जब वह नहीं लौटा तो घर वालों ने खोजना शुरू किया। उन्हें किसी बच्चे ने बताया कि वह नाले के पास देखा गया था। इसके बाद घर वाले नाले के पास पहुंचे और नीतेश को बाहर निकाला, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। घर वालों का कहना है कि नाला ढका न होने से बेटे की जान चली गई। नीतेश मां-बाप का इकलौता बेटा था। उसकी मौत के बाद घर में मातम पसर गया है। लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन
बांसफोड़ पप्पू अपने परिवार के साथ प्रेमचंद पार्क से कुछ दूरी पर सड़क किनारे झोपड़ी डालकर रहते हैं। वहीं पिछले कुछ दिन से नाले का निर्माण कार्य चल रहा है। नाला खुला हुआ है, उस पर स्लैब नहीं है। सोमवार की शाम पप्पू का दो वर्षीय बेटा नीतेश नाले के पास शौच कर रहा था। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से वह नाले में गिर गया। इधर, कुछ देर बाद जब वह नहीं लौटा तो घर वालों ने खोजना शुरू किया। उन्हें किसी बच्चे ने बताया कि वह नाले के पास देखा गया था। इसके बाद घर वाले नाले के पास पहुंचे और नीतेश को बाहर निकाला, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। घर वालों का कहना है कि नाला ढका न होने से बेटे की जान चली गई। नीतेश मां-बाप का इकलौता बेटा था। उसकी मौत के बाद घर में मातम पसर गया है। लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन