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दो घंटे तक सड़क पर ताड़व, सहमे रहे राहगीर

Sun, 16 Jul 2017 01:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Sun, 16 Jul 2017 01:31 AM IST
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दो घंटे तक सड़क पर ताड़व, सहमे रहे राहगीर
बवाल के दौरान बीच हाइवे पर आवागमन ठप हो गया। - फोटो : Amar Ujala
जहरीली शराब से मौत का आरोप लगाकर सड़क पर उतरे लोगों ने करीब दो घंटे तक जमकर उत्पात मचाया। पहले उन्होंने जाम लगाया फिर पथराव कर दिया। इससे अफरातफरी मच गई। गाड़ियां तो क्षतिग्रस्त हुई हीं, कई राहगीर भी घायल हो गए। लोग जान बचाने को इधर-उधर भागने लगे। कई तो बाइक और सामान छोड़कर भाग गए। उग्र प्रदर्शनकारियों से बचने के लिए लोग एक-दूसरे से मदद की गुहार लगाते रहे। बाद में पुलिस ने मोर्चा संभाला और लाठियां भांजकर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। इसके बाद जब एसपी ट्रैफिक आदित्य वर्मा ने कमान संभाली तब जाकर आवागमन शुरू हो सका। इसके चलते करीब दो घंटे तक गोरखपुर-वाराणसी और गोरखपुर-लखनऊ मार्ग पर लंबा जाम लगा रहा।
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छपिया के रामू भारती की मौत बहरामपुर में हुई थी। वहां लोगों ने जब पुलिस को सूचना दी और जहरीली शराब को वजह बताया तो पुलिस ने जांच का आश्वासन दिया, मगर इसके बाद भी भीड़ उग्र हो गई और उसने चौकी पर पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान जाम के चलते रास्ते में फंसे कई लोग घायल हो गए। उत्पाती करीब आधे घंटे तक पथराव करते रहे। इस दौरान कई पुलिस वाले भी चुटहिल हो गए। उनका उग्र तेवर देख पुलिस को भागना पड़ा।
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इंस्पेक्टर ने दिखाई हिम्मत तो साथ आई पुलिस
पथराव के बाद नौसड़ पुलिस चौकी की फोर्स भाग निकली, लेकिन बेलीपार इंस्पेक्टर रवींद्र पांडेय ने हिम्मत दिखाई। उनके आगे बढ़ने पर भागे पुलिस वाले भी लौट आए। इसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा और रास्ता खाली कराया।
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पीड़ित की आड़ में कई लोगों ने किया पथराव
रामू की मौत के बाद शुरू में गांव के चंद लोग ही जाम पर बैठे थे, लेकिन कुछ ही देर में आसपास के वे लोग भी आ गए जो खुद कच्ची शराब के कारोबार से जुड़े हैं। पिछले दिनों पुलिस की ओर से कच्ची शराब के खिलाफ की गई सख्ती से खुन्नस खाए ये लोग भी चौकी पर पथराव करने लगे। उन्होंने पुलिस वालों को निशाने पर लेकर ईंट-पत्थर चलाए।

आम लोगों पर भी पड़ी पुलिस की लाठी
जाम लगाने वालों के उग्र होने के बाद जब पुलिस एक्शन में आई तो कई ऐसे लोग भी उसके गुस्से का शिकार हो गए जिनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं था। पुलिस के लाठी भांजने से कई आम लोग भी घायल हो गए।

गांव में पुलिस की दबिश से अफरातफरी
बवाल के बाद गांव में भारी संख्या में पुलिस बल ने दबिश दी। पुलिस की कार्रवाई से अफरातफरी मच गई। कच्ची शराब बनाने और पीने वाले भाग खड़े हुए। पुलिस ने कई घरों से युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इनमें ज्यादातर वो लोग थे जिन्होंने शराब पी थी।


2013 में भी हुई थी ऐसी ही घटना
नौसड़ पुलिस चौकी पर कुछ इसी तरह की घटना साल 2013 में भी हुई थी। तब उग्र भीड़ ने पथराव कर चौकी को फूंकने तक की योजना बना ली थी। उस समय लोग क्षेत्रीय पार्षद के खिलाफ नाराजगी जता रहे थे। तब भी पुलिस को लाठीचार्ज कर चौकी बचानी पड़ी थी।
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