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पुलिस के सवालों पर बेचैन हुए डॉ कफील
Updated Sun, 03 Sep 2017 02:00 AM IST
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गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज कांड में नामजद आरोपी बनाए गए डॉ. कफील खान पुलिस के सवालों से बेचैन हो गए। मेडिकल कॉलेज में नियमित नियुक्ति के बाद भी प्राइवेट प्रैक्टिस करने और ऑक्सीजन के कमी के बीच बच्चों की मौत से जुड़े कई सवाल पुलिस ने डॉ. कफील से पूछे। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। हालांकि पुलिस अफसर पूछताछ के बारे में अधिकारिक तौर पर कुछ भी कहने से बचते रहे लेकिन डॉक्टर द्वारा जुर्म कबूल करने की बात उन्होंने बताई है। सूत्रों की माने तो डॉक्टर ने सीधे तौर पर खुद की कोई जिम्मेदारी न होने की बात भी कही है।
सवाल : बेगुनाह थे तो क्यों भाग गए
जवाब : डॉक्टर ने चुप्पी साध ली
सवाल : क्या वारंट का इंतजार कर रहे थे
जवाब : मैं बेकसूर हूं
सवाल : आप इंसेफेलाइटिस वार्ड के प्रभारी थे
जवाब : मैं वार्ड का नोडल प्रभारी नहीं था
सवाल : बाहर बोर्ड आप के ही नाम का लगा है
जवाब : वह पुराना बोर्ड है
सवाल : मुख्यमंत्री दौरे के समय आप सब कुछ बताते थे फिर ऑक्सीजन के बारे में क्यों नहीं बताया
जवाब : डॉक्टर ने पुराने पत्रों का हवाल दिया, बोले मेरी बात अनसुनी की गई
सवाल : प्राइवेट प्रैक्टिस करते हैं, यह नियम का उल्लंघन नहीं
जवाब : मेरी पत्नी का नर्सिंग होम हैं, सरकारी काम छोड़कर नहीं जाता था
सवाल : ऑक्सीजन खत्म होने से पहले जिम्मेदारों को क्यों नहीं बताया
जवाब : मैंने फोन किया था, सभी को इसकी जानकारी थी
सवाल : बेगुनाह थे तो क्यों भाग गए
जवाब : डॉक्टर ने चुप्पी साध ली
सवाल : क्या वारंट का इंतजार कर रहे थे
जवाब : मैं बेकसूर हूं
सवाल : आप इंसेफेलाइटिस वार्ड के प्रभारी थे
जवाब : मैं वार्ड का नोडल प्रभारी नहीं था
सवाल : बाहर बोर्ड आप के ही नाम का लगा है
जवाब : वह पुराना बोर्ड है
सवाल : मुख्यमंत्री दौरे के समय आप सब कुछ बताते थे फिर ऑक्सीजन के बारे में क्यों नहीं बताया
जवाब : डॉक्टर ने पुराने पत्रों का हवाल दिया, बोले मेरी बात अनसुनी की गई
सवाल : प्राइवेट प्रैक्टिस करते हैं, यह नियम का उल्लंघन नहीं
जवाब : मेरी पत्नी का नर्सिंग होम हैं, सरकारी काम छोड़कर नहीं जाता था
सवाल : ऑक्सीजन खत्म होने से पहले जिम्मेदारों को क्यों नहीं बताया
जवाब : मैंने फोन किया था, सभी को इसकी जानकारी थी