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कड़ी सुरक्षा के बीच हुई डॉक्टर दंपती की पेशी
Updated Fri, 01 Sep 2017 02:04 AM IST
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गोरखपुर।
मेडिकल कॉलेज के अॅक्सीजन प्रकरण के आरोपी बनाए गए निलंबित प्राचार्य डॉ. राजीव मिश्रा उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा शुक्ला को थाने में रखने और पेशी के दौरान कड़ी सुरक्षा का इंतजाम किए गए। इसके बावजूद पेशी के दौरान डॉक्टर दंपती पर लोगों ने हमले की कोशिश की। अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इससे डॉक्टर दंपती असहज भी हुए लेकिन पुलिस की सतर्कता से हमलावर कामयाब नहीं हो सके। सुरक्षा कर्मचारी किसी तरह पूर्व प्राचार्य को दौड़ते हुए वाहन तक ले जा सके। ऑक्सीजन की कमी के बीच मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौतों से लोग नाराज थे। सबका कहना था कि इन्हीं लोगों की कारस्तानी से बच्चे मरे हैं।
डॉक्टर पूर्णिमा को पहले महिला थाने से कैंट थाने लाया गया, फिर जिला चिकित्सालय लेकर जाकर चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। इसी बीच पूर्व प्राचार्य का भी चिकित्सकीय परीक्षण हुआ। इसके बाद दोनों आरोपियों को अलग-अलग वाहन से कचहरी परिसर लाया गया। एंटी करप्शन कोर्ट में जैसे ही सुनवाई खत्म हुई, वैसे ही आरोपियों को बाहर लाया गया। कोर्ट के बाहर आते ही भीड़ ने पूर्व प्राचार्य और उनकी पत्नी को घेर लिया। आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश भी की लेकिन पुलिस के सख्त सुरक्षा इंतजाम के कारण ऐसा नहीं हो सका। एक सुर में कहा कि कमीशनबाजी में बच्चों की जान गई है। इसका कड़ा सबक जरूर मिलेगा। कुछ लोगों ने पूर्व प्राचार्य को गालियां भी दी हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि माहौल गरमा गया था। लगा कि पूर्व प्राचार्य पीट जाएंगे लेकिन मजबूत सुरक्षा घेरे के कारण ऐसा नहीं हो सका।
कैंट थाने में पत्नी से मिले पूर्व प्राचार्य
कोर्ट में पेशी से पहले डॉ. राजीव और डॉ. पूर्णिमा शुक्ला को अलग-अलग रास्ते से कैंट थाना लाया गया। इसी बीच पूर्व प्राचार्य ने पत्नी से अकेले में बात करने की इच्छा जताई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक कैंट थाने में ही पूर्व प्राचार्य और उनकी पत्नी को 10 मिनट तक मिलने की छूट दी गई। दोनों एक साथ रहे और आपस में बात करते दिखे। बाद में दोनों को एक साथ कोर्ट में पेश किया गया, फिर एक साथ जेल भेजने की कार्रवाई की गई।
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अमरमणि के वकील लड़ेंगे केस
मेडिकल कॉलेज प्रकरण में गिरफ्तार पूर्व प्राचार्य और उनकी पत्नी का केस जिला एवं सत्र न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता रमापति शुक्ला लड़ेंगे। अधिवक्ता ने वकालत नामा लगाने के साथ ही रमापति शुक्ला ने गुरुवार को मामले में पैरवी भी की। वरिष्ठ अधिवक्ता ही पूर्व मंत्री और विधायक अमरमणि त्रिपाठी का केस लड़ रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज के अॅक्सीजन प्रकरण के आरोपी बनाए गए निलंबित प्राचार्य डॉ. राजीव मिश्रा उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा शुक्ला को थाने में रखने और पेशी के दौरान कड़ी सुरक्षा का इंतजाम किए गए। इसके बावजूद पेशी के दौरान डॉक्टर दंपती पर लोगों ने हमले की कोशिश की। अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इससे डॉक्टर दंपती असहज भी हुए लेकिन पुलिस की सतर्कता से हमलावर कामयाब नहीं हो सके। सुरक्षा कर्मचारी किसी तरह पूर्व प्राचार्य को दौड़ते हुए वाहन तक ले जा सके। ऑक्सीजन की कमी के बीच मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौतों से लोग नाराज थे। सबका कहना था कि इन्हीं लोगों की कारस्तानी से बच्चे मरे हैं।
डॉक्टर पूर्णिमा को पहले महिला थाने से कैंट थाने लाया गया, फिर जिला चिकित्सालय लेकर जाकर चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। इसी बीच पूर्व प्राचार्य का भी चिकित्सकीय परीक्षण हुआ। इसके बाद दोनों आरोपियों को अलग-अलग वाहन से कचहरी परिसर लाया गया। एंटी करप्शन कोर्ट में जैसे ही सुनवाई खत्म हुई, वैसे ही आरोपियों को बाहर लाया गया। कोर्ट के बाहर आते ही भीड़ ने पूर्व प्राचार्य और उनकी पत्नी को घेर लिया। आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश भी की लेकिन पुलिस के सख्त सुरक्षा इंतजाम के कारण ऐसा नहीं हो सका। एक सुर में कहा कि कमीशनबाजी में बच्चों की जान गई है। इसका कड़ा सबक जरूर मिलेगा। कुछ लोगों ने पूर्व प्राचार्य को गालियां भी दी हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि माहौल गरमा गया था। लगा कि पूर्व प्राचार्य पीट जाएंगे लेकिन मजबूत सुरक्षा घेरे के कारण ऐसा नहीं हो सका।
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कैंट थाने में पत्नी से मिले पूर्व प्राचार्य
कोर्ट में पेशी से पहले डॉ. राजीव और डॉ. पूर्णिमा शुक्ला को अलग-अलग रास्ते से कैंट थाना लाया गया। इसी बीच पूर्व प्राचार्य ने पत्नी से अकेले में बात करने की इच्छा जताई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक कैंट थाने में ही पूर्व प्राचार्य और उनकी पत्नी को 10 मिनट तक मिलने की छूट दी गई। दोनों एक साथ रहे और आपस में बात करते दिखे। बाद में दोनों को एक साथ कोर्ट में पेश किया गया, फिर एक साथ जेल भेजने की कार्रवाई की गई।
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अमरमणि के वकील लड़ेंगे केस
मेडिकल कॉलेज प्रकरण में गिरफ्तार पूर्व प्राचार्य और उनकी पत्नी का केस जिला एवं सत्र न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता रमापति शुक्ला लड़ेंगे। अधिवक्ता ने वकालत नामा लगाने के साथ ही रमापति शुक्ला ने गुरुवार को मामले में पैरवी भी की। वरिष्ठ अधिवक्ता ही पूर्व मंत्री और विधायक अमरमणि त्रिपाठी का केस लड़ रहे हैं।