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एक तरफ चल रहा बचाव कार्य और दूसरी ओर कटान भी जारी
Updated Wed, 22 Aug 2018 11:16 PM IST
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एक तरफ चल रहा बचाव कार्य और दूसरी ओर कटान जारी
अमर उजाला ब्यूरो
तमकुहीरोड। अहिरौलीदान के कचहरी टोला में बाढ़ खंड की ओर से एक तरफ बचाव कार्य कराया जा रहा है वहीं दूसरी तरफ गंडक नदी का कटान भी जारी है। एपी बांध व गंडक नदी के बीच की दूरी लगातार घट रही है। इससे बुधवार को भी लोगों में अफरातफरी मची रही।
अहिरौलीदान का कचहरीटोला 17 दिन बाद भी गंडक नदी के निशाने पर है जबकि इस टोले के आधे से अधिक लोगों के पक्के मकान या तो कटान की चपेट में आ चुके हैं अथवा उन्हें तोड़कर मलबा हटा लिए गए हैं। बुधवार को बचाव कार्य जहां जारी रहा, वहीं गंडक नदी जिला पंचायत सदस्य अरविंद सिंह पटेल और बृजकिशोर सिंह के मकान के समीप पहुंच गई थी। इसी तरह शंकर सिंह, गोरख सिंह, रामायन सिंह, विनोद सिंह, बैरिस्टर सिंह, विक्रमा सिंह, सत्येंद्र सिंह, सूर्यदेव सिंह, विश्वनाथ सिंह, सकलदेव सिंह समेत कई अन्य लोगों के मकान अब गंडक के निशाने पर हैं। इसके भय से लोग अपने घरों को तोड़ रहे है। वहीं खतरे को भांपते हुए कुछ लोग अपने सामानों को तेजी से हटाने लगे हैं। मंगलवार की शाम एडीएम कृष्ण लाल तिवारी ने एसडीएम त्रिभुवन, बाढ़ खंड के एक्सईएन भरतराम, एसडीओ पीसी त्रिपाठी, जेई राकेश धर दुबे, ग्राम प्रधान हीरालाल यादव, जेके सिंह के साथ कटान का जायजा लिया था और बचाव कार्य में तेजी लाए जाने का निर्देश दिया था। बुधवार को कटान रोकने के कार्य की मॉनीटिरिंग कर रहे बाढ़ खंड के एक्सईएन भरत राम ने बताया कि गंडक नदी के जलस्तर में गिरावट आई है और कटान के खतरे को देखते हुए सभी संवेदनशील जगहों पर बचाव कार्य तेज कर दिया गया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
तमकुहीरोड। अहिरौलीदान के कचहरी टोला में बाढ़ खंड की ओर से एक तरफ बचाव कार्य कराया जा रहा है वहीं दूसरी तरफ गंडक नदी का कटान भी जारी है। एपी बांध व गंडक नदी के बीच की दूरी लगातार घट रही है। इससे बुधवार को भी लोगों में अफरातफरी मची रही।
अहिरौलीदान का कचहरीटोला 17 दिन बाद भी गंडक नदी के निशाने पर है जबकि इस टोले के आधे से अधिक लोगों के पक्के मकान या तो कटान की चपेट में आ चुके हैं अथवा उन्हें तोड़कर मलबा हटा लिए गए हैं। बुधवार को बचाव कार्य जहां जारी रहा, वहीं गंडक नदी जिला पंचायत सदस्य अरविंद सिंह पटेल और बृजकिशोर सिंह के मकान के समीप पहुंच गई थी। इसी तरह शंकर सिंह, गोरख सिंह, रामायन सिंह, विनोद सिंह, बैरिस्टर सिंह, विक्रमा सिंह, सत्येंद्र सिंह, सूर्यदेव सिंह, विश्वनाथ सिंह, सकलदेव सिंह समेत कई अन्य लोगों के मकान अब गंडक के निशाने पर हैं। इसके भय से लोग अपने घरों को तोड़ रहे है। वहीं खतरे को भांपते हुए कुछ लोग अपने सामानों को तेजी से हटाने लगे हैं। मंगलवार की शाम एडीएम कृष्ण लाल तिवारी ने एसडीएम त्रिभुवन, बाढ़ खंड के एक्सईएन भरतराम, एसडीओ पीसी त्रिपाठी, जेई राकेश धर दुबे, ग्राम प्रधान हीरालाल यादव, जेके सिंह के साथ कटान का जायजा लिया था और बचाव कार्य में तेजी लाए जाने का निर्देश दिया था। बुधवार को कटान रोकने के कार्य की मॉनीटिरिंग कर रहे बाढ़ खंड के एक्सईएन भरत राम ने बताया कि गंडक नदी के जलस्तर में गिरावट आई है और कटान के खतरे को देखते हुए सभी संवेदनशील जगहों पर बचाव कार्य तेज कर दिया गया है।
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