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32 लाख के गबन में बालगृह के प्रबंधक व कोषाध्यक्ष बंदी

Sun, 08 Apr 2018 11:34 PM IST
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siddharthnagar Updated Sun, 08 Apr 2018 11:34 PM IST
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32 लाख के गबन में बालगृह के प्रबंधक व कोषाध्यक्ष बंदी
प्रबंधक और कोषाध्यक्ष पुलिस की गिरफ्त में। - फोटो : अमर उजाला
डुमरियागंज (सिद्धार्थनगर)। बालिका बालगृह बयारा में प्रबंधक और कोषाध्यक्ष को वर्ष 2015-16 में अनुदान के मिले 32.5 लाख रुपये गबन करने के आरोप में रविवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। यह रुपया उन्होंने खाद्य सामग्री आपूर्ति के नाम पर दामाद, बेटी, बेटा समेत कई रिश्तेदारों में रेवड़ियों की तरह बांट दिया था। जबकि अनुदान की रकम कर्मचारियों के वेतन के साथ ही बालिकाओं के खानपान, कपड़ा, बिस्तर व अन्य सुविधाओं पर खर्च की जानी थी। लेकिन प्रबंधक राम पुजारी और कोषाध्यक्ष श्याम सुंदर ने फर्जीवाड़ा कर कुल रकम को खाद्य सामग्री आपूर्ति दिखाते हुए धन को रिश्तेदारों में बांट दिया। जिलाधिकारी ने जानकारी मिलने पर जांच कराई तो गबन सामने आया।
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गबन पर आपत्ति जताई तो नौकरी से निकाल दिया
डुमरियागंज (सिद्धार्थनगर)। बालिका बालगृह बयारा में प्रबंधक राम पुजारी ने गबन पर आपत्ति जताने पर बालगृह के कल्याण अधिकारी भगवान सिंह को नौकरी से निकाल दिया। नौकरी से हटाए जाने पर भगवान सिंह ने आरटीआई के जरिए अनुदान के इस्तेमाल की जानकारी मांगी, जिससे 32 लाख की रकम के बंदरबांट का खुलासा हुआ।
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वर्ष 2009 में भवानीगंज थाना क्षेत्र के ग्राम बयारा में बालिका बालगृह स्थापित किया गया और बालिकाओं की देखभाल के लिए कर्मचारियों की नियुक्ति हुई। वर्ष 2015-16 में बालगृह को अनुदान के रूप में शासन से दो किश्तों में कुल 32 लाख 5 हजार रुपये मिले। पहली किश्त 19.28 लाख व दूसरी किश्त 12.77 लाख रुपये की थी। यह राशि कर्मचारियों के वेतन के साथ ही बालिकाओं के खानपान, कपड़ा, बिस्तर व अन्य सुविधाओं पर खर्च की जानी थी। लेकिन प्रबंधक राम पुजारी ने इसमें फर्जीवाड़ा कर दिया। अनुदान की रकम को गबन करने पर जब बालिका बालगृह के कल्याण अधिकारी भगवान सिंह ने आपत्ति की तो उन्हें नौकरी से हटा दिया गया। इसके बाद सिंह ने सरकारी अनुदान से संबंधित मामले की जानकारी आरटीआई के जरिए मांगी। जवाब मिलने के बाद उन्होंने मामले की शिकायत डीएम से की। जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम राजेंद्र प्रसाद से पूरे मामले की जांच कराई। जांच में गबन की पुष्टि होने पर डीपीओ सतीश चंद्र को संस्था को बंद कराने का निर्देश दिया। इसके बाद यहां रहने वाली छह बालिकाओं को दूसरे बालिका बालगृह में स्थानांतरित किया गया।
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गबन सिद्ध होने के बाद पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। एसओ भवानीगंज प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि प्रबंधक व कोषाध्यक्ष श्यामसुंदर के संयुक्त हस्ताक्षर से सरकारी धन के गबन का मामला उजागर हुआ है। दोनों की सरकारी धन का गबन, कूटरचित अभिलेख तैयार करने से संबंधित धाराओं में गिरफ्तारी की गई है। कर्मचारियों की नियुक्तियों में भी धांधली की बात सामने आई है। उन्होंने बताया कि आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।


खाद्य सामग्री की आपूर्ति के नाम पर परिजनों को किया भुगतान
डुमरियागंज। बयारा बालिका बालगृह के प्रबंधक राम पुजारी ने अनुदान राशि में से गोंडा जिले के ग्राम डोमा बस्ती निवासी दामाद दीपक कुमार को 12.47 लाख रुपये, पुत्री पुष्पा को 2.14 लाख रुपये, समधी राम मनोरथ को 72 हजार, पुत्र देवानंद को 2.86 लाख, गौरव को 25 हजार, पुत्री रेनू को 2.82 लाख रुपये का चेक दे दिया। साथ ही उन्होंने भाई लालमन के नाम 50 हजार व भतीजा राजेंद्र कुमार के नाम 4.22 लाख, सहयोगी सुनीता पत्नी रमेश को 3.14 लाख का चेक दिया था। एसओ ने बताया कि प्रबंधक ने परिजनों को खाद्य सामग्री की आपूर्ति के नाम पर चेक से भुगतान किए थे, लेकिन सामग्री का विवरण और बिल पेश नहीं किया गया है।
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