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एआईएसएचई का ब्यौरा नहीं दे रहे कॉलेज
Updated Mon, 16 Oct 2017 07:48 PM IST
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गोरखपुर यूनिवर्सिटी।
- फोटो : Amar Ujala
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गोरखपुर। गोरखपुर यूनिवर्सिटी से संबद्ध 22 कॉलेजों को आल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजूकेशन (एआईएसएचई) का डाटा मानव संसाधन विकास मंत्रालय को मुहैया न कराना महंगा पड़ने वाला है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने ऐसे कॉलेजों को आखिरी मौका देते हुए ब्यौरा जल्द वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। जानकारी न देने वाले कॉलेजों की संबद्धता खत्म की जा सकती है।
कुलसचिव शत्रोहन वैश्य ने बताया कि सत्र 2016-17 का डाटा अब तक दो दर्जन कॉलेजों ने नहीं दिया है। पहले भी इन कॉलेजों को लेटर लिखकर ब्यौरा अपलोड करने के निर्देश दिए गए थे। यूनिवर्सिटी से संबद्ध 300 कॉलेजों में जानकारी नहीं देेने वाले गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर के 22 कॉलेज हैं।
क्या है एआईएसएचई
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने साल 2010-2011 में यह व्यवस्था बनाई थी। इसके तहत हर साल कॉलेजों को भौगोलिक स्थिति, शिक्षकों की संख्या, उनके बैंक एकाउंट, मानदेय, छात्रों की संख्या, वित्तीय लेनदेन, संसाधन, लाइब्रेरी, लैब, खेल मैदान, प्रति छात्र खर्च की जानकारी एआईएसएचई की वेबसाइट पर अपलोड करनी होती है।
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कुलसचिव शत्रोहन वैश्य ने बताया कि सत्र 2016-17 का डाटा अब तक दो दर्जन कॉलेजों ने नहीं दिया है। पहले भी इन कॉलेजों को लेटर लिखकर ब्यौरा अपलोड करने के निर्देश दिए गए थे। यूनिवर्सिटी से संबद्ध 300 कॉलेजों में जानकारी नहीं देेने वाले गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर के 22 कॉलेज हैं।
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क्या है एआईएसएचई
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने साल 2010-2011 में यह व्यवस्था बनाई थी। इसके तहत हर साल कॉलेजों को भौगोलिक स्थिति, शिक्षकों की संख्या, उनके बैंक एकाउंट, मानदेय, छात्रों की संख्या, वित्तीय लेनदेन, संसाधन, लाइब्रेरी, लैब, खेल मैदान, प्रति छात्र खर्च की जानकारी एआईएसएचई की वेबसाइट पर अपलोड करनी होती है।
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