{"_id":"5a43e5484f1c1bf61b8b55da","slug":"141514399048-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीड़िताओं की मदद को आए लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीड़िताओं की मदद को आए लोग
basti
Updated Thu, 28 Dec 2017 12:25 AM IST
विज्ञापन
अाश्रम पर लगा ताला।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बस्ती। संत कुटीर आश्रम के कथित बाबा सच्चिदानंद और उनके साथियों के खिलाफ दुष्कर्म समेत आरोपों में केस दर्ज होने के बाद भी उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। वहीं मंगलवार को सामने आई तीसरी पीड़िता का बुधवार को मेडिकल परीक्षण कराया गया। इससे पहले 19 दिसंबर को सामने आई दो पीड़िताओं की तहरीर पर अलग-अलग दो मुकदमे कोतवाली थाने में दर्ज हुए थे। दोनों के बयान भी हो चुके हैं। वहीं तीनों पीड़िताओं की मदद के लिए स्थानीय लोग आगे आए और आश्रम में ही उनके लिए भोजन, बिस्तर आदि का प्रबंध कराया।यूपी के कई शहरों के अलावा दिल्ली, मुंबई, छत्तीसगढ़, पंजाब समेत कई प्रदेशों में आश्रमों के नाम पर पांव पसार चुके इस कथित बाबा सच्चिदानंद का पर्दाफाश करने में जुटी पीड़िताओं पर दबाव भी बनाया जा रहा है। इसकी वे पुलिस और मीडिया से शिकायत भी कर चुकी हैं। असुरक्षा के माहौल में 19 दिसंबर को मुकदमा दर्ज कराने के बाद वे सेल्हरा लालगंज के आश्रम पर पहुंचीं थी। घटना की जानकारी होने बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है। सेल्हरा के राजाराम चौधरी, कौशल्या निषाद ने बताया कि आश्रम के अंदर रह रही पीड़िताओं के खाने-पीने, बिस्तर आदि बुनियादी जरूरतों को पूरा कराया जा रहा है। लोग चंदा-सहयोग जुटकर पीड़िताओं का हौसला बढ़ाने में लगे हैं।
गिरफ्तारी न होने पर उठ रहे सवाल
नौ दिन पूर्व सुर्खियों में आए आश्रम प्रकरण में केस दर्ज होने के बाद कथित बाबा सच्चिदानंद और उसके शागिर्दों में अब तक गिरफ्तारी न होने से पुलिस की खासी किरकिरी हो रही है। लोगों का कहना है कि छोटी-छोटी बात को संज्ञान लेने वाली पुलिस इतने बड़े मामले में जानबूझकर ढील दे रही है। वहीं एसपी संकल्प शर्मा का कहना है कि बाबा के सभी संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
अमीर बनने का दिखाया जाता था ख्वाब
2009 में बस्ती के आश्रम में आई पीड़िता का चार माह बाद पहली बार दुष्कर्म किया गया। इसके बाद में बिहार, दिल्ली, मुंबई, हापुड़, अमरोहा में यौन शोषण किया गया। मंगलवार को नामजद कराई गई आश्रम से जुड़ी और बाबा की विश्वस्त प्रमिला बाई, कमलाबाई, उर्मिला बाई और ध्यान बाई को यह काम सौंपा गया था। अब की जांच में तीन पीड़िताओं के बयानों से पूरे मामले में कई नए तथ्य सामने आए हैं। मंगलवार को तीसरी पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आश्रम की जिन चार महिलाओं के नाम उसने लिए हैं वे बालिकाओं को झांसा देकर आश्रम में रुकने के लिए फंसाती थीं। पूरा विश्वास हासिल करने के बाद असली रंग पर आती थीं। इससे पूर्व उन्हें बेहतर खानपान और लग्जरी लाइफ स्टाइल में रखा जाता था। जिससे ये उसी मनोदशा में रम जाएं। इस दौरान इन्हें जल्द अमीर बनने का भी ख्वाब भी दिखाया जाता था। इसके बाद उनकी अस्मत लूटी जाती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
गिरफ्तारी न होने पर उठ रहे सवाल
नौ दिन पूर्व सुर्खियों में आए आश्रम प्रकरण में केस दर्ज होने के बाद कथित बाबा सच्चिदानंद और उसके शागिर्दों में अब तक गिरफ्तारी न होने से पुलिस की खासी किरकिरी हो रही है। लोगों का कहना है कि छोटी-छोटी बात को संज्ञान लेने वाली पुलिस इतने बड़े मामले में जानबूझकर ढील दे रही है। वहीं एसपी संकल्प शर्मा का कहना है कि बाबा के सभी संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
विज्ञापन
अमीर बनने का दिखाया जाता था ख्वाब
2009 में बस्ती के आश्रम में आई पीड़िता का चार माह बाद पहली बार दुष्कर्म किया गया। इसके बाद में बिहार, दिल्ली, मुंबई, हापुड़, अमरोहा में यौन शोषण किया गया। मंगलवार को नामजद कराई गई आश्रम से जुड़ी और बाबा की विश्वस्त प्रमिला बाई, कमलाबाई, उर्मिला बाई और ध्यान बाई को यह काम सौंपा गया था। अब की जांच में तीन पीड़िताओं के बयानों से पूरे मामले में कई नए तथ्य सामने आए हैं। मंगलवार को तीसरी पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आश्रम की जिन चार महिलाओं के नाम उसने लिए हैं वे बालिकाओं को झांसा देकर आश्रम में रुकने के लिए फंसाती थीं। पूरा विश्वास हासिल करने के बाद असली रंग पर आती थीं। इससे पूर्व उन्हें बेहतर खानपान और लग्जरी लाइफ स्टाइल में रखा जाता था। जिससे ये उसी मनोदशा में रम जाएं। इस दौरान इन्हें जल्द अमीर बनने का भी ख्वाब भी दिखाया जाता था। इसके बाद उनकी अस्मत लूटी जाती थी।
विज्ञापन