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न्याय को आए थे, मदद देकर इंस्पेक्टर ने जीत लिया दिल
Sun, 10 Feb 2019 01:31 AM IST
ajay Kumar
अमर उजाला ब्यूूूराे
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Published by: ajay Kumar
Updated Sun, 10 Feb 2019 01:31 AM IST
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नीरज राय
- फोटो : amar ujala
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सरदारनगर (गोरखपुर)। ‘पटीदारे के साथे मार हो गईल रहे। रामदयाल के बड़ी घाव लगल बा। मेडिकल कालेज ले गईले पे डॉक्टर साहब लखनऊ ले जाए के कहले बाटें। इलाज खातिर रुपया नाहीं बा। चौकियो पर कुछ खर्चा लागी। कहां से देब। चल ए मन, जौन होई देखल जाई।’ मन में शायद कुछ ऐसा ही डर लेकर शनिवार को रामदयाल के परिवार के लोग चौरीचौरा थाने पर एफआईआर कराने पहुंचे लेकिन यहां उनकी सोच बदल गई। इंस्पेक्टर नीरज राय ने न केवल उनकी शिकायत दर्ज की बल्कि पूरी स्थिति जानने के बाद घायल रामदयाल के इलाज के लिए दस हजार की मदद भी की। आगे भी मदद का भरोसा पाकर पीड़ित परिवार ने राहत महसूस की।
सतहवां के रहने वाले रामदयाल और उनके पट्टीदार के बीच मारपीट हो गई थी। उपचार के लिए रामदयाल को अस्पताल में भर्ती कराया गया। मेडिकल कॉलेज से डॉक्टरों ने उसे पीजीआई रेफर कर दिया। परिवार वालों के पास उसके इलाज के लिए रुपये नहीं थे। थाने पर आरोपियों पर कार्रवाई की फरियाद लेकर पहुंचे। इसी दौरान इंस्पेक्टर के सामने परिवार वाले रोने लगे। बोले कि रामदयाल की हालत गंभीर है और इलाज के लिए रुपये नहीं है। इस पर इंस्पेक्टर ने तत्काल दस हजार रुपये की आर्थिक मदद की और आगे भी मदद का भरोसा दिलाया। इस तरह की मदद कर नीरज ने न केवल पुलिस की छवि बदली बल्कि पीड़ित परिवार का दिल भी जीत लिया।
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सतहवां के रहने वाले रामदयाल और उनके पट्टीदार के बीच मारपीट हो गई थी। उपचार के लिए रामदयाल को अस्पताल में भर्ती कराया गया। मेडिकल कॉलेज से डॉक्टरों ने उसे पीजीआई रेफर कर दिया। परिवार वालों के पास उसके इलाज के लिए रुपये नहीं थे। थाने पर आरोपियों पर कार्रवाई की फरियाद लेकर पहुंचे। इसी दौरान इंस्पेक्टर के सामने परिवार वाले रोने लगे। बोले कि रामदयाल की हालत गंभीर है और इलाज के लिए रुपये नहीं है। इस पर इंस्पेक्टर ने तत्काल दस हजार रुपये की आर्थिक मदद की और आगे भी मदद का भरोसा दिलाया। इस तरह की मदद कर नीरज ने न केवल पुलिस की छवि बदली बल्कि पीड़ित परिवार का दिल भी जीत लिया।
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