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मोदी ने समझाया खेती की लागत कम करने और आमदनी बढ़ाने का तरीका
siddharthnagar
Updated Wed, 11 Apr 2018 11:08 PM IST
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सिद्धार्थनगर जिले के इटवा विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ.सतीश द्विवेदी।
- फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को इटवा विधायक डॉ.सतीश द्विवेदी से सीधा संवाद किया। किसानों की आय दोगुनी करने के मुद्दे पर राय जानी और सुझाव दिए। छोटी-छोटी बातों को अपनाकर खेती की लागत कम करने और आमदनी बढ़ाने का तरीका समझाया। इसे गांव-गांव तक किसानों के बीच पहुंचाकर आय बढ़ाने में मदद के लिए प्रेरित किया।
करीब पांच मिनट की वार्ता में प्रधानमंत्री ने विधायक को देश के अति आकांक्षी जिलों की सूची से सिद्धार्थनगर को बाहर निकालने में सक्रिय भूमिका निभाने का भी दायित्व सौंपा। डॉ.सतीश द्विवेदी ने बताया कि सीधी बात के दौरान प्रधानमंत्री ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए खेती के पारंपरिक तरीकों में बदलाव पर जोर दिया। कहा कि अब तक किसान वही खेती करते आए हैं, जो अपने पूर्वजों से सीखी है। अज्ञानता और सिर्फ एक-दूसरे को देखकर खेतों में अंधाधुंध खाद, दवा का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे खर्च बढ़ रहा है। इस खर्च को कम करने की जरूरत है। किसानों को मिट्टी के हेल्थ कार्ड की उपयोगिता बताएं। मिट्टी की जरूरत के अनुसार ही खाद-दवा देने को जागरुक करें। उन्हें बताएं कि वही खेती करें, जिसके लिए मिट्टी अनुकूल है। अच्छे खाद, अच्छे बीज, समय से सिंचाई कराएं।
विधायक ने बताया कि प्रधानमंत्री ने किसानों को ई-मार्केटिंग से जोडने पर जोर देते हुए कहा कि रजिस्ट्रेशन कराने के बाद किसान अपनी उपज को मंडियों में ले जाएं। एक ही गांव के कई किसान एक साथ मंडी तक उपज ले जाएंगे तो इससे उनका ढुलाई खर्च भी कम होगा। किसान अज्ञानता में अपने खेतों में फसल अवशेष को जलाता है, जिससे मिट्टी की मूल्यवान चीजें भी नष्ट हो जाती है। इसे रोकना होगा। पशुपालन, मधुमक्खी पालन, पोल्ट्री जैसे अन्य तरीकों से जोड़कर किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है।
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ग्राम स्वराज अभियान में हिस्सेदारीप्रधानमंत्री ने आंबेडकर जयंती 14 अपैल से 5 मई तक केंद्र सरकार की तरफ से पूरे देश में चलाए जाने वाले ग्राम स्वराज अभियान में सांसदों और विधायकों की सक्रिय भागीदारी को कहा। यह भी कहा कि 50 प्रतिशत से अधिक दलित बहुल गांवों में पार्टी के लोग रात्रि प्रवास करें और उन्हें दलितों के लिए किए गए कामों की जानकारी दें। उन्होंने 18 अप्रैल को स्वच्छ भारत अभियान, 20 को उज्ज्वला दिवस, 24 को पंचायती राज दिवस, 30 को आयुष्मान भारत दिवस और 5 मई को कारीगर कल्याण दिवस मनाकर लोगों को इन तबकों के लिए शुरू किए गए काम बताने का आह्वान किया।
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करीब पांच मिनट की वार्ता में प्रधानमंत्री ने विधायक को देश के अति आकांक्षी जिलों की सूची से सिद्धार्थनगर को बाहर निकालने में सक्रिय भूमिका निभाने का भी दायित्व सौंपा। डॉ.सतीश द्विवेदी ने बताया कि सीधी बात के दौरान प्रधानमंत्री ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए खेती के पारंपरिक तरीकों में बदलाव पर जोर दिया। कहा कि अब तक किसान वही खेती करते आए हैं, जो अपने पूर्वजों से सीखी है। अज्ञानता और सिर्फ एक-दूसरे को देखकर खेतों में अंधाधुंध खाद, दवा का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे खर्च बढ़ रहा है। इस खर्च को कम करने की जरूरत है। किसानों को मिट्टी के हेल्थ कार्ड की उपयोगिता बताएं। मिट्टी की जरूरत के अनुसार ही खाद-दवा देने को जागरुक करें। उन्हें बताएं कि वही खेती करें, जिसके लिए मिट्टी अनुकूल है। अच्छे खाद, अच्छे बीज, समय से सिंचाई कराएं।
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विधायक ने बताया कि प्रधानमंत्री ने किसानों को ई-मार्केटिंग से जोडने पर जोर देते हुए कहा कि रजिस्ट्रेशन कराने के बाद किसान अपनी उपज को मंडियों में ले जाएं। एक ही गांव के कई किसान एक साथ मंडी तक उपज ले जाएंगे तो इससे उनका ढुलाई खर्च भी कम होगा। किसान अज्ञानता में अपने खेतों में फसल अवशेष को जलाता है, जिससे मिट्टी की मूल्यवान चीजें भी नष्ट हो जाती है। इसे रोकना होगा। पशुपालन, मधुमक्खी पालन, पोल्ट्री जैसे अन्य तरीकों से जोड़कर किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है।
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ग्राम स्वराज अभियान में हिस्सेदारीप्रधानमंत्री ने आंबेडकर जयंती 14 अपैल से 5 मई तक केंद्र सरकार की तरफ से पूरे देश में चलाए जाने वाले ग्राम स्वराज अभियान में सांसदों और विधायकों की सक्रिय भागीदारी को कहा। यह भी कहा कि 50 प्रतिशत से अधिक दलित बहुल गांवों में पार्टी के लोग रात्रि प्रवास करें और उन्हें दलितों के लिए किए गए कामों की जानकारी दें। उन्होंने 18 अप्रैल को स्वच्छ भारत अभियान, 20 को उज्ज्वला दिवस, 24 को पंचायती राज दिवस, 30 को आयुष्मान भारत दिवस और 5 मई को कारीगर कल्याण दिवस मनाकर लोगों को इन तबकों के लिए शुरू किए गए काम बताने का आह्वान किया।