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जिला अस्पताल के केंद्रीय दवाखाने में छापा
Wed, 06 Mar 2019 01:04 AM IST
ajay Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Published by: ajay Kumar
Updated Wed, 06 Mar 2019 01:04 AM IST
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गोरखपुर। जिला अस्पताल के केंद्रीय दवाखाने में छापा मारकर औषधि निरीक्षक संदीप कुमार ने मंगलवार को एक दवा का नमूना लिया और इसके वितरण पर रोक लगा दी। औषधि निरीक्षक ने सप्लाई देने वाले भालोटिया बाजार स्थित मानस मेडिकल स्टोर पर भी छापा मारा, लेकिन यहां इस दवा का स्टाक नहीं मिला। इसके चलते नमूना भी नहीं लिया जा सका।
औषधि निरीक्षक संदीप कुमार के मुताबिक दो दिन पहले एक व्यक्ति ने जिला अस्पताल से मिली लोसाटन 50 दवा की गुणवत्ता खराब होने की लिखित शिकायत की थी। साथ ही अस्पताल से मिला दवा का पत्ता भी उपलब्ध कराया था। छापे के दौरान अस्पताल के स्टोर में मंगलवार को इस दवा की 2600 टेबलेट मिलीं। इनमें से 160 टैबलेट का नूमना लेकर जांच के लिए भेजा गया। साथ ही बाकी स्टॉक के वितरण पर रोक लगा दी गई। जांच में पता चला कि दवा की सप्लाई भालोटिया बाजार के मानस मेडिकल स्टोर से की गई थी। वहां भी जांच की गई, लेकिन दवा का स्टाक नहीं था। जानकारी दी गई कि 2017 में उक्त दवा की जितनी मांग जिला अस्पताल से की गई थी, उतनी उपलब्ध करा दी गई थी। स्टोर की जांच में कई दवाओं का बिल नहीं दिखाया गया। साथ ही जो बिल दिखाए गए उनपर दवाओं की एक्सपायरी का जिक्र नहीं था। नमूने की रिपोर्ट में अगर दवा अधोमानक मिली तो निर्माता के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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औषधि निरीक्षक संदीप कुमार के मुताबिक दो दिन पहले एक व्यक्ति ने जिला अस्पताल से मिली लोसाटन 50 दवा की गुणवत्ता खराब होने की लिखित शिकायत की थी। साथ ही अस्पताल से मिला दवा का पत्ता भी उपलब्ध कराया था। छापे के दौरान अस्पताल के स्टोर में मंगलवार को इस दवा की 2600 टेबलेट मिलीं। इनमें से 160 टैबलेट का नूमना लेकर जांच के लिए भेजा गया। साथ ही बाकी स्टॉक के वितरण पर रोक लगा दी गई। जांच में पता चला कि दवा की सप्लाई भालोटिया बाजार के मानस मेडिकल स्टोर से की गई थी। वहां भी जांच की गई, लेकिन दवा का स्टाक नहीं था। जानकारी दी गई कि 2017 में उक्त दवा की जितनी मांग जिला अस्पताल से की गई थी, उतनी उपलब्ध करा दी गई थी। स्टोर की जांच में कई दवाओं का बिल नहीं दिखाया गया। साथ ही जो बिल दिखाए गए उनपर दवाओं की एक्सपायरी का जिक्र नहीं था। नमूने की रिपोर्ट में अगर दवा अधोमानक मिली तो निर्माता के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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