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जीवन के खूबसूरत रंगों को बयां करती पेंटिंग ने मोहा मन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Sun, 18 Feb 2018 07:49 PM IST
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अमृता कला वीथिका में रविवार को प्रदर्शनी की शुरुआत हुई।
- फोटो : Amar Ujala
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उत्तर प्रदेश राज्य ललित कला अकादमी की ओर से तीन दिवसीय क्षेत्रीय कला प्रदर्शनी का उद्घाटन रविवार को गोरखपुर यूनिवर्सिटी की अमृता कला वीथिका में हुआ। एक तरफ जीवन के खूबसूरत रंगों को बयां करती प्राकृतिक नजारों को दर्शाती, ख्वाहिशों की उड़ान भरती, भूली बिसरी यादें पेंटिंग ने लोगों का मन मोहा। वहीं लव जेहाद, महिलाओं को न्याय, उत्पीड़न, नारी सहनशीलता पर आधारित पेंटिंग सामाजिक बदलाव की खूबियां पेश करने के साथ ही इनमें परंपराओं को सहेजने की चिंता भी झलक दिखी। चार साल बाद आयोजित इस प्रदर्शनी को देखने के लिए पूरे दिन लोगों के अमृता कला वीथिका में आने का सिलसिला लगा रहा।
प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्य अतिथि नगर विधायक डॉ. आरएमडी अग्रवाल ने दीप जलाकर किया। उन्होंने कहा कि कलाकार की कला के पीछे कितनी कठिन साधना छिपी होती है, इसका अनुमान उस कलाकार से अधिक बेहतर और कोई नहीं समझ सकता। किसी कलाकार की कलाकृति का अवलोकन करने वाला दर्शक केवल उस कलाकृति की खूबसूरती और गुण की चर्चा भर करता है, लेकिन इसके पीछे छिपे संघर्ष और कष्ट की कल्पना नहीं कर पाता।
विशिष्ट अतिथि राज्य ललित कला अकादमी के सचिव डॉ. यशवंत सिंह राठौर ने कहा कि राज्य ललित कला अकादमी सीमित संसाधनों के बावजूद क्षेत्र के कलाकारों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने और उन्हें अवसर प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। अध्यक्षता प्रभारी कुलपति प्रो. एसके दीक्षित ने किया। अतिथियों का स्वागत ललित कला एवं संगीत विभाग की हेड और संयोजक डॉ. ऊषा सिंह ने किया। इस अवसर पर प्रो. सतेंद्र सिंह, प्रो. हर्ष कुमार सिन्हा, प्रो. अनुभूति दुबे, प्रो. सुषमा पांडेय, प्रो. दिव्या रानी सिंह, प्रो. नफीस अहमद, डॉ. राजीव केतन, राकेश श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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तीन सर्वश्रेष्ठ कृतियां हुईं पुरस्कृत
प्रदर्शनी में 107 कलाकृतियों में से उत्कृष्ट 46 कलाकृतियों को क्षेत्रीय कला प्रदर्शनी में स्थान मिला है। इसमें से मऊ की अभिलाषा सिंह, गोरखपुर के भाष्कर विश्वकर्मा और मिर्जापुर के विवेक कुमार पाठक की सर्वश्रेष्ठ कृतियों को मुख्य अतिथियों ने पुरस्कृत किया। इस दौरान उन्हें 10 हजार नकद, ट्राफी और प्रमाण पत्र प्रदान किया।
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प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्य अतिथि नगर विधायक डॉ. आरएमडी अग्रवाल ने दीप जलाकर किया। उन्होंने कहा कि कलाकार की कला के पीछे कितनी कठिन साधना छिपी होती है, इसका अनुमान उस कलाकार से अधिक बेहतर और कोई नहीं समझ सकता। किसी कलाकार की कलाकृति का अवलोकन करने वाला दर्शक केवल उस कलाकृति की खूबसूरती और गुण की चर्चा भर करता है, लेकिन इसके पीछे छिपे संघर्ष और कष्ट की कल्पना नहीं कर पाता।
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विशिष्ट अतिथि राज्य ललित कला अकादमी के सचिव डॉ. यशवंत सिंह राठौर ने कहा कि राज्य ललित कला अकादमी सीमित संसाधनों के बावजूद क्षेत्र के कलाकारों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने और उन्हें अवसर प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। अध्यक्षता प्रभारी कुलपति प्रो. एसके दीक्षित ने किया। अतिथियों का स्वागत ललित कला एवं संगीत विभाग की हेड और संयोजक डॉ. ऊषा सिंह ने किया। इस अवसर पर प्रो. सतेंद्र सिंह, प्रो. हर्ष कुमार सिन्हा, प्रो. अनुभूति दुबे, प्रो. सुषमा पांडेय, प्रो. दिव्या रानी सिंह, प्रो. नफीस अहमद, डॉ. राजीव केतन, राकेश श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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तीन सर्वश्रेष्ठ कृतियां हुईं पुरस्कृत
प्रदर्शनी में 107 कलाकृतियों में से उत्कृष्ट 46 कलाकृतियों को क्षेत्रीय कला प्रदर्शनी में स्थान मिला है। इसमें से मऊ की अभिलाषा सिंह, गोरखपुर के भाष्कर विश्वकर्मा और मिर्जापुर के विवेक कुमार पाठक की सर्वश्रेष्ठ कृतियों को मुख्य अतिथियों ने पुरस्कृत किया। इस दौरान उन्हें 10 हजार नकद, ट्राफी और प्रमाण पत्र प्रदान किया।