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निर्भया के दोषियों को फांसी पर महिलाओं में खुशी
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गोंडा में उर्मिला पांडेय
- फोटो : GONDA
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गोंडा। दिल्ली के निर्भया कांड से पूरे देश के लोगों को हिलाकर रख दिया था। महिला सुरक्षा को लेकर हर कोई चिंतित दिखा। कांड के आरोपियों ने फांसी से बचने के लिए कई दांव चले, लेकिन न्याय पालिका ने निर्भया के साथ न्याय किया और दोषियों को फांसी दे दी। महिलाओं ने कहा कि ऐसे दरिंदों को फांसी की ही सजा देनी चाहिए, ऐसे मामलों के जो और भी आरोपित हों उन्हें भी फांसी की सजा मिले।
निर्भया कांड हर महिला की सुरक्षा से जुड़ा था। ऐसे दरिंदों को फांसी की सजा देकर न्याय पालिका ने पूरे महिला समाज को एक सुरक्षा का माहौल देने का काम किया है। ऐसे दरिंदों को फांसी की सजा ही मिलनी चाहिए। महिलाओं की ओर आंख उठाने से पहले अब लोग सोचेंगे। - उर्मिला पांडेय
निर्भया कांड के आरोपितों को फांसी मिलने से समाज को एक संदेश गया है कि अब कोई कानून को खिलवाड़ न समझे। न्याय पालिका ने दरिंदों को फांसी लटकाकर महिलाओं की समाजिक मजबूती की दिशा में बड़ा कार्य किया है। न्याय पालिका ने निर्भया के परिवार के साथ ही नही देश को न्याय दिया है। - रश्मि श्रीवास्तव
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निर्भया कांड मन में समा चुका था और इंतजार था कि दोषियों को फांसी कब मिलेगी। शुक्रवार की सुबह फांसी की सजा होने पर काफी अच्छा लगा, ऐसे दरिंदों को कठोर सजा न मिलती तो समाज के दूषित मानसिकता के लोगों को सजा का आभास नही होता। अब समाज में न्याय का संदेश गया है। - स्वाती सिन्हा
महिलाओं के साथ अन्याय तभी बंद होगा, जब उनके साथ होने वाले अपराध में कठोर निर्णय हो। निर्भया कांड के फैसले से महिलाओं की सुरक्षा को ताकत मिली है और उनका विश्वास न्याय पर बढ़ा है। कई दांवपेंच के बाद भी दरिंदों को सजा मिली, ऐसे असुरक्षा का माहौल खत्म हुआ है। - पिंकी आनंद
नारी के सम्मान से ही सामाजिक सुरक्षा संभव है और महिलाओं के साथ अन्याय व दरिंदगी करने वालों को फांसी की सजा ही मिलनी चाहिए। निर्भया के दोषियों को फांसी होने से आज उसकी आत्मा को शांति मिली है, साथ ही नारी को सामाजिक सुरक्षा व न्यायिक सुरक्षा का कवच मिला है। -डॉ. अनीता मिश्रा
निर्भया कांड के दोषियों को फांसी देकर न्यायपालिका ने साबित कर दिया कि दांवपेंच काम नहीं आएगा, पीड़ित के साथ न्याय होकर रहेगा। दोषियों को फांसी होने से मन को शांति तो मिली ही है, सुरक्षा और न्याय का भाव भी बढ़ा है। ऐसे ही फैसले होने चाहिए। - शक्ति त्रिपाठी
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निर्भया कांड हर महिला की सुरक्षा से जुड़ा था। ऐसे दरिंदों को फांसी की सजा देकर न्याय पालिका ने पूरे महिला समाज को एक सुरक्षा का माहौल देने का काम किया है। ऐसे दरिंदों को फांसी की सजा ही मिलनी चाहिए। महिलाओं की ओर आंख उठाने से पहले अब लोग सोचेंगे। - उर्मिला पांडेय
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निर्भया कांड के आरोपितों को फांसी मिलने से समाज को एक संदेश गया है कि अब कोई कानून को खिलवाड़ न समझे। न्याय पालिका ने दरिंदों को फांसी लटकाकर महिलाओं की समाजिक मजबूती की दिशा में बड़ा कार्य किया है। न्याय पालिका ने निर्भया के परिवार के साथ ही नही देश को न्याय दिया है। - रश्मि श्रीवास्तव
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निर्भया कांड मन में समा चुका था और इंतजार था कि दोषियों को फांसी कब मिलेगी। शुक्रवार की सुबह फांसी की सजा होने पर काफी अच्छा लगा, ऐसे दरिंदों को कठोर सजा न मिलती तो समाज के दूषित मानसिकता के लोगों को सजा का आभास नही होता। अब समाज में न्याय का संदेश गया है। - स्वाती सिन्हा
महिलाओं के साथ अन्याय तभी बंद होगा, जब उनके साथ होने वाले अपराध में कठोर निर्णय हो। निर्भया कांड के फैसले से महिलाओं की सुरक्षा को ताकत मिली है और उनका विश्वास न्याय पर बढ़ा है। कई दांवपेंच के बाद भी दरिंदों को सजा मिली, ऐसे असुरक्षा का माहौल खत्म हुआ है। - पिंकी आनंद
नारी के सम्मान से ही सामाजिक सुरक्षा संभव है और महिलाओं के साथ अन्याय व दरिंदगी करने वालों को फांसी की सजा ही मिलनी चाहिए। निर्भया के दोषियों को फांसी होने से आज उसकी आत्मा को शांति मिली है, साथ ही नारी को सामाजिक सुरक्षा व न्यायिक सुरक्षा का कवच मिला है। -डॉ. अनीता मिश्रा
निर्भया कांड के दोषियों को फांसी देकर न्यायपालिका ने साबित कर दिया कि दांवपेंच काम नहीं आएगा, पीड़ित के साथ न्याय होकर रहेगा। दोषियों को फांसी होने से मन को शांति तो मिली ही है, सुरक्षा और न्याय का भाव भी बढ़ा है। ऐसे ही फैसले होने चाहिए। - शक्ति त्रिपाठी