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Gonda News: तीन महीने से पानी में डूबे खेत, 600 बीघा धान बर्बाद
Sun, 06 Sep 2026 11:27 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 06 Sep 2026 11:27 PM IST
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पथवलिया में पानी से गुजरकर आते ग्रामीण। -संवाद
गोंडा। मुख्यालय से सटे पथवलिया क्षेत्र के आसपास के गांवों में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। तीन महीने से बारिश का पानी खेतों और रास्तों में भरा होने से करीब 600 बीघे में लगी धान की फसल बर्बाद हो गई। रेलवे के अंडरपास में पानी भरा होने से करीब चार हजार ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित है। ग्रामीणों को शहर आने-जाने के लिए करीब छह किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। समस्या से नाराज ग्रामीणों ने रविवार को रेलवे लाइन के पास प्रदर्शन कर जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग उठाई। पथवलिया निवासी धनलाल दूबे ने बताया कि क्षेत्र में करीब छह सौ बीघा में धान की बोआई हुई थी। खेतों में लगातार जलभराव रहने से फसल डूबकर बर्बाद हो गई है। अजीत यादव ने बताया कि करीब तीन महीने से पानी भरा है। जलनिकासी के लिए नाला निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है। शैलेंद्र चतुर्वेदी ने कहा कि जलभराव के कारण किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। छात्र लवकुश दूबे ने बताया कि अंडरपास बंद होने के कारण बच्चों को स्कूल जाने के लिए करीब छह किलोमीटर का अतिरिक्त रास्ता तय करना पड़ रहा है। इससे समय और मेहनत दोनों अधिक लग रहे हैं।
कजरीतीज पर करेंगे अनोखा प्रदर्शन
जलभराव की समस्या से नाराज ग्रामीणों ने अब अनोखे तरीके से विरोध करने की तैयारी की है। ग्रामीण ज्ञान दूबे ने बताया कि कजरीतीज पर सरयू नदी से जल लाकर महादेव को अर्पित करने की परंपरा है। इस बार ग्रामीण जलभराव का पानी एकत्र कर जिम्मेदारों की चौखट पर जल अर्पित करेंगे।
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कजरीतीज पर करेंगे अनोखा प्रदर्शन
जलभराव की समस्या से नाराज ग्रामीणों ने अब अनोखे तरीके से विरोध करने की तैयारी की है। ग्रामीण ज्ञान दूबे ने बताया कि कजरीतीज पर सरयू नदी से जल लाकर महादेव को अर्पित करने की परंपरा है। इस बार ग्रामीण जलभराव का पानी एकत्र कर जिम्मेदारों की चौखट पर जल अर्पित करेंगे।

पथवलिया में पानी से गुजरकर आते ग्रामीण। -संवाद
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