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Gonda News: सद्दाम को देख सहमी पत्नी रुबीना
Thu, 20 Jul 2023 11:09 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 20 Jul 2023 11:09 PM IST
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सद्दाम उर्फ रंजीत। संवाद
गोंडा। आतंकी गतिविधियों के आरोपी सद्दाम शेख उर्फ रंजीत सिंह के बारे में हर पहलू पर बारीकी से पड़ताल की जा रही है। एटीएस की 15 सदस्यीय टीम गुरुवार को सद्दाम को लेकर करनपुर के पठानपुरवा पहुंची। जहां पत्नी रुबीना से उसका सामना कराया गया। सद्दाम को देखकर पत्नी रुबीना सहम गई मगर एटीएस पर उसे भरोसा दिखा। एके-47 से लैस कमांडो के सुरक्षा घेरे में सद्दाम नजरें झुकाए खड़ा रहा। वह किसी सवाल के जवाब में ही सिर ऊपर उठाता। इस दौरान सद्दाम ने पत्नी रुबीना और सास आसमां से नजरें मिलाने की हिम्मत नहीं जुटाई।
एटीएस ने सद्दाम को सामने करके रुबीना से सवाल पूछे। सबसे पहले पहचान कराई तो रुबीना ने माना कि यही सद्दाम है। सद्दाम से भी घर की पहचान कराई। निकाह से लेकर साथ रहने और बाहर काम पर जाने आदि की पूरी तस्दीक एटीएस ने कराई। गांव के भी दो लोगों की जानकारी हासिल की। रुबीना की मां आसमा से भी सद्दाम का सामना कराकर पूरी जानकारी की गई। करीब आधे घंटे तक सद्दाम उर्फ रंजीत सिंह के साथ एटीएस करनपुर के पठानपुरवा में रही। इस दौरान टीम ने घर की लंबाई-चौड़ाई की जानकारी ली।
इसके बाद सद्दाम को लेकर एटीएस मंगुरा बाजार स्थित भारतीय स्टेट बैंक गई, जहां बैंक खाते के लेनदेन और अंतरण की जानकारी जुटाई। इसके बाद सद्दाम को लेकर तरबगंज थाने के बरसेड़ी गांव गई। वहां उसे उसका पुराना घर दिखाया। सद्दाम ने कुबूला कि यही उसके बचपन का घर है। गांव के लोगों से एटीएस ने बातचीत की मगर कोई भी सद्दाम के बारे में कुछ खास बता नहीं सका।
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सद्दाम का नाम आतंकी गतिविधियों से जुड़ने से उसके बच्चे सहम गए थे। बच्चों ने स्कूल जाना छोड़ दिया था। मगर अब स्थानीय प्राथमिक स्कूल में रुबीना ने प्रार्थनापत्र दिया है। इसमें कहा कि उसके बच्चे जिद कर रहे हैं कि अब वह सद्दाम को अपना पिता नहीं लिखेंगे। इसके बाद स्कूल में नाम हटाकर सद्दाम की जगह अभिभावक के रूप में रूबीना का नाम दर्ज कर दिया गया। साथ ही बच्चे स्कूल जाने लगे। तीनों बच्चों को शिक्षा विभाग की ओर से डीबीटी से 1200-1200 रुपये की दर से रुबीना को 3600 रुपये मिले हैं। रुबीना ने कहा कि वह बच्चों को पढ़ाएगी और अनुदान की रकम से ड्रेस आदि खरीदेगी। इसके लिए उसने प्रदेश सरकार का आभार भी जताया।
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एटीएस ने सद्दाम को सामने करके रुबीना से सवाल पूछे। सबसे पहले पहचान कराई तो रुबीना ने माना कि यही सद्दाम है। सद्दाम से भी घर की पहचान कराई। निकाह से लेकर साथ रहने और बाहर काम पर जाने आदि की पूरी तस्दीक एटीएस ने कराई। गांव के भी दो लोगों की जानकारी हासिल की। रुबीना की मां आसमा से भी सद्दाम का सामना कराकर पूरी जानकारी की गई। करीब आधे घंटे तक सद्दाम उर्फ रंजीत सिंह के साथ एटीएस करनपुर के पठानपुरवा में रही। इस दौरान टीम ने घर की लंबाई-चौड़ाई की जानकारी ली।
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इसके बाद सद्दाम को लेकर एटीएस मंगुरा बाजार स्थित भारतीय स्टेट बैंक गई, जहां बैंक खाते के लेनदेन और अंतरण की जानकारी जुटाई। इसके बाद सद्दाम को लेकर तरबगंज थाने के बरसेड़ी गांव गई। वहां उसे उसका पुराना घर दिखाया। सद्दाम ने कुबूला कि यही उसके बचपन का घर है। गांव के लोगों से एटीएस ने बातचीत की मगर कोई भी सद्दाम के बारे में कुछ खास बता नहीं सका।
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सद्दाम का नाम आतंकी गतिविधियों से जुड़ने से उसके बच्चे सहम गए थे। बच्चों ने स्कूल जाना छोड़ दिया था। मगर अब स्थानीय प्राथमिक स्कूल में रुबीना ने प्रार्थनापत्र दिया है। इसमें कहा कि उसके बच्चे जिद कर रहे हैं कि अब वह सद्दाम को अपना पिता नहीं लिखेंगे। इसके बाद स्कूल में नाम हटाकर सद्दाम की जगह अभिभावक के रूप में रूबीना का नाम दर्ज कर दिया गया। साथ ही बच्चे स्कूल जाने लगे। तीनों बच्चों को शिक्षा विभाग की ओर से डीबीटी से 1200-1200 रुपये की दर से रुबीना को 3600 रुपये मिले हैं। रुबीना ने कहा कि वह बच्चों को पढ़ाएगी और अनुदान की रकम से ड्रेस आदि खरीदेगी। इसके लिए उसने प्रदेश सरकार का आभार भी जताया।