{"_id":"669ac163f6f7d2cf00066194","slug":"upats-started-investigation-of-gonda-rail-accident-gonda-news-c-100-1-gon1002-120540-2024-07-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: गोंडा रेल हादसे की यूपीएटीएस ने शुरू की जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: गोंडा रेल हादसे की यूपीएटीएस ने शुरू की जांच
Sat, 20 Jul 2024 01:11 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 20 Jul 2024 01:11 AM IST
विज्ञापन
अयोध्या और बहराइच की दो टीमें बृहस्पतिवार देर शाम दुर्घटनास्थल पर पहुंची
रेलवे टेक्निकल टीम के साथ जुटाए साक्ष्य, फॉरेंसिक रिपोर्ट के लिए भेजा सैंपल
संवाद न्यूज एजेंसी
गोंडा। चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस के बेपटरी होने में धमाकों की बात प्रारंभिक तौर पर सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (यूपी-एटीएस) भी सक्रिय हो गया। बृहस्पतिवार को देर शाम उच्चाधिकारियों के निर्देश पर अयोध्या और बहराइच की दो टीमों ने मोतीगंज और झिलाही रेलवे स्टेशन के बीच दुर्घटनाग्रस्त स्थान पर पहुंची। पांच और पांच की टुकड़ियों में अयोध्या व बहराइच एटीएस केंद्र के पुलिस उपाधीक्षक रैंक के टीम लीडर ने चौतरफा मुआयना किया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक (रेलवे) एके सिंह से बात की। आरपीएफ अफसरों के साथ-साथ लोको पायलट से जानकारी जुटाई। हालांकि, प्रारंभिक जांच के दौरान एटीएस की टेक्निकल टीम का कोई एक्सपर्ट नहीं था। इस दौरान रेलवे के विशेषज्ञों की टीम से एटीएस ने सहयोग लिया।
इससे पूर्व यूपी एटीएस के आईजी नीलाब्जा चौधरी के निर्देश पर शाम पांच बजे दोनों केंद्रों से टीमों को जांच के लिए रवाना किया गया। हादसे वाली जगह पर पहुंचकर जायजा लेने के बाद टीम ने तफ्तीश की प्रारंभिक रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को प्रेषित की। विशेषज्ञों की मानें तो दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन की लोडिंग क्षमता, हादसे के दौरान गति, फिश-प्लेटों की स्थिति, कपलिंग और रेलवे ट्रैक के मूल स्थान से छिटकने की दूरी आदि विषयों पर रिपोर्ट तैयार की गई है। हादसे के वक्त इमरजेंसी ब्रेक और गति के तारतम्य का भी मिलान किया गया।
जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने बताया कि चूंकि रेल हादसे की हर पहलुओं पर जांच अनिवार्य है। इसकी एसओपी होती है। यूपी एटीएस से धमाके व अन्य साजिश के बिन्दुओं पर जांच कराने की सिफारिश की गई है। उसी कड़ी में टीमों ने मौके पर सैम्पल जुटाये हैं।
विज्ञापन
आईजी आरपीएफ व एसपी गोंडा ने हासिल की जानकारी
गोंडा। मोतीगंज-झिलाही रेलवे स्टेशनों के बीच पिकौरा गांव के समीप हुए ट्रेन हादसे के बाद पुलिस, प्रशासनिक व रेल विभाग के अधिकारी लगातार नजरे गड़ाए हुए हैं। शुक्रवार को भी आईजी रेलवे तारिक अहमद, एसपी गोंडा विनीत जायसवाल के साथ अन्य अफसरों ने घटनास्थल का मुआयना किया। सुरक्षा व संरक्षा में जुटे लोगों से जानकारी हासिल की। घटना के दूसरे दिन एसपी विनीत जायसवाल सीओ सदर शिल्पा वर्मा व पुलिस बल के साथ घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने बताया कि फॉरेंसिक टीम से भी मौके की जांच कराई गई है। उन्होंने लोको पायलट व सहायक लोको पायलट से भी जानकारी हासिल की। पुलिस अधीक्षक ने रेलवे के अधिकारियों से बातचीत की। साथ ही पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
विज्ञापन
रेलवे टेक्निकल टीम के साथ जुटाए साक्ष्य, फॉरेंसिक रिपोर्ट के लिए भेजा सैंपल
संवाद न्यूज एजेंसी
गोंडा। चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस के बेपटरी होने में धमाकों की बात प्रारंभिक तौर पर सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (यूपी-एटीएस) भी सक्रिय हो गया। बृहस्पतिवार को देर शाम उच्चाधिकारियों के निर्देश पर अयोध्या और बहराइच की दो टीमों ने मोतीगंज और झिलाही रेलवे स्टेशन के बीच दुर्घटनाग्रस्त स्थान पर पहुंची। पांच और पांच की टुकड़ियों में अयोध्या व बहराइच एटीएस केंद्र के पुलिस उपाधीक्षक रैंक के टीम लीडर ने चौतरफा मुआयना किया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक (रेलवे) एके सिंह से बात की। आरपीएफ अफसरों के साथ-साथ लोको पायलट से जानकारी जुटाई। हालांकि, प्रारंभिक जांच के दौरान एटीएस की टेक्निकल टीम का कोई एक्सपर्ट नहीं था। इस दौरान रेलवे के विशेषज्ञों की टीम से एटीएस ने सहयोग लिया।
इससे पूर्व यूपी एटीएस के आईजी नीलाब्जा चौधरी के निर्देश पर शाम पांच बजे दोनों केंद्रों से टीमों को जांच के लिए रवाना किया गया। हादसे वाली जगह पर पहुंचकर जायजा लेने के बाद टीम ने तफ्तीश की प्रारंभिक रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को प्रेषित की। विशेषज्ञों की मानें तो दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन की लोडिंग क्षमता, हादसे के दौरान गति, फिश-प्लेटों की स्थिति, कपलिंग और रेलवे ट्रैक के मूल स्थान से छिटकने की दूरी आदि विषयों पर रिपोर्ट तैयार की गई है। हादसे के वक्त इमरजेंसी ब्रेक और गति के तारतम्य का भी मिलान किया गया।
विज्ञापन
जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने बताया कि चूंकि रेल हादसे की हर पहलुओं पर जांच अनिवार्य है। इसकी एसओपी होती है। यूपी एटीएस से धमाके व अन्य साजिश के बिन्दुओं पर जांच कराने की सिफारिश की गई है। उसी कड़ी में टीमों ने मौके पर सैम्पल जुटाये हैं।
विज्ञापन
आईजी आरपीएफ व एसपी गोंडा ने हासिल की जानकारी
गोंडा। मोतीगंज-झिलाही रेलवे स्टेशनों के बीच पिकौरा गांव के समीप हुए ट्रेन हादसे के बाद पुलिस, प्रशासनिक व रेल विभाग के अधिकारी लगातार नजरे गड़ाए हुए हैं। शुक्रवार को भी आईजी रेलवे तारिक अहमद, एसपी गोंडा विनीत जायसवाल के साथ अन्य अफसरों ने घटनास्थल का मुआयना किया। सुरक्षा व संरक्षा में जुटे लोगों से जानकारी हासिल की। घटना के दूसरे दिन एसपी विनीत जायसवाल सीओ सदर शिल्पा वर्मा व पुलिस बल के साथ घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने बताया कि फॉरेंसिक टीम से भी मौके की जांच कराई गई है। उन्होंने लोको पायलट व सहायक लोको पायलट से भी जानकारी हासिल की। पुलिस अधीक्षक ने रेलवे के अधिकारियों से बातचीत की। साथ ही पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।