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गोंडा की मंडी पहुंचा तुर्किस्तान का प्याज, 50 रुपये घटे दाम
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गोंडा में बाजार में बिक रहा प्याज।
- फोटो : GONDA
गोंडा। प्याज की महंगाई लोगों को रुला रही थी। 120 रुपए प्रति किलोग्राम बिकने वाला प्याज 70 रुपए में हो गया। प्याज से सूनी मंडी में तुर्किस्तान का प्याज पहुंचने से मंडी में प्याज खरीदार व्यापारियों की भीड़ जुट गई। केवल दो ट्रक माल होने के कारण 70 रुपए प्रति किलोग्राम पर बिका। व्यापारियों का कहना है कि आवक शुरू हो गई। एक सप्ताह में प्याज का भाव और गिरेगा।
प्याज को लेकर सड़क के संसद तक बवाल मचा रहा। लगातार महंगे होते प्याज गरीबों की थाली से दूर हो गया था। माना जा रहा था कि महाराष्ट्र व दक्षिण भारत में बरसात के कारण प्याज की फसल खराब हो गई थी इसलिए आवक घट गई थी। दो दिन पहले तक 120 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से प्याज की बिक्री हो रही थी। शहालग में प्याज की कीमत ने आसमान छू लिया था। लेकिन गुरुवार से तुर्किस्तान से आए प्याज ने उपभोक्ताओं के जख्म पर मरहम लगाना शुरू कर दिया है। दो दिनों में दो ट्रक प्याज की आपूर्ति हुई है।
सब्जी व प्याज के थोक व्यापारी हामिद अली राइनी कहते हैं कि गोंडा में प्रति दिन चार से पांच ट्रक प्याज की आवक होती थी। करीब एक हजार क्विंटल प्याज की खपत प्रतिदिन होती थी। लेकिन प्याज की आवक सप्ताह में एक से दो ट्रक होने लगी। प्याज की कीमत अक्तूबर से बेतहाशा बढ़ी जिससे व्यापारियों के साथ उपभोक्ताओं को भी समस्या होने लगी थी। यहां तक कि प्याज की बिक्री भी कम हो गई और भाव 120 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। प्यापारी राइनी कहते हैं तुर्किस्तान से प्याज मुंबई बंदरगाह पर पहुंच गया है। वहां से पूरे देश में प्याज की आपूर्ति शुरू हो गई है। गोंडा मंडी में दो ट्रक यानि 400 क्विंटल प्याज आ गया है और 70 रुपये प्रति किलोग्राम की थोक दर से बोली लगी। बाजार में यह प्याज अभी 80 से 85 रुपए प्रति किलोग्राम बिकने लगा है। उन्होंने बताया कि आवक शुरू हो गई हे। एक सप्ताह में आवक और अधिक होगी जिससे प्याज का भाव 40 से 50 रुपए प्रति किलोग्राम तक गिरेगा।
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पिछले छह माह में प्याज की कीमत
जुुलाई- 20-25 रुपए प्रति किलोग्राम
अगस्त- 20-30
सितंबर - 30-40
अक्टूबर- 40-60
नवंबर- 70-100 प्रति किलोग्राम थोक भाव
प्याज ने रुलाया, कई लोगों ने सेवन बंद किया
गृहणी पिंकी श्रीवास्तव ने कहा कि प्याज खाद्य पदार्थों में अहम हो गया है। महंगी कीमत पर प्याज खरीदना पड़ा। मंडी का भाव पता नहीं पर खुदरा मूल्य 120 रुपए में प्याज खरीदना पड़ा। शिल्पी सिंह ने कहा कि प्याज की कीमत ने सबको रुलाया पर प्याज का सेवन कम कर दिया गया। पूजा श्रीवास्तव ने कहा कि प्याज की बढ़ती कीमत के कारण कई परिवार के लोगों ने प्याज के बिना ही सब्जी बनाने का निर्णय किया गया। गृहणी सौम्या सिंह ने बताया कि प्याज की कीमत लगातार बढ़ता रहा। लेकिन गुरुवार को 80 रुपए प्रति किलोग्राम प्याज मिला। यदि प्याज के भाव कम नही होते तो हम लोगों ने निर्णय किया था कि अब बिना प्याज के ही भोजन बनाया जाएगा।
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प्याज को लेकर सड़क के संसद तक बवाल मचा रहा। लगातार महंगे होते प्याज गरीबों की थाली से दूर हो गया था। माना जा रहा था कि महाराष्ट्र व दक्षिण भारत में बरसात के कारण प्याज की फसल खराब हो गई थी इसलिए आवक घट गई थी। दो दिन पहले तक 120 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से प्याज की बिक्री हो रही थी। शहालग में प्याज की कीमत ने आसमान छू लिया था। लेकिन गुरुवार से तुर्किस्तान से आए प्याज ने उपभोक्ताओं के जख्म पर मरहम लगाना शुरू कर दिया है। दो दिनों में दो ट्रक प्याज की आपूर्ति हुई है।
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सब्जी व प्याज के थोक व्यापारी हामिद अली राइनी कहते हैं कि गोंडा में प्रति दिन चार से पांच ट्रक प्याज की आवक होती थी। करीब एक हजार क्विंटल प्याज की खपत प्रतिदिन होती थी। लेकिन प्याज की आवक सप्ताह में एक से दो ट्रक होने लगी। प्याज की कीमत अक्तूबर से बेतहाशा बढ़ी जिससे व्यापारियों के साथ उपभोक्ताओं को भी समस्या होने लगी थी। यहां तक कि प्याज की बिक्री भी कम हो गई और भाव 120 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। प्यापारी राइनी कहते हैं तुर्किस्तान से प्याज मुंबई बंदरगाह पर पहुंच गया है। वहां से पूरे देश में प्याज की आपूर्ति शुरू हो गई है। गोंडा मंडी में दो ट्रक यानि 400 क्विंटल प्याज आ गया है और 70 रुपये प्रति किलोग्राम की थोक दर से बोली लगी। बाजार में यह प्याज अभी 80 से 85 रुपए प्रति किलोग्राम बिकने लगा है। उन्होंने बताया कि आवक शुरू हो गई हे। एक सप्ताह में आवक और अधिक होगी जिससे प्याज का भाव 40 से 50 रुपए प्रति किलोग्राम तक गिरेगा।
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पिछले छह माह में प्याज की कीमत
जुुलाई- 20-25 रुपए प्रति किलोग्राम
अगस्त- 20-30
सितंबर - 30-40
अक्टूबर- 40-60
नवंबर- 70-100 प्रति किलोग्राम थोक भाव
प्याज ने रुलाया, कई लोगों ने सेवन बंद किया
गृहणी पिंकी श्रीवास्तव ने कहा कि प्याज खाद्य पदार्थों में अहम हो गया है। महंगी कीमत पर प्याज खरीदना पड़ा। मंडी का भाव पता नहीं पर खुदरा मूल्य 120 रुपए में प्याज खरीदना पड़ा। शिल्पी सिंह ने कहा कि प्याज की कीमत ने सबको रुलाया पर प्याज का सेवन कम कर दिया गया। पूजा श्रीवास्तव ने कहा कि प्याज की बढ़ती कीमत के कारण कई परिवार के लोगों ने प्याज के बिना ही सब्जी बनाने का निर्णय किया गया। गृहणी सौम्या सिंह ने बताया कि प्याज की कीमत लगातार बढ़ता रहा। लेकिन गुरुवार को 80 रुपए प्रति किलोग्राम प्याज मिला। यदि प्याज के भाव कम नही होते तो हम लोगों ने निर्णय किया था कि अब बिना प्याज के ही भोजन बनाया जाएगा।