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जिले के तीन साहित्यकारों को मिला सम्मान
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गोंडा। उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान से जिले के तीन साहित्यकारों को सम्मान मिला है। कवि डा. सतीश आर्या व शिवाकांत विद्रोही को साहित्य भूषण, लोक गायक शिव पूजन शुक्ल को मलिक मोहम्मद जायसी सम्मान मिला है। तीनों साहित्यकार पहले भी कई सम्मान पा चुके हैं।
जिले में तीनों साहित्यकारों का अलग ही स्थान है और समाज को एक सूत्र में पिरोने के लिए साहित्य प्रतिभा का प्रयोग समय - समय पर करते हैं। हाल ही में जिला प्रशासन की ओर से भी सम्मानित किया गया है। प्रदेश सरकार की ओर से दिए गए सम्मान से जिले के लोगों में खुशी है।
जनपद के तहसील मनकापुर निवासी अवधी साहित्य में गीत सम्राट के रूप में विख्यात सतीश आर्य को प्रदेश सरकार के हिंदी संस्थान द्वारा ढाई लाख रुपये के साहित्य भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
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इसके पूर्व भी हिंदी संस्थान की ओर से श्री आर्या को सम्मान मिल चुका है। इसी तरह ओजस्वी कवि और गीतकार शिवाकांत विद्रोही को भी साहित्य भूषण सम्मान मिला है। इनका भी साहित्य के क्षेत्र में काफी महत्वपूर्ण स्थान है और इनके योगदान की सराहना देश व प्रदेश स्तर पर हो चुकी है।
इसके अलावा तरबगंज के शिवपूजन शुक्ल ने लोक गायन के क्षेत्र में काफी अहम भूमिका रही है। अवधी भाषा को नई पहचान दिलाने में उन्होने काफी योगदान दिया है। उन्हें मोहम्मद जायसी सम्मान मिला है। इससे तरबगंज क्षेत्र के लोगों में खुशी है।
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जिले में तीनों साहित्यकारों का अलग ही स्थान है और समाज को एक सूत्र में पिरोने के लिए साहित्य प्रतिभा का प्रयोग समय - समय पर करते हैं। हाल ही में जिला प्रशासन की ओर से भी सम्मानित किया गया है। प्रदेश सरकार की ओर से दिए गए सम्मान से जिले के लोगों में खुशी है।
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जनपद के तहसील मनकापुर निवासी अवधी साहित्य में गीत सम्राट के रूप में विख्यात सतीश आर्य को प्रदेश सरकार के हिंदी संस्थान द्वारा ढाई लाख रुपये के साहित्य भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
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इसके पूर्व भी हिंदी संस्थान की ओर से श्री आर्या को सम्मान मिल चुका है। इसी तरह ओजस्वी कवि और गीतकार शिवाकांत विद्रोही को भी साहित्य भूषण सम्मान मिला है। इनका भी साहित्य के क्षेत्र में काफी महत्वपूर्ण स्थान है और इनके योगदान की सराहना देश व प्रदेश स्तर पर हो चुकी है।
इसके अलावा तरबगंज के शिवपूजन शुक्ल ने लोक गायन के क्षेत्र में काफी अहम भूमिका रही है। अवधी भाषा को नई पहचान दिलाने में उन्होने काफी योगदान दिया है। उन्हें मोहम्मद जायसी सम्मान मिला है। इससे तरबगंज क्षेत्र के लोगों में खुशी है।