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टूटी थी पटरी, दौड़ती रही ट्रेनें
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गोंडा के गोरखपुर प्रखंड पर छपिया के पास टूटी रेल की पटरी।
- फोटो : GONDA
मसकनवां (गोंडा)। रेलवे की मैन की सतर्कता से गोंडा-गोरखपुर रेल खंड पर बड़ा रेल हादसा टल गया। मोतीगंज व झिलाही स्टेशनों के मध्य रामपुर गांव के निकट किलोमीटर सख्या 639-4.5 के बीच डाउन साइड की रेलवे ट्रैक करीब एक इंच टूट गई थी। रविवार की रात टूटी रेलवे ट्रैक पर ही ट्रेनों का संचालन होता रहा और रेलवे को इसकी कोई सूचना नहीं थी।
सोमवार की सुबह रेलवे ट्रैक की देखरेख करते हुए की मैन इरशाद अली जैसे ही यहां पहुंचा तो ट्रैक टूटा हुआ देखकर उसके होश उड़ गए। उसने सूचना रेलवे के उच्च अधिकारियों को दी। इस बीच इसी लाइन पर दरभंगा अंतोदय ट्रेन संख्या 22552 डाउन गुजरने वाली थी। उसने बिना समय गंवाए करीब 600 मीटर दूरी पर पटाखा ट्रैक पर बांध दिया।
ट्रेन के आते ही पटाखे की आवाज होते ही ट्रेन रुक गई। करीब 20 मिनट तक ट्रेन खड़ी रही। इसके बाद ट्रेन बेहद धीमी रफ्तार से आगे बढ़ी। पीडब्लूआईं दीना नाथ शर्मा ने बताया कि रेलवे ट्रैक के मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया गया है।
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सोमवार की सुबह रेलवे ट्रैक की देखरेख करते हुए की मैन इरशाद अली जैसे ही यहां पहुंचा तो ट्रैक टूटा हुआ देखकर उसके होश उड़ गए। उसने सूचना रेलवे के उच्च अधिकारियों को दी। इस बीच इसी लाइन पर दरभंगा अंतोदय ट्रेन संख्या 22552 डाउन गुजरने वाली थी। उसने बिना समय गंवाए करीब 600 मीटर दूरी पर पटाखा ट्रैक पर बांध दिया।
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ट्रेन के आते ही पटाखे की आवाज होते ही ट्रेन रुक गई। करीब 20 मिनट तक ट्रेन खड़ी रही। इसके बाद ट्रेन बेहद धीमी रफ्तार से आगे बढ़ी। पीडब्लूआईं दीना नाथ शर्मा ने बताया कि रेलवे ट्रैक के मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया गया है।
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