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बारिश से मौसम सुहाना, धान की रोपाई में आई तेजीं
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गोंडा। बारिश होने से मौसम खुशगवार हो गया है और लोगों को गर्मी, उमस से राहत मिली है। बारिश न होने से ठप चल रही धान की रोपाई एक बार फिर से तेजी पकड़ रही है।
बारिश न होने और धूप तेज होने से धान की रोपाई का कार्य प्रभावित था। बारिश ने एक बार फिर किसानों को राहत दी है, लेकिन अभी और बारिश की उम्मीद किसानों को है। उनका कहना है कि बारिश पर्याप्त नहीं है। बारिश से रूपईडीह के प्राथमिक स्कूल, बभनी सराय की छत ढह गई है।
खरगूपुर गांव के अनुसार प्राथमिक विद्यालय की बरामदे की छत बारिश के दौरान अचानक गिर गया। विद्यालय के अध्यापक दूसरे भवन में थे। जिससे चोटिल होने से बच गए।
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रुपईडीह अंतर्गत क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बभनी सराय में शनिवार दोपहर विद्यालय के बरामदा की छत बारिश के दौरान अचानक गिर गया। बारिश होने से विद्यालय की शिक्षक सुरभि त्रिपाठी, दीनानाथ, शिक्षामित्र बैजनाथ शुक्ल एवं संजीव पाठक विद्यालय के एक अन्य कमरे में थे।
शिक्षक बैजनाथ शुक्ला ने बताया कि घटना की सूचना जिला अधिकारी के साथ क्षेत्रीय खंड शिक्षा अधिकारी को दे दी गई है। इटियाथोक में शनिवार को बारिश शुरू हुई तो किसान काफी खुश हुए।
करीब 15 दिन से सिर्फ आकाश में बादल उमड़ घुमड़ कर रह जा रहे थे। पहले की गई रोपाई से धान की पौध मुरझाने लगे थे। किसान शिवप्रसाद, रामप्रवेश, राम सुरेश ने बताया कि बारिश न होने से काफी परेशानी हो रही थी। इसके अलावा कई गांव में रोपाई का कार्य तेजी से चल रहा था।
मानसूनी बारिश शुरू होने से चिंतित किसानों के चेहरों पर आशा की किरणें दिखाई पड़ रही हैं। उन्हें अच्छी बारिश की उम्मीद है। अबकी वर्ष मानसून में हुई देरी जनपद के किसानों के लिए चिंता का विषय बनी थी।
बारिश के इंतजार में किसानों की तमाम फसलों की बुवाई पिछड़ गई है। सबसे ज्यादा असर धान की रोपाई पर पड़ा है। 21-25 दिन में होने वाली रोपाई अभी तक नहीं हो सकी है।
जून के प्रथम सप्ताह में बोई गई धान की बेरन लगभग डेढ़ माह की हो चुकी है। डीजल की महंगाई ने किसानों की कमर तोड़ कर रख दी है। अधिकांश किसानों की अभी उर्द, मूंग, तिल की बोवाई नहीं हो सकी है।
अब खरीफ सीजन की फसलों की बुवाई किसान आसानी से कर सकेंगे। कुछ किसानों ने पानी की कमी के चलते रोपाई के बजाय धान की बोवाई शुरू कर दी है। अब धान, मूंग, उड़द की बुवाई के लिए बहुत कम समय बचा है। किसानों के मुताबिक, मानसून की देरी से उनकी आय पर प्रभाव पड़ सकता है। बारिश होने से एक बार फिर उम्मीद की किरण जगी है।
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बारिश न होने और धूप तेज होने से धान की रोपाई का कार्य प्रभावित था। बारिश ने एक बार फिर किसानों को राहत दी है, लेकिन अभी और बारिश की उम्मीद किसानों को है। उनका कहना है कि बारिश पर्याप्त नहीं है। बारिश से रूपईडीह के प्राथमिक स्कूल, बभनी सराय की छत ढह गई है।
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खरगूपुर गांव के अनुसार प्राथमिक विद्यालय की बरामदे की छत बारिश के दौरान अचानक गिर गया। विद्यालय के अध्यापक दूसरे भवन में थे। जिससे चोटिल होने से बच गए।
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रुपईडीह अंतर्गत क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बभनी सराय में शनिवार दोपहर विद्यालय के बरामदा की छत बारिश के दौरान अचानक गिर गया। बारिश होने से विद्यालय की शिक्षक सुरभि त्रिपाठी, दीनानाथ, शिक्षामित्र बैजनाथ शुक्ल एवं संजीव पाठक विद्यालय के एक अन्य कमरे में थे।
शिक्षक बैजनाथ शुक्ला ने बताया कि घटना की सूचना जिला अधिकारी के साथ क्षेत्रीय खंड शिक्षा अधिकारी को दे दी गई है। इटियाथोक में शनिवार को बारिश शुरू हुई तो किसान काफी खुश हुए।
करीब 15 दिन से सिर्फ आकाश में बादल उमड़ घुमड़ कर रह जा रहे थे। पहले की गई रोपाई से धान की पौध मुरझाने लगे थे। किसान शिवप्रसाद, रामप्रवेश, राम सुरेश ने बताया कि बारिश न होने से काफी परेशानी हो रही थी। इसके अलावा कई गांव में रोपाई का कार्य तेजी से चल रहा था।
मानसूनी बारिश शुरू होने से चिंतित किसानों के चेहरों पर आशा की किरणें दिखाई पड़ रही हैं। उन्हें अच्छी बारिश की उम्मीद है। अबकी वर्ष मानसून में हुई देरी जनपद के किसानों के लिए चिंता का विषय बनी थी।
बारिश के इंतजार में किसानों की तमाम फसलों की बुवाई पिछड़ गई है। सबसे ज्यादा असर धान की रोपाई पर पड़ा है। 21-25 दिन में होने वाली रोपाई अभी तक नहीं हो सकी है।
जून के प्रथम सप्ताह में बोई गई धान की बेरन लगभग डेढ़ माह की हो चुकी है। डीजल की महंगाई ने किसानों की कमर तोड़ कर रख दी है। अधिकांश किसानों की अभी उर्द, मूंग, तिल की बोवाई नहीं हो सकी है।
अब खरीफ सीजन की फसलों की बुवाई किसान आसानी से कर सकेंगे। कुछ किसानों ने पानी की कमी के चलते रोपाई के बजाय धान की बोवाई शुरू कर दी है। अब धान, मूंग, उड़द की बुवाई के लिए बहुत कम समय बचा है। किसानों के मुताबिक, मानसून की देरी से उनकी आय पर प्रभाव पड़ सकता है। बारिश होने से एक बार फिर उम्मीद की किरण जगी है।