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बांध से सटकर बहने लगी घाघरा, ग्रामीणों में दहशत

Wed, 14 Aug 2019 10:24 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 14 Aug 2019 10:24 PM IST
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The river started flowing near the dam, terror among the villagers
फिर बढ़ने लगी घाघरा, बांध से सटकर बहने लगी नदी
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फोटो-22
करनैलगंज (गोंडा)। घाघरा के घटते बढ़ते जलस्तर से बाढ़ से प्रभावित रहे ग्रामीणों की सांसें अटकने लगी है। घाघरा का डिस्चार्ज बढ़ गया है और एक बार फिर घाघरा खतरे के निशान को पीछे छोड़ने में लग गई है। घाघरा के उतार-चढ़ाव में किसानों की बर्बादी का मंजर सामने दिखाई दे रहा है। किसानों की खेती करने योग्य जमीन लगातार कटकर घाघरा में समाती जा रही है। कटान के मद्देनजर ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। लगातार घाघरा जमीन की कटान करते हुए बांध की तरफ बढ़ रही है। अभी तक घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 25 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया था जो बुधवार को फिर बढ़ने लगा। खतरे के निशान 106.07 के सापेक्ष 105.936 पर घाघरा का जलस्तर बुधवार की शाम को दर्ज किया गया। जो खतरे के निशान से मात्र 14 सेंटीमीटर नीचे है। वहीं घाघरा के बढ़ने का सिलसिला जारी रहा। घाघरा में पानी का डिस्चार्ज 2 लाख 15 हजार 447 क्यूसेक रहा। डिस्चार्ज बढ़ने से आसपास के ग्रामीणों में दहशत बढ़ रही है। हालांकि अभी तक गोंडा और सीमावर्ती जिले बाराबंकी के ग्राम पंचायतों की करीब 45 हजार की आबादी बाढ़ से प्रभावित है। जिसमें ग्राम परसावल, माझा रायपुर, कमियार, बेहटा व पारा एवं गोंडा जिले के नकहरा गांव शामिल है। जहां स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। बाराबंकी प्रशासन अपने जिले के बाढ़ पीड़ितों की सुध नहीं ले रहा है तो गोंडा जिले का प्रशासन अपने जिले में बाढ़ की समस्या ना होने का बहाना बताकर पल्लू झाड़ रहा है। ग्राम नकहरा में आंशिक तौर पर करीब दो हजार की आबादी प्रभावित है। वहीं ग्राम बेहटा, पारा, नकहरा के सामने घाघरा नदी जल मग्न हो चुकी जमीन के अतिरिक्त कृषि योग्य भूमि को काटकर नदी में समाहित कर रही है। पिछले 3 दिनों में घाघरा की विनाश लीला की लीला ने करीब 600 बीघा से अधिक जमीन काटकर नदी में शामिल कर लिया। जहां अब नदी की धारा बह रही है। बांध पर निरीक्षण करने पहुंचे सहायक अभियंता अमरेश सिंह एवं अवर अभियंता एमके सिंह ने बताया कि बांध को अभी तक किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है और जल स्तर घटता बढ़ता है। जिससे जमीन में मामूली कटान होती है। बांध में किसी प्रकार की कोई कटान जैसी स्थिति अभी तक नहीं है लगातार बांध की निगरानी की जा रही है।
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