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रानीपुरवा स्कूल को सराहा, आंगनबाड़ी पर भड़कीं आयोग की सदस्य

Sat, 17 Aug 2019 10:42 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 17 Aug 2019 10:42 PM IST
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The members of the Commission got angry seeing the condition of Anganwadi
गोंडा। उत्तर प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ. शुचिता चतुर्वेदी ने बेसिक शिक्षा के स्कूलों के साथ ही आंगनबाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण किया। झंझरी के माडल प्राइमरी स्कूल रानीपुरवा के निरीक्षण मेें व्यवस्थाओं को देखकर उन्होंने प्रधानाध्यापक अतुल शुक्ल की सराहना किया। नवाचार विधि से हो रहे शिक्षण कार्य पर सभी शिक्षकों की प्रशंसा की। आंगनबाड़ी केन्द्र के निरीक्षण में उन्होंने नाराजगी जताई और कार्यकर्ता को फर्जी नामांकन करने पर फटकार लगाई। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी और सीडीपीओ को मौके पर फोन कर बुलवाया लेकिन सुपरवाइजर तक नहीं आई। उन्होंने कहा कि बाल विकास विभाग के स्थिति की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
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रानीपुरवा में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनिराम सिंह और खंड शिक्षा अधिकारी जैनेन्द्र गुप्त के सामने ही आयोग की सदस्य ने बच्चों को दी जा रही शिक्षा व्यवस्था को परखा और शिक्षकों का उत्साह बढ़ाया। शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बताया। प्राइमरी स्कूल छावनी सरकार में कुछ कमियों पर नाराजगी जताई, यहां पर आंगनबाड़ी केंद्र बंद मिला। जूनियर हाईस्कूल छावनी सरकार में बच्चों से सवाल पूछे और लिखवाया। कापियां देखकर संतोष जताया। अधिकारियों को निर्देश दिया कि बच्चों को हर सुविधा दी जाए। दो गैर हाजिर मिलीं शिक्षिकाओं के वेतन काटने का निर्देश दिया और बंद मिले आंगनबाड़ी केन्द्र के कर्मियों के विरुद्व कार्रवाई को कहा।
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बाल अधिकारों के लिए अभिभावक भी हों सजग
सर्किट हाउस में बातचीत के दौरान आयोग की सदस्य डॉ. शुचिता चतुर्वेदी ने कहा कि बाल अधिकारों के संरक्षण की जिम्मेदारी अधिकारियों के साथ ही अभिभावकों की भी है। इसके लिए अभभिावक गंभीर हों और बच्चों के हक में लापरवाही न बरतें। इससे बच्चों का भविष्य बर्बाद होगा, यह देशहित में नहीं है। उन्होने स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति कम होने पर कहा कि इसके लिए अभिभावकों को आगे आना होगा, बच्चों को शिक्षा का अधिकार देने के लिए स्कूल भेजें।
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