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Gonda News: 38 साल पूर्व हुए डीआरडीए घोटाले की शासन ने तलब की रिपोर्ट
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गोंडा। बहराइच के जिला ग्राम्य विकास अभिकरण (डीआरडीए) में 38 साल पूर्व हुए 16.02 लाख रुपये के घोटाले की फाइल एक बार फिर खुल गई है। 19 मामलों में भ्रष्टाचार व शासकीय कार्य में कदाचार का दोषी ठहराते हुए जांच अधिकारी सीडीओ ने इंजीनियर की बर्खास्तगी और वसूली की संस्तुति की थी। लेकिन, कार्रवाई फाइलों में कैद रही। अब शासन ने जांच अधिकारी से शासकीय धन के क्षति का विवरण मांगा है।
साल 1987-88 में बहराइच में डीआरडीए के सहायक अभियंता शैलेंद्र कुमार त्रिपाठी (अब सेवानिवृत्त) को सरकारी कार्य और योजनाओं के क्रियान्वयन में भ्रष्टाचार व लाखों के गबन के आरोप में 21 नवंबर 1991 को निलंबित किया गया था। इसकी जांच तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी एमवीएस रामी रेड्डी को सौंपी गई थी। इसमें सहायक अभियंता एसके त्रिपाठी को 16 लाख दो हजार 391 रुपये के गबन का दोषी पाया गया था। कई अन्य आरोप भी मिले थे। इस मामले में सहायक अभियंता शैलेंद्र त्रिपाठी को 19 मामले में दोषी ठहराते हुए 18 मई 2023 को आरोप पत्र दिया गया।
मामले की जांच कर अपर आयुक्त ने आख्या विभाग को सौंप दी। लेकिन, सेवानिवृत्त हो चुके सहायक अभियंता के खिलाफ अनुशासनिक कार्यवाही अभी भी प्रचलित है। शासन ने जांच अधिकारी अपर आयुक्त प्रशासन से घोटाले में हुए शासकीय धन के क्षति का विवरण देते हुए पुनरीक्षित जांच आख्या मांगी है। अपर आयुक्त प्रशासन कमलेश चंद्र ने बताया कि सहायक अभियंता शैलेंद्र कुमार त्रिपाठी के प्रकरण में शासन के आदेशानुसार जांच की जा रही है। जल्द ही रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी।
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साल 1987-88 में बहराइच में डीआरडीए के सहायक अभियंता शैलेंद्र कुमार त्रिपाठी (अब सेवानिवृत्त) को सरकारी कार्य और योजनाओं के क्रियान्वयन में भ्रष्टाचार व लाखों के गबन के आरोप में 21 नवंबर 1991 को निलंबित किया गया था। इसकी जांच तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी एमवीएस रामी रेड्डी को सौंपी गई थी। इसमें सहायक अभियंता एसके त्रिपाठी को 16 लाख दो हजार 391 रुपये के गबन का दोषी पाया गया था। कई अन्य आरोप भी मिले थे। इस मामले में सहायक अभियंता शैलेंद्र त्रिपाठी को 19 मामले में दोषी ठहराते हुए 18 मई 2023 को आरोप पत्र दिया गया।
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मामले की जांच कर अपर आयुक्त ने आख्या विभाग को सौंप दी। लेकिन, सेवानिवृत्त हो चुके सहायक अभियंता के खिलाफ अनुशासनिक कार्यवाही अभी भी प्रचलित है। शासन ने जांच अधिकारी अपर आयुक्त प्रशासन से घोटाले में हुए शासकीय धन के क्षति का विवरण देते हुए पुनरीक्षित जांच आख्या मांगी है। अपर आयुक्त प्रशासन कमलेश चंद्र ने बताया कि सहायक अभियंता शैलेंद्र कुमार त्रिपाठी के प्रकरण में शासन के आदेशानुसार जांच की जा रही है। जल्द ही रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी।
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