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Gonda News: बाबू ईश्वर शरण चिकित्सालय के पुराने भवन में बनेगी इमरजेंसी यूनिट
Mon, 16 Feb 2026 11:27 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 16 Feb 2026 11:27 PM IST
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गोंडा। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध बाबू ईश्वर शरण चिकित्सालय के पुराने भवन में अब आधुनिक इमरजेंसी यूनिट स्थापित की जाएगी। यहां संचालित सभी वार्डों को हटाकर कोविड बिल्डिंग व नए भवन में शिफ्ट करने की तैयारी है। पुराने भवन में केवल आपातकालीन सेवाएं संचालित होंगी।
योजना के तहत 30 बेड की इमरजेंसी यूनिट बनाई जाएगी, जिसमें छह बेड का आईसीयू भी शामिल है। इमरजेंसी जांच सुविधा, ऑपरेशन थिएटर तथा 10 बेड का पोस्ट इमरजेंसी वार्ड भी तैयार किया जाएगा। इसके पीछे मंशा है कि इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को अलग-अलग वार्डों का चक्कर न काटना पड़े। एक ही जगह इमरजेंसी की सारी सुविधाएं मिल जाएं, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
पुराने भवन में विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों और उनके कार्यालय भी स्थापित किए जाएंगे, ताकि शोध कार्य व प्रशासनिक गतिविधियां सुचारु रूप से संचालित हो सकें। इन कार्यों के लिए शासन की ओर से एक करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है। कार्यदायी संस्था के अधिकारियों ने भवन का सर्वे कर लिया है। मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डीएन सिंह ने बताया कि इसी शैक्षिक सत्र में ही मरम्मत कार्य पूरा कर भवन को पुनः क्रियाशील करना है। इसके लिए तेजी से कार्रवाई की जा रही है।
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जर्जर हो गया था पुराना भवन
पुराने भवन की हालत लंबे समय से जर्जर थी। छत और दीवारों में दरारें, टूटी खिड़कियां-दरवाजे और खराब पाइपलाइन के कारण मरीजों व स्टाफ को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। ओपीडी और वार्ड पहले ही नए भवन में स्थानांतरित किए जा चुके हैं। अब भवन को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर पुनः उपयोगी बनाया जाएगा। प्रस्तावित कार्यों में सीवर सिस्टम की मरम्मत, नई पाइपलाइन, खिड़की-दरवाजों का प्रतिस्थापन और शौचालयों का नवीनीकरण शामिल है। साथ ही वैक्सीनेशन स्टोर, ऑटोक्लेव कक्ष और आपातकालीन वार्ड को भी सुसज्जित किया जाएगा।
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योजना के तहत 30 बेड की इमरजेंसी यूनिट बनाई जाएगी, जिसमें छह बेड का आईसीयू भी शामिल है। इमरजेंसी जांच सुविधा, ऑपरेशन थिएटर तथा 10 बेड का पोस्ट इमरजेंसी वार्ड भी तैयार किया जाएगा। इसके पीछे मंशा है कि इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को अलग-अलग वार्डों का चक्कर न काटना पड़े। एक ही जगह इमरजेंसी की सारी सुविधाएं मिल जाएं, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
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पुराने भवन में विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों और उनके कार्यालय भी स्थापित किए जाएंगे, ताकि शोध कार्य व प्रशासनिक गतिविधियां सुचारु रूप से संचालित हो सकें। इन कार्यों के लिए शासन की ओर से एक करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है। कार्यदायी संस्था के अधिकारियों ने भवन का सर्वे कर लिया है। मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डीएन सिंह ने बताया कि इसी शैक्षिक सत्र में ही मरम्मत कार्य पूरा कर भवन को पुनः क्रियाशील करना है। इसके लिए तेजी से कार्रवाई की जा रही है।
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जर्जर हो गया था पुराना भवन
पुराने भवन की हालत लंबे समय से जर्जर थी। छत और दीवारों में दरारें, टूटी खिड़कियां-दरवाजे और खराब पाइपलाइन के कारण मरीजों व स्टाफ को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। ओपीडी और वार्ड पहले ही नए भवन में स्थानांतरित किए जा चुके हैं। अब भवन को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर पुनः उपयोगी बनाया जाएगा। प्रस्तावित कार्यों में सीवर सिस्टम की मरम्मत, नई पाइपलाइन, खिड़की-दरवाजों का प्रतिस्थापन और शौचालयों का नवीनीकरण शामिल है। साथ ही वैक्सीनेशन स्टोर, ऑटोक्लेव कक्ष और आपातकालीन वार्ड को भी सुसज्जित किया जाएगा।