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Gonda News: दूर हुआ मनमुटाव, रेनू को मिला बेटी का प्यार
Sun, 04 May 2025 11:51 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 04 May 2025 11:51 PM IST
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गोंडा। परिवार में छोटी-छोटी बातों पर मनमुटाव अपनों से दूर कर देता है। उमरी बेगमगंज के अछलीपुरवा निवासी रेनू गुप्ता को मुंबई स्थित ससुराल में गलतफहमी के कारण आठ वर्षीय बेटी को छोड़कर गोंडा आना पड़ा। सीएमओ कार्यालय के पीछे बने सखी वन स्टाॅप सेंटर की मदद से ससुराल वालों को मुंबई से बुलाकर दोनों पक्षों की काउंसलिंग की गई। इससे पूरा परिवार फिर एकसाथ हो गया।
वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी चेतना सिंह ने बताया कि रेनू ने शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि मुंबई स्थित उनकी ससुराल के लोग पिटाई व अभद्रता करते हैं। जिसके कारण विगत 13 मार्च को वहां से चली आईं लेकिन, आठ वर्षीय बेटी वंशिका ठाकुर को ससुराल वालों ने जबरदस्ती अपने पास रख लिया है। वन स्टॉप सेंटर की ओर से रेनू के पति प्रदीप ठाकुर, सास विमला ठाकुर व ससुर अजीत ठाकुर को बुलाया गया। शनिवार देर शाम तक काउंसलर दीपशिखा शुक्ला, स्वाति पांडेय सहित अन्य लोगों की ओर से दोनों पक्षों को समझाया गया। जिसके बाद ससुराल वाले रेनू को अपने साथ ले जाने को राजी हो गए। बेटी को सीने से लगाकर रेनू रोने लगीं। परिवार वालों ने वन स्टॉप सेंटर के कर्मियों को धन्यवाद दिया। (संवाद)
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वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी चेतना सिंह ने बताया कि रेनू ने शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि मुंबई स्थित उनकी ससुराल के लोग पिटाई व अभद्रता करते हैं। जिसके कारण विगत 13 मार्च को वहां से चली आईं लेकिन, आठ वर्षीय बेटी वंशिका ठाकुर को ससुराल वालों ने जबरदस्ती अपने पास रख लिया है। वन स्टॉप सेंटर की ओर से रेनू के पति प्रदीप ठाकुर, सास विमला ठाकुर व ससुर अजीत ठाकुर को बुलाया गया। शनिवार देर शाम तक काउंसलर दीपशिखा शुक्ला, स्वाति पांडेय सहित अन्य लोगों की ओर से दोनों पक्षों को समझाया गया। जिसके बाद ससुराल वाले रेनू को अपने साथ ले जाने को राजी हो गए। बेटी को सीने से लगाकर रेनू रोने लगीं। परिवार वालों ने वन स्टॉप सेंटर के कर्मियों को धन्यवाद दिया। (संवाद)
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