फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   The city got stalled by the arrival of villagers

ग्रामीणों के आने से ठप हो गया शहर

Fri, 08 Sep 2017 10:07 PM IST
amar ujala
amar ujala Updated Fri, 08 Sep 2017 10:07 PM IST
विज्ञापन
जिला प्रशासन की एक नासमझी भरे कदम से शुक्रवार को पूरा शहर कराह उठा। प्रधानमंत्री आवास के लिए आवेदन करने प्रशासन के बुलावे पर जिले भर से पहुंचे करीब पांच लाख लोगों की भीड़ के आ जाने से शहर ठप हो गया।
विज्ञापन


विकास भवन में बिना तैयारी के प्रधान मंत्री आवास योजना के तहत आवास दिलाने के लिए आवेदन जमा कराने बनाया गया तानाबाना घंटे भर में ध्वस्त हो गया। प्रशासन ने लोगों को पहले आवास के लिए आवेदन करने को बुलाया फिर भीड़ देख उन्हें उल्टे पांव लौटा दिया।   
विज्ञापन


ऐसे लोग जिनके पास रहने को पक्का घर नही है शासन की ओर से ऐसे परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास बनाने के लिए नगद धन दिये जाने की व्यवस्था है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चयनित लाभार्थी के खाते में तीन किश्तों में 1.20 लाख रुपये आवास बनाने के लिए भेजा जाता है। पिछले दिनों कई ब्लाकों में इस योजना में आवास के नाम बड़ा घोटाला किये जाने का खुलासा हुआ था।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस पर सीडीओ दिब्या मित्तल के निर्देशन में विकास भवन में शुक्रवार को आवास के लिए लाभार्थियों के हाथों आवेदन पत्र जमा कराने के  लिए मेले का आयोजन किया गया था। इसके लिए बाकायदा पिछले एक सप्ताह से इसके लिए मीडिया व अन्य कार्यक्रमों के जरिये जिले भर में प्रचार प्रसार कराया गया था। प्रशासन ने जिले भर में विकास भवन में आवास के लिए मेला आयोजित करने का ढिंढोरा तो पिटवा दिया लेकिन इसका अन्दाजा नही लगाया कि कितनी भीड़ आएगी और उसके लिए क्या क्या और इंतजाम किया जाना चाहिए।

सुबह 10 बजे ही विकास भवन पर करीब एक लाख लोग पहुंच चुके थे। सीडीओ की मानीटरिंग में विकास भवन परिसर में ब्लाकवार आवेदकों से फार्म जमा कराने के काउंटर बनाये गये थे। देखते ही देखते भीड़ से विकास भवन का दम घुटने लगा। उम्मीद से कई सौ गुना भीड़ देख अधिकारियों कर्मचारियों के हाथ पांव फूल गये। भीड़ देखकर मुख्य विकास अधिकारी दिव्या मित्तल को भी अपना निर्णय बदलना पड़ा ।

उन्होंने खुद माइक संभाला और लोगों को वापस अपने घर जाने व ब्लाक में आवेदन पत्र जमा कराने की घोषणा की। इसके बाद उन्होंने भीड़ को देखकर और अधिकारियों व पुलिस को बुलाया काफी मशक्कत के बाद लोगों को परिसर से बाहर कर मुख्य गेट पर ताला जड़वा दिया। लेकिन आवेदन न जमाकर पाने की बात से लोग गेट पर घण्टों जमा रहे। इसके बाद उन्हें समझाने व तसल्ली देेने के लिए उनके आधार कार्ड गेट पर लिये जाने लगे।

सीडीओ को बार बार माइक से लोगों से वापस घर जाने व अपने ब्लाक में आवेदन जमा करने की अपील करनी पड़ी। वहीं वापस लौटाए जाने पर ग्रामीण काफी आक्रोशित व मायूस रहे। इस तरह से भीषण गर्मी में लोगों को वापस लौटाए जाने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जिला मुख्यालय से एक किलोमीटर से लेकर 70 किलो मीटर की दूरी से लोग आवास को लेकर चल कर आये थे। ग्रामीण खुद को ठगा महसूस कर रहे थे।


इसमें पुरूषों से अधिक महिलाओं की तादात थी। तमाम महिलाएं तो इस धूप में अपने गोद के बच्चों को भी लेकर आयी थी जो धूप व गर्मी से बिलख रहे थे। लोगों को आवास तो नही मिला लेकिन उन्हें बाहर करने व लौटाए जाने के दौरान झिड़कियां जरूर मिलीं। जिला प्रशासन के बिना तैयारी के इस तरह मेले में लोगों को बुलाकर फिर उन्हें बैरंग लौटाने के दर्द से पूरा जिला कराह उठा । वहीं शहर में एक साथ करीब पांच लाख लोगों की भीड़ जमा हो जाने से पूरा शहर करीब पांच घंटे के लिए ठप पड़ गया। जाम से हर रोड पर लोग जाम से जूझते रहे। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed