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Gonda News: पर्ची न मिलने से खड़ी गन्ने की फसल, किसान परेशान

Mon, 06 Jan 2025 11:24 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Mon, 06 Jan 2025 11:24 PM IST
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Sugarcane crop standing due to non receipt of slip, farmers worried

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कटरा बाजार (गोंडा)। गन्ना पर्ची न मिलने के कारण क्षेत्र में करीब 714 हेक्टेयर गन्ना फसल खेतों में खड़ी है। नकदी फसल गन्ना के न बिक पाने से किसानों को आर्थिक तंगी के साथ ही खेत खाली न हो पाने से गेहूं व सरसों की बोआई पिछड़ने से दोहरी परेशानी उठाना पड़ रही है। पर्ची न मिल पाने की दिक्कत के चलते किसानों को दिन भर बाकी काम काज छोड़ कर चीनी मिल व गन्ना समितियों के चक्कर काटना पड़ रहे हैं।
बाबूपुर के किसान रामबदल तिवारी व बैसनपुरवा के कमला, रायपुर फकीर के सुनील कुमार, इंद्रसेन व लालबाबू आदि किसानों ने बताया कि पर्ची न मिलने से उनके खेतों में अभी तक गन्ने की फसल खड़ी हुई है। इससे आर्थिक तंगहाली के साथ ही सरसों व गेहूं की फसलों की बोआई पिछड़ने की परेशानी भी उठाना पड़ रही है। किसान सूर्यकांत तिवारी ने बताया कि उनके खेत में गन्ने की फसल खड़ी है, मिल में पता करने पर बताया जा रहा है कि अभी 5192 प्रजाति गन्ने की पर्ची नहीं मिल पाएगी। समय से गन्ना न बिकने के कारण अन्य फसलों की बोआई पिछड़ रही है।
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15 दिसंबर तक गेहूं की बोआई करना जरूरी
एडीओ कृषि सुभाष शुक्ला ने बताया कि गेहूं की बोआई का सही समय 15 अक्तूबर से 15 नवंबर तक बेहतर होता है। 15 दिसंबर तक गेहूं की बोआई करने की अंतिम अवधि होती है, इसके बाद बोई गई फसल का पैदावार बहुत कम हो जाता है।
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क्रमवार दी जाती गन्ने की पर्ची
मैजापुर समिति के सचिव डाॅ. पीएन पांडेय ने बताया कि गन्ने की पर्ची क्रमवार दी जाती है। सबसे पहली अर्ली प्रजाति के गन्ने की खरीद होती है, उसके बाद सामान्य प्रजाति व रिजेक्ट प्रजाति का गन्ना सबसे बाद में खरीदा जाता है।

गन्ना निरीक्षक अफसर हसन ने बताया कि सर्वे के अनुसार अर्ली प्रजाति की बोआई 14363 हेक्टेयर में, सामान्य 265 हेक्टेयर व रिजेक्ट 714 हेक्टेयर में बोआई की गई है, जिसकी पर्ची सबसे बाद में दी जाएगी। गन्ना महाप्रबंधक पीके चतुर्वेदी ने बताया कि सर्वे के अनुसार किसानों को पर्ची दी जाती है। किसानों से अपील की जा रही है कि रिजेक्ट प्रजाति के गन्ने की बोआई न करें।
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