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Gonda News: समय से न्यायालय में प्रस्तुत करें साक्ष्य, दोषियों को दिलाएं सजा
Thu, 21 Aug 2025 11:12 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 21 Aug 2025 11:12 PM IST
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गोंडा। पुलिस लाइन सभागार में बृहस्पतिवार को अभियोजन कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। डीएम प्रियंका निरंजन ने कहा कि समय से न्यायालय में साक्ष्य प्रस्तुत करके दोषियों को सजा दिलवाएं।
डीएम ने अभियोजन कार्यों की प्रगति, लंबित मामलों की स्थिति, गवाहों की उपलब्धता, अभियुक्तों की उपस्थिति तथा न्यायालयों में की जा रही पैरवी के बारे में जानकारी ली। कहा कि कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और अपराध करने वालों में डर बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि दोषियों को समयबद्ध और प्रभावी तरीके से सजा दिलाई जाए। डीएम ने कहा कि अभियोजन कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सभी सहायक अभियोजन अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक मामले में समय से साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत हों और गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने अभियोजन और पुलिस विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए ताकि अभियोजन की सफलता दर में वृद्धि हो। डीएम ने उन मामलों में विशेष ध्यान देने को कहा, जिनमें गंभीर अपराधों के आरोप लगे हैं और जिनका समाज पर व्यापक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई कर दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के प्रयास किए जाएं ताकि समाज में कानून का भय बना रहे।
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एसपी विनीत जायसवाल ने गंभीर, संगीन एवं महिला/बाल अपराधों से संबंधित मामलों में अभियोजन कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा। बैठक में एडीएम आलोक कुमार, एएसपी पूर्वी मनोज रावत एवं पश्चिमी राधेश्याम राय सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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डीएम ने अभियोजन कार्यों की प्रगति, लंबित मामलों की स्थिति, गवाहों की उपलब्धता, अभियुक्तों की उपस्थिति तथा न्यायालयों में की जा रही पैरवी के बारे में जानकारी ली। कहा कि कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और अपराध करने वालों में डर बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि दोषियों को समयबद्ध और प्रभावी तरीके से सजा दिलाई जाए। डीएम ने कहा कि अभियोजन कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सभी सहायक अभियोजन अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक मामले में समय से साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत हों और गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
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उन्होंने अभियोजन और पुलिस विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए ताकि अभियोजन की सफलता दर में वृद्धि हो। डीएम ने उन मामलों में विशेष ध्यान देने को कहा, जिनमें गंभीर अपराधों के आरोप लगे हैं और जिनका समाज पर व्यापक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई कर दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के प्रयास किए जाएं ताकि समाज में कानून का भय बना रहे।
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एसपी विनीत जायसवाल ने गंभीर, संगीन एवं महिला/बाल अपराधों से संबंधित मामलों में अभियोजन कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा। बैठक में एडीएम आलोक कुमार, एएसपी पूर्वी मनोज रावत एवं पश्चिमी राधेश्याम राय सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।