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Gonda News: बिना परमिट और फिटनेस के न चलें स्कूली वाहन
Mon, 15 Jul 2024 11:05 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 15 Jul 2024 11:05 PM IST
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गोंडा।
कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में बिना परमिट और फिटनेस के दौड़ रहे स्कूली वाहनों का मुद्दा छाया रहा। इस दौरान डीएम ने स्कूल प्रबंधकों को कड़े निर्देश दिए। बच्चों की जान जोखिम में डालने वाले स्कूल प्रबंधकों व अभिभावकों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। सुरक्षा मानक दरकिनार कर फर्राटा भरने वाले वाहनों का पंजीयन निरस्त किया जा सकता है।
जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने कहा कि जिले में यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। दुर्घटना बाहुल्य ब्लैक स्पॉट को चिह्नित कर सुरक्षा के उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं। समिति की ओर से विद्यालयों के प्रबंधकों एवं संबंधित अधिकारियों की लापरवाही से स्कूल वाहनों के बिना परमिट व फिटनेस का मुद्दा उठाया गया। ऐसे में डीएम ने कहा कि सभी स्कूल प्रबंधक तय समय के भीतर जरूरी कार्रवाई पूरी करें। बैठक में सड़क सुरक्षा की दृष्टि से वाहनों में बैकलाइट, हेडलाइट, इंडीकेटर, हेलमेट, सीट बेल्ट की अनिवार्यता और व्यवसायिक वाहनों व ट्रैक्टर ट्राॅलियों में रिफ्लेक्टर के प्रयोग के लिए प्रभावी रणनीति तैयार की गई। कहा कि स्कूलों में अध्यापक भी दोपहिया वाहनों की सवारी के दौरान हेलमेट लगाना सुनिश्चित करें ताकि बच्चों को प्रेरित किया जा सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी रोडवेज चालकों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण व नेत्र परीक्षण भी किया जाए। उनका समय-समय पर रिफ्रेशर कोर्स भी कराया जाए। इस दौरान सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा, एडीएम आलोक कुमार, एएसपी मनोज कुमार रावत, सिटी मजिस्ट्रेट विजय शर्मा और पीटीओ शैलेंद्र त्रिपाठी समेत अन्य मौजूद रहे।
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डीएम नेहा शर्मा ने सीएमओ से कहा कि अस्पतालों की इमरजेंसी में डॉक्टर हर हाल में मौजूद रहने चाहिए। ताकि सड़क दुर्घटना होने पर घायलाें को तत्काल उपचार मिल सके। उन्होंने कहा की हाईवे किनारे स्थित ढाबों, पेट्रोल पंप आदि पर यातायात नियमों के प्रति जागरूकता फैलाई जाए।
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कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में बिना परमिट और फिटनेस के दौड़ रहे स्कूली वाहनों का मुद्दा छाया रहा। इस दौरान डीएम ने स्कूल प्रबंधकों को कड़े निर्देश दिए। बच्चों की जान जोखिम में डालने वाले स्कूल प्रबंधकों व अभिभावकों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। सुरक्षा मानक दरकिनार कर फर्राटा भरने वाले वाहनों का पंजीयन निरस्त किया जा सकता है।
जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने कहा कि जिले में यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। दुर्घटना बाहुल्य ब्लैक स्पॉट को चिह्नित कर सुरक्षा के उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं। समिति की ओर से विद्यालयों के प्रबंधकों एवं संबंधित अधिकारियों की लापरवाही से स्कूल वाहनों के बिना परमिट व फिटनेस का मुद्दा उठाया गया। ऐसे में डीएम ने कहा कि सभी स्कूल प्रबंधक तय समय के भीतर जरूरी कार्रवाई पूरी करें। बैठक में सड़क सुरक्षा की दृष्टि से वाहनों में बैकलाइट, हेडलाइट, इंडीकेटर, हेलमेट, सीट बेल्ट की अनिवार्यता और व्यवसायिक वाहनों व ट्रैक्टर ट्राॅलियों में रिफ्लेक्टर के प्रयोग के लिए प्रभावी रणनीति तैयार की गई। कहा कि स्कूलों में अध्यापक भी दोपहिया वाहनों की सवारी के दौरान हेलमेट लगाना सुनिश्चित करें ताकि बच्चों को प्रेरित किया जा सके।
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जिलाधिकारी ने कहा कि सभी रोडवेज चालकों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण व नेत्र परीक्षण भी किया जाए। उनका समय-समय पर रिफ्रेशर कोर्स भी कराया जाए। इस दौरान सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा, एडीएम आलोक कुमार, एएसपी मनोज कुमार रावत, सिटी मजिस्ट्रेट विजय शर्मा और पीटीओ शैलेंद्र त्रिपाठी समेत अन्य मौजूद रहे।
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डीएम नेहा शर्मा ने सीएमओ से कहा कि अस्पतालों की इमरजेंसी में डॉक्टर हर हाल में मौजूद रहने चाहिए। ताकि सड़क दुर्घटना होने पर घायलाें को तत्काल उपचार मिल सके। उन्होंने कहा की हाईवे किनारे स्थित ढाबों, पेट्रोल पंप आदि पर यातायात नियमों के प्रति जागरूकता फैलाई जाए।