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Gonda News: सिफारिशों ने सुखा दिया ब्लड बैंक का स्टॉक

Thu, 19 Feb 2026 11:45 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Thu, 19 Feb 2026 11:45 PM IST
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Recommendations dried up blood bank stock
गोंडा। सिफारिशों ने ब्लड बैंक का स्टॉक ही सुखा दिया। ब्लड बैंक में खून के बदले खून देने की व्यवस्था है। लेकिन, सिफारिशों के कारण बिना दान के ही पहुंच वालों को खून उपलब्ध करा दिया गया है। यहां कई दिनों से खून की कमी बरकरार है। ऐसे में जरूरतमंदों को परेशानी हो रही है।
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ब्लड बैंक में रक्त की कमी के चलते गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों और उनके तीमारदारों को रक्त के लिए परेशान होना पड़ रहा है। 500 यूनिट रक्त की क्षमता वाले ब्लड बैंक में वर्तमान में 20 यूनिट ब्लड ही मौजूद है। आमतौर पर यहां सभी ग्रुपों के ब्लड मिल जाते हैं, लेकिन इधर करीब एक सप्ताह से स्टॉक में कमी आने से कई ग्रुप का खून उपलब्ध नहीं है।
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वर्तमान में ब्लड बैंक में ए पॉजिटिव दो यूनिट, बी पॉजिटिव पांच यूनिट, बी निगेटिव तीन यूनिट, एबी पॉजिटिव तीन यूनिट, ओ पॉजिटिव पांच यूनिट, ओ निगेटिव दो यूनिट ही उपलब्ध है। जबकि ए निगेटिव और एबी निगेटिव शून्य है। काफी दिनों से रक्तदान शिविर का आयोजन भी नहीं हुआ है। इससे ब्लड बैंक में लगातार खून की कमी बनी हुई है।
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विभागीय कर्मियों के अनुसार सिफारिशों के कारण यह समस्या आई है। वहीं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डीएन सिंह का कहना है कि जननी सुरक्षा योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को खून देने की व्यवस्था है। अन्य मामलों में रक्तदान के जरिए ही लोगों को खून देने की व्यवस्था है। स्वयंसेवी संस्थाएं रक्तदान कराती हैं। सभी लोगों को भी रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए। जनप्रतिनिधियों से सहयोग मांगा गया है।



कमी दूर करने के लिए किया रक्तदान
ब्लड बैंक में सिर्फ 14 यूनिट ही खून बचा था। गत दिवस चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों ने रक्तदान करके कमी दूर करने का प्रयास किया। डॉ. एमडब्ल्यू खान, ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. चेतन पाराशर, डॉ. अखिलेश त्रिपाठी, अनुपमा श्रीवास्तव, दीपक पाल, मसूद अहमकद, शैलेश त्रिपाठी व हृदयराम ने रक्तदान किया है।






लाइसेंस का नवीनीकरण हुआ
आखिरकार तीन साल बाद मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक के लाइसेंस का नवीनीकरण हो गया है। इसके लिए लंबे समय से कागजी कार्रवाई चल रही थी। ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. चेतन पाराशर ने बताया कि सात वर्षों से लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हुआ था। अब दिसंबर 2027 तक के लिए लाइसेंस मिल गया है।
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