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बढ़ती महंगाई संग घटता गया रावण का कद
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फोटो-6-गोंडा के पटेलनगर में बनाया गया रावण का पुतला। -संवाद
- फोटो : GONDA
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गोंडा। महंगाई की मार अब रावण के पुतले पर भी दिखाई दे रहा है। इस बार रावण का पुतला 40 फीट से ऊपर नहीं बनाया गया है। पहले रावण का पुतला करीब 45 से 50 फीट लंबा होता था। नगर क्षेत्र में इस बार 40 फीट के रावण का दहन होगा। महंगाई ने रावण के कद के साथ उसका कुनबा भी छोटा कर दिया है। मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों का भी रेट ज्यादा है।
जिले में कई स्थानों पर श्रीरामलीला का मंचन किया जा रहा है। विजयदशमी के दिन रावण समेत कुंभकरण व मेघनाथ के पुतलों का दहन किया जाता है। पिछले दो वर्षों में कोरोना काल होने से रावण के पुतलों का दहन तो हो रहा है, लेकिन कद काफी छोटा है। बड़गांव, मालवीयनगर व फोरबिसगंज स्थित रामलीला मैदान में रावण के साथ मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले जलाए जाएंगे। कारोबारियों के मुताबिक, रावण का पुतला बनाने में उपयोग होने वाली सामग्री जैसे कागज, बांस की कीमतों में 30 से 35 फीसदी तक की वृद्धि हुई है। कागज का भाव 35 रुपये प्रति किलो था, अब वहीं कागज 50 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। इसके अलावा आतिशबाजी भी महंगी है। कारोबारी शाहिद के मुताबिक करीब पांच साल पहले रावण का 8 से 10 हजार रुपये में बनाकर बेचा जाता था। महंगाई के कारण 15 से 20 हजार रुपये प्रति पुतला हो गया है। उनका कहना है कि रामलीला कमेटी के लोगों की मंशानुरूप पुतले में आतिशबाजी का सामान लगता है।
35 वर्षों से रावण का पुतला बना रहा शाहिद का परिवार
पटेलनगर मोहल्ले के रहने वाले शाहिद ने बताया कि उनका परिवार करीब 35 साल से रावण, कुंभकरण व मेघनाथ के पुतले का निर्माण कर रहा है। बताया कि पहले उनके पिता रज्जब अली पुतला बनाते थे। वह स्वयं पुतला बनाते हैं। शाहिद का कहना है कि कोरोना के बाद से रावण के पुतले का कद छोटा हो गया है। महंगाई से बड़े पुतले नहीं बनाए जा रहे हैं। कहा कि इस बार 40-40 फीट का रावण का पुतला बनाया गया है। दो रामलीला समितियों से ऑर्डर मिला था। कहा कि उनके बनाए पुतले फोरबिसगंज व मालवीयनगर रामलीला मैदान में दहन किए जाएंगे। (संवाद)
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पुतले का रेट
रावण-15 से 20 हजार
कुंभकरण-10 से 15 हजार
मेेघनाथ-10 से 12 हजार
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जिले में कई स्थानों पर श्रीरामलीला का मंचन किया जा रहा है। विजयदशमी के दिन रावण समेत कुंभकरण व मेघनाथ के पुतलों का दहन किया जाता है। पिछले दो वर्षों में कोरोना काल होने से रावण के पुतलों का दहन तो हो रहा है, लेकिन कद काफी छोटा है। बड़गांव, मालवीयनगर व फोरबिसगंज स्थित रामलीला मैदान में रावण के साथ मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले जलाए जाएंगे। कारोबारियों के मुताबिक, रावण का पुतला बनाने में उपयोग होने वाली सामग्री जैसे कागज, बांस की कीमतों में 30 से 35 फीसदी तक की वृद्धि हुई है। कागज का भाव 35 रुपये प्रति किलो था, अब वहीं कागज 50 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। इसके अलावा आतिशबाजी भी महंगी है। कारोबारी शाहिद के मुताबिक करीब पांच साल पहले रावण का 8 से 10 हजार रुपये में बनाकर बेचा जाता था। महंगाई के कारण 15 से 20 हजार रुपये प्रति पुतला हो गया है। उनका कहना है कि रामलीला कमेटी के लोगों की मंशानुरूप पुतले में आतिशबाजी का सामान लगता है।
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35 वर्षों से रावण का पुतला बना रहा शाहिद का परिवार
पटेलनगर मोहल्ले के रहने वाले शाहिद ने बताया कि उनका परिवार करीब 35 साल से रावण, कुंभकरण व मेघनाथ के पुतले का निर्माण कर रहा है। बताया कि पहले उनके पिता रज्जब अली पुतला बनाते थे। वह स्वयं पुतला बनाते हैं। शाहिद का कहना है कि कोरोना के बाद से रावण के पुतले का कद छोटा हो गया है। महंगाई से बड़े पुतले नहीं बनाए जा रहे हैं। कहा कि इस बार 40-40 फीट का रावण का पुतला बनाया गया है। दो रामलीला समितियों से ऑर्डर मिला था। कहा कि उनके बनाए पुतले फोरबिसगंज व मालवीयनगर रामलीला मैदान में दहन किए जाएंगे। (संवाद)
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पुतले का रेट
रावण-15 से 20 हजार
कुंभकरण-10 से 15 हजार
मेेघनाथ-10 से 12 हजार