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धान खरीद: कहीं प्रभारी नदारत तो कहीं तालाबंदी
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गोंडा। किसानों से धान खरीदने का अभियान सोमवार को शुरू तो हुआ, लेकिन अव्यवस्था से केंद्र जूझते रहे। कई केंद्रों पर तो पहले दिन प्रभारी भी नहीं पहुंचे, वहीं कई केंद्रों पर ताला लगा रहा। किसानों में भी पहले दिन कोई उत्साह नहीं रहा। माना जा रहा है कि अभी किसान धान की कटाई और मड़ाई में व्यस्त हैं।
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी प्रज्ञा मिश्रा ने कहा कि केंद्रों को शुरू कर दिया गया है। किसानों से खरीद के लिए कड़ी व्यवस्था की गई है। डीएम मार्कंडेय शाही ने मंडी स्थल पर खाद्य एवं विपणन विभाग के क्रय केंद्र का उद्घाटन किया और एक किसान का माला पहना कर स्वागत किया। अन्य केंद्रों की पड़ताल में व्यवस्था गड़बड़ मिली। अमर उजाला की टीम ने क्रय केंद्रों की पड़ताल की। पेश है रिपोर्ट-
एसडीएम करनैलगंज धान खरीद केन्द्र की हकीकत परखने के लिए मंडी समिति पहुंचे तो उनको धान खरीद होते तो नहीं मिली, मगर शराब की खाली बोतलें जरूर मिलीं। जिसपर बिफरे एसडीएम ने धान क्रय केंद्र के प्रभारी को फोन पर खरी खोटी सुनाते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी।
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धान खरीद शुरू होने के पहले दिन खरीद केंद्रों का जायजा लेने एसडीएम उस समय बिफरे उठे जब उनकों स्थानीय मंडी समिति में स्थापित धान क्रय केन्द्र पर धान की जगह शराब की करीब आधा दर्जन खाली बोतलें दिख गयीं। बोतलों को हटाकर साफ सफाई का निर्देश दिया।
पता करने पर बताया गया कि जहां धान खरीद केंद्र शुरू किया गया है वहीं से अभी तक कोटेदार गल्ले की उठान करते थे। एसडीएम हीरालाल ने बताया कि शासन की मंशानुरूप सोमवार से धान खरीद केन्द्रों को सक्रिय किया जाना था। तहसील इलाके में कुल 21 धान क्रय केंद्र स्थापित किये गये है।
परसपुर के खाद्य रसद विभाग (विपणन शाखा ) पर केंद्र प्रभारी की कुर्सी खाली पड़ी थी। केंद्र पर धान खरीद का बैनर तक नहीं लगाया गया था। और तो और अन्न दाताओं के बैठने तक की किसी भी तरह की व्यवस्था तक नहीं की गई थी।
मौके पर अपने को मानव संसाधन की तरफ से बाबू बताने वाले विजय वर्मा कार्य करते हुये मिले। जब उन से केंद्र प्रभारी के बारे में पूंछा गया। तो उन्होंने अपने मोबाइल से उनसे बात कराया।
केंद्र प्रभारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि उन्हें बेलसर का चार्ज मिला हुआ है और वहीं बैठ रहे हैं। एक प्रभारी दो क्रय केंद्रों पर खरीद कैसे कर सकता। पूंछने पर उन्होंने बताया कि धान खरीद में 17 प्रतिशत नमीं व 5 प्रतिशत डैमेज का छूट किसानों को मिलेगा। उन्होंने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देशों का इंतजार है।
सोमवार को विकास खंड झंझरी अन्तर्गत पीसीएफ पर संचालित धान क्रय केन्द्र मीरनगंज बीरपुर विसेन बंद रहा। दरवाजे के ऊपर बैनर टंगा रहा, जिस पर लिखा था कि धान का कामन मूल्य 1940रूपये प्रति कुंतल व धान ग्रेड ए 1960 रूपये प्रति कुन्तल लिया जाएगा।
वरिष्ठ सपा नेता शैलेन्द्र सिंह बब्बू सिंह विसेन का कहना है कि किसानों के साथ प्रशासन सिर्फ कागजों में धान खरीद रहा है। जमीनी हकीकत कुछ और ही है। यदि किसानों का समय से धान नहीं खरीदा गया और भुगतान समय से नहीं मिला तो आंदोलन होगा।
सरकार के समर्थन मूल्य पर धान खरीद केंद्र करदा पर विपणन निरीक्षक जय प्रकाश उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि केंद्र पर कांटा, नमी मापक यंत्र, पावर विनोइंग, ई-पास मशीन व 200 खाली बोरी उपलब्ध है। एमआई की सहायता के लिए एक सहायक की भी नियुक्ति है।
यह केंद्र खाद्य विभाग द्वारा संचालित है। पहले यह केंद्र बंधवा में संचालित होता था। जगह की कमी के चलते केंद्र बदला गया है। बंधवा केंद्र से ही सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों का राशन भी जाता है। विपणन निरीक्षक ने बताया कि उन्हें दोनों केंद्रों का काम देखना है। गांवों के आवंटन की कोई सूची नहीं आई है। किसान अपनी सुविधानुसार कहीं भी धान बेंच सकता है। धान मानक के अनुसार होना चाहिये।
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जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी प्रज्ञा मिश्रा ने कहा कि केंद्रों को शुरू कर दिया गया है। किसानों से खरीद के लिए कड़ी व्यवस्था की गई है। डीएम मार्कंडेय शाही ने मंडी स्थल पर खाद्य एवं विपणन विभाग के क्रय केंद्र का उद्घाटन किया और एक किसान का माला पहना कर स्वागत किया। अन्य केंद्रों की पड़ताल में व्यवस्था गड़बड़ मिली। अमर उजाला की टीम ने क्रय केंद्रों की पड़ताल की। पेश है रिपोर्ट-
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एसडीएम करनैलगंज धान खरीद केन्द्र की हकीकत परखने के लिए मंडी समिति पहुंचे तो उनको धान खरीद होते तो नहीं मिली, मगर शराब की खाली बोतलें जरूर मिलीं। जिसपर बिफरे एसडीएम ने धान क्रय केंद्र के प्रभारी को फोन पर खरी खोटी सुनाते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी।
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धान खरीद शुरू होने के पहले दिन खरीद केंद्रों का जायजा लेने एसडीएम उस समय बिफरे उठे जब उनकों स्थानीय मंडी समिति में स्थापित धान क्रय केन्द्र पर धान की जगह शराब की करीब आधा दर्जन खाली बोतलें दिख गयीं। बोतलों को हटाकर साफ सफाई का निर्देश दिया।
पता करने पर बताया गया कि जहां धान खरीद केंद्र शुरू किया गया है वहीं से अभी तक कोटेदार गल्ले की उठान करते थे। एसडीएम हीरालाल ने बताया कि शासन की मंशानुरूप सोमवार से धान खरीद केन्द्रों को सक्रिय किया जाना था। तहसील इलाके में कुल 21 धान क्रय केंद्र स्थापित किये गये है।
परसपुर के खाद्य रसद विभाग (विपणन शाखा ) पर केंद्र प्रभारी की कुर्सी खाली पड़ी थी। केंद्र पर धान खरीद का बैनर तक नहीं लगाया गया था। और तो और अन्न दाताओं के बैठने तक की किसी भी तरह की व्यवस्था तक नहीं की गई थी।
मौके पर अपने को मानव संसाधन की तरफ से बाबू बताने वाले विजय वर्मा कार्य करते हुये मिले। जब उन से केंद्र प्रभारी के बारे में पूंछा गया। तो उन्होंने अपने मोबाइल से उनसे बात कराया।
केंद्र प्रभारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि उन्हें बेलसर का चार्ज मिला हुआ है और वहीं बैठ रहे हैं। एक प्रभारी दो क्रय केंद्रों पर खरीद कैसे कर सकता। पूंछने पर उन्होंने बताया कि धान खरीद में 17 प्रतिशत नमीं व 5 प्रतिशत डैमेज का छूट किसानों को मिलेगा। उन्होंने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देशों का इंतजार है।
सोमवार को विकास खंड झंझरी अन्तर्गत पीसीएफ पर संचालित धान क्रय केन्द्र मीरनगंज बीरपुर विसेन बंद रहा। दरवाजे के ऊपर बैनर टंगा रहा, जिस पर लिखा था कि धान का कामन मूल्य 1940रूपये प्रति कुंतल व धान ग्रेड ए 1960 रूपये प्रति कुन्तल लिया जाएगा।
वरिष्ठ सपा नेता शैलेन्द्र सिंह बब्बू सिंह विसेन का कहना है कि किसानों के साथ प्रशासन सिर्फ कागजों में धान खरीद रहा है। जमीनी हकीकत कुछ और ही है। यदि किसानों का समय से धान नहीं खरीदा गया और भुगतान समय से नहीं मिला तो आंदोलन होगा।
सरकार के समर्थन मूल्य पर धान खरीद केंद्र करदा पर विपणन निरीक्षक जय प्रकाश उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि केंद्र पर कांटा, नमी मापक यंत्र, पावर विनोइंग, ई-पास मशीन व 200 खाली बोरी उपलब्ध है। एमआई की सहायता के लिए एक सहायक की भी नियुक्ति है।
यह केंद्र खाद्य विभाग द्वारा संचालित है। पहले यह केंद्र बंधवा में संचालित होता था। जगह की कमी के चलते केंद्र बदला गया है। बंधवा केंद्र से ही सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों का राशन भी जाता है। विपणन निरीक्षक ने बताया कि उन्हें दोनों केंद्रों का काम देखना है। गांवों के आवंटन की कोई सूची नहीं आई है। किसान अपनी सुविधानुसार कहीं भी धान बेंच सकता है। धान मानक के अनुसार होना चाहिये।