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Gonda News: यूजीसी की जांच समिति के नए नियमों का विरोध तेज
Thu, 22 Jan 2026 11:19 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 22 Jan 2026 11:19 PM IST
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गोंडा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से गठित जांच समिति के तहत लागू किए गए नए नियमों का विरोध तेज हो गया है। युवा अधिवक्ताओं ने बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन से मुलाकात कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं ने इन नियमों को संविधान की समानता व समान अवसर की भावना के विरुद्ध बताया।
अधिवक्ता आनंद शुक्ल की अगुवाई में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में जांच के नाम पर बनाए गए नियम किसी वर्ग विशेष को प्रभावित कर सकते हैं, जो न्यायसंगत नहीं है। अधिवक्ताओं ने कहा कि इस प्रकार के निर्णय बिना व्यापक संसदीय बहस और सामाजिक सहमति के लिए जाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि यूजीसी को शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ-साथ सामाजिक न्याय व समावेशिता का भी ध्यान रखना चाहिए।
युवा अधिवक्ताओं ने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग करते हुए नए नियमों को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने और सभी पक्षों से संवाद कर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया। इस अवसर पर कृष्णानंद मिश्र, रमेश चौबे, आनंद शर्मा, ओमप्रकाश शुक्ल, प्रशांत शुक्ल, राजकुमार चतुर्वेदी, संदीप तिवारी, जीवन प्रकाश तिवारी समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
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अधिवक्ता आनंद शुक्ल की अगुवाई में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में जांच के नाम पर बनाए गए नियम किसी वर्ग विशेष को प्रभावित कर सकते हैं, जो न्यायसंगत नहीं है। अधिवक्ताओं ने कहा कि इस प्रकार के निर्णय बिना व्यापक संसदीय बहस और सामाजिक सहमति के लिए जाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि यूजीसी को शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ-साथ सामाजिक न्याय व समावेशिता का भी ध्यान रखना चाहिए।
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युवा अधिवक्ताओं ने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग करते हुए नए नियमों को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने और सभी पक्षों से संवाद कर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया। इस अवसर पर कृष्णानंद मिश्र, रमेश चौबे, आनंद शर्मा, ओमप्रकाश शुक्ल, प्रशांत शुक्ल, राजकुमार चतुर्वेदी, संदीप तिवारी, जीवन प्रकाश तिवारी समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
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