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जिले से एक हजार शिक्षकों को मिलेगा तबादले का मौका
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गोंडा। प्रदेश सरकार की ओर से शिक्षकों के अतंरजनपदीय तबादले की प्रक्रिया 20 दिसंबर शुरू होगी। जिले में बड़ी संख्या में गैर जनपद के शिक्षक कार्यरत हैं, माना जा रहा है कि पुरुष शिक्षकों को इस बार तीन साल पर तबादले का अवसर मिलेगा। ऐेसे में दो हजार से अधिक आवेदन होने की उम्मीद हैं। शासन से तय किए गए तबादले की सीमा से एक हजार से अधिक तबादले की गुंजाइश नही होगी। इससे फिर एक हजार शिक्षकों को दूसरे वर्ष का इंतजार करना होगा। बीते साल 656 शिक्षकों के तबादले हुए थे।
जिले में बीते चार सालों से शिक्षक अपने मनचाहे जिले में जाने का इंतजार कर रहे हैं। शासन से आवेदन के लिए 20 दिसंबर से प्रक्रिया ऑनलाइन शुरू होने से शिक्षकों ने तैयारी शुुरू कर दिया है। इस बार पुरुषों के भी बड़ी संख्या में तबादले की उम्मीद हैै, बीते साल हुए तबादले में वर्ष 2011 के बाद नियुक्त हुए शिक्षकों को अवसर ही नहीं मिल सका था। वर्ष 2011 के 72825 शिक्षक भर्ती वर्ष 2015 से 2017 तक पूरी हो पाई थी। जिसमें 4000 पदों के सापेक्ष में करीब 3600 शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी।
इसमें दो हजार से अधिक शिक्षक दूसरे जनपद के थे। इसमें एक हजार से अधिक गैर जनपद की महिलाएं थीं। बीते साल हुए तबादले में 656 शिक्षकों को अपने मनचाहे जिलों में तैनाती का अवसर मिला तो लेकिन इसमें पुरुषों के लिए पांच साल की तैनाती की सीमा होने से मौका नही मिल सका था। महिलाएं बढ़ी संख्या में गैर जनपद तबादला पा गई थीं। इसके बावजूद 200 से 300 शिक्षिकाओं का तबादला भी नहीं हो पाया था।
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इसके अलावा 15 हजार शिक्षक भर्ती, 12490 शिक्षक भर्ती, 41 हजार शिक्षक भर्ती से नियुक्त हुए करीब 700 शिक्षकों में भी 500 से अधिक शिक्षक गैर जनपद के हैं। इसमें शिक्षिकाएं तो सभी पात्र हैं लेकिन पुरुषों में वर्ष 2014 तक नियुक्त हुए शिक्षकों को ही आवेदन का मौका मिलेगा। माना जा रहा है कि जिले में दूसरे जनपद के तैनात करीब दो हजार शिक्षक व शिक्षिकाएं ऐसी हैं जो इस बार आवेदन करेंगे।
इसमें शासन से तय किए गए गाइड़लाइन में एक हजार से 1200 शिक्षकों के तबादले की उम्मीद है। इसके बावजूद 500 से 800 शिक्षकों को तबादले का मौका नहीं मिलेगा। फिलहाल शिक्षकों ने इस बार तबादले का अवसर पाने के लिए जोर लगा रखा है। सोशल मीडिया पर तो पारस्परिक तबादले के लिए साथी खोजने की धूम मची है। शिक्षक अपना ब्योरा देकर जिले में आने वालों से तार जोड़ रहे हैं। शिक्षकों को लगता है कि पारस्परिक साथी के मिलने से तबादले पर कोई संशय नहीं रहेगा।
पारस्परिक से अधिक लोगों को मिल सकता है तबादले का अवसर
दूसरे जनपद से जिले में आने वालों से पारस्परिक करके तबादला कराने वाले शिक्षक पूरी ताकत लगाए हैं। बाकायदा तबादले के लिए ग्रुप बना रखा है और एक दूसरे जनपदों में साथियों को जोड़ कर पारस्परिक तबादले में जोर लगाए हैं। उनका मानना है कि पारस्परिक होने से जिलों में पदों के सापेक्ष होने वाले 15 फीसदी तबादले पर इसका असर नहीं पडे़गा और अधिक से अधिक लोगों को तबादले का अवसर मिलेगा। बताया जा रहा है कि बहुत लंबे इंतजार के बाद सरकार ने तबादले के लिए तीन साल में दोबारा प्रक्रिया शुरू की है।
पिछले बार से अधिक लोगों के गोंडा आने की उम्मीद बढ़ी
बीते साल हुए गैर जनपद तबादले से जिले में शिक्षकों की कमी हो गई थी। यहां से गए तो 656 शिक्षक थे लेकिन आने वाले बहुत ही कम थे। जिले में 100 से भी कम ही शिक्षक दूसरे जनपदों से आए थे। इस बार नीति आयोग में शामिल जिलों बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर समेत आठ जिलों से भी तबादले होने हैं। इन जिलों में गोंडा के रहने वाले काी शिक्षक कार्यरत हैं जो बीते साल हुए तबादले में अवसर नही पा सके थे। इस बार उन्हें भी अवसर मिलेगा। इससे गोंडा में आने वाले शिक्षकों की संख्या भी बढ़ेगी।
अंतरजनपदीय तबादले के लिए शासन ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। 20 दिसंबर से आवेदन की प्रक्रिया शुरू होनी है। इसके लिए शासन ने कार्यरत शिक्षकों व रिक्त पदों का ब्योरा मांगा है। जिसे भेजा जा रहा है। आन लाइन प्रक्रिया शुरू होने से पहले रिपोर्ट भेज दी जाएगी। -मनिराम सिंह, बीएसए
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जिले में बीते चार सालों से शिक्षक अपने मनचाहे जिले में जाने का इंतजार कर रहे हैं। शासन से आवेदन के लिए 20 दिसंबर से प्रक्रिया ऑनलाइन शुरू होने से शिक्षकों ने तैयारी शुुरू कर दिया है। इस बार पुरुषों के भी बड़ी संख्या में तबादले की उम्मीद हैै, बीते साल हुए तबादले में वर्ष 2011 के बाद नियुक्त हुए शिक्षकों को अवसर ही नहीं मिल सका था। वर्ष 2011 के 72825 शिक्षक भर्ती वर्ष 2015 से 2017 तक पूरी हो पाई थी। जिसमें 4000 पदों के सापेक्ष में करीब 3600 शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी।
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इसमें दो हजार से अधिक शिक्षक दूसरे जनपद के थे। इसमें एक हजार से अधिक गैर जनपद की महिलाएं थीं। बीते साल हुए तबादले में 656 शिक्षकों को अपने मनचाहे जिलों में तैनाती का अवसर मिला तो लेकिन इसमें पुरुषों के लिए पांच साल की तैनाती की सीमा होने से मौका नही मिल सका था। महिलाएं बढ़ी संख्या में गैर जनपद तबादला पा गई थीं। इसके बावजूद 200 से 300 शिक्षिकाओं का तबादला भी नहीं हो पाया था।
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इसके अलावा 15 हजार शिक्षक भर्ती, 12490 शिक्षक भर्ती, 41 हजार शिक्षक भर्ती से नियुक्त हुए करीब 700 शिक्षकों में भी 500 से अधिक शिक्षक गैर जनपद के हैं। इसमें शिक्षिकाएं तो सभी पात्र हैं लेकिन पुरुषों में वर्ष 2014 तक नियुक्त हुए शिक्षकों को ही आवेदन का मौका मिलेगा। माना जा रहा है कि जिले में दूसरे जनपद के तैनात करीब दो हजार शिक्षक व शिक्षिकाएं ऐसी हैं जो इस बार आवेदन करेंगे।
इसमें शासन से तय किए गए गाइड़लाइन में एक हजार से 1200 शिक्षकों के तबादले की उम्मीद है। इसके बावजूद 500 से 800 शिक्षकों को तबादले का मौका नहीं मिलेगा। फिलहाल शिक्षकों ने इस बार तबादले का अवसर पाने के लिए जोर लगा रखा है। सोशल मीडिया पर तो पारस्परिक तबादले के लिए साथी खोजने की धूम मची है। शिक्षक अपना ब्योरा देकर जिले में आने वालों से तार जोड़ रहे हैं। शिक्षकों को लगता है कि पारस्परिक साथी के मिलने से तबादले पर कोई संशय नहीं रहेगा।
पारस्परिक से अधिक लोगों को मिल सकता है तबादले का अवसर
दूसरे जनपद से जिले में आने वालों से पारस्परिक करके तबादला कराने वाले शिक्षक पूरी ताकत लगाए हैं। बाकायदा तबादले के लिए ग्रुप बना रखा है और एक दूसरे जनपदों में साथियों को जोड़ कर पारस्परिक तबादले में जोर लगाए हैं। उनका मानना है कि पारस्परिक होने से जिलों में पदों के सापेक्ष होने वाले 15 फीसदी तबादले पर इसका असर नहीं पडे़गा और अधिक से अधिक लोगों को तबादले का अवसर मिलेगा। बताया जा रहा है कि बहुत लंबे इंतजार के बाद सरकार ने तबादले के लिए तीन साल में दोबारा प्रक्रिया शुरू की है।
पिछले बार से अधिक लोगों के गोंडा आने की उम्मीद बढ़ी
बीते साल हुए गैर जनपद तबादले से जिले में शिक्षकों की कमी हो गई थी। यहां से गए तो 656 शिक्षक थे लेकिन आने वाले बहुत ही कम थे। जिले में 100 से भी कम ही शिक्षक दूसरे जनपदों से आए थे। इस बार नीति आयोग में शामिल जिलों बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर समेत आठ जिलों से भी तबादले होने हैं। इन जिलों में गोंडा के रहने वाले काी शिक्षक कार्यरत हैं जो बीते साल हुए तबादले में अवसर नही पा सके थे। इस बार उन्हें भी अवसर मिलेगा। इससे गोंडा में आने वाले शिक्षकों की संख्या भी बढ़ेगी।
अंतरजनपदीय तबादले के लिए शासन ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। 20 दिसंबर से आवेदन की प्रक्रिया शुरू होनी है। इसके लिए शासन ने कार्यरत शिक्षकों व रिक्त पदों का ब्योरा मांगा है। जिसे भेजा जा रहा है। आन लाइन प्रक्रिया शुरू होने से पहले रिपोर्ट भेज दी जाएगी। -मनिराम सिंह, बीएसए