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बेसिक स्कूलों में पहले दिन पूरे उत्साह से शुरू हुई 11 माह बाद पढाई ृ
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गोंडा के प्राथमिक विद्यालय मौहारी में बच्चो की स्क्रीनिंग करते शिक्षक।
- फोटो : GONDA
गोंडा। कोरोना संकट के कारण 2600 प्राइमरी स्कूलों में 11 महीने से बच्चों की पढ़ाई बंद थी। सोमवार को बेसिक स्कूलों में एक लाख बच्चों की खिलखिलाहट से स्कूलों का आंगन गुलजार रहा।
पहले दिन स्कूलों के 7600 शिक्षकों ने बच्चों का स्वागत किया और पसंद का एमडीएम भी खिलाफ। स्कूलों को गुब्बारे और सजावटी सामानों से सजाकर बच्चों को बेहतर माहौल देने का काम किया।
सोमवार को 11 माह बाद बेसिक शिक्षा के परिषदीय विद्यालय प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5 तक) विद्यालयों में शिक्षण कार्य उत्साह के साथ शुरू हुआ। बेसिक शिक्षा विभाग ने 6 से 8 तक के स्कूलों को पहले हीं 10 फरवरी से खोल दिए थे और अब प्राथमिक स्तर कक्षा 1 से 5 तक के विद्यालयों को खोला गया है जिसको लेकर नौनिहालों में काफी उत्साह दिखा और पहले दिन विद्यालय में पहुंच कर सभी के चेहरे खिले हुए थे।
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पहले दिन एक लाख के करीब बच्चे स्कूल में पहुंचे। पहली व कक्षा पांच के बच्चों को ही बुलाया गया था। सहायक शिक्षा निदेशक विनय मोहन वन ने इटियाथोक के स्कूलों का निरीक्षण किया और खुद भी क्लास ली। उन्होंने कहाकि पहले दिन से ही बच्चों में खासा उत्साह दिखा। इसके साथ ही स्कूलों में बच्चों के पसंद का खाना बनाया गया।
करनैलगंज के प्राइमरी स्कूल गौरासिंहपुर में प्रधानाध्यापक मनोज पांडे, शिक्षिका अलका शुक्ला, सरिता सिंह, जितेंद्र पांडे आदि ने बच्चों का स्वागत किया। बेलसर के कंपोजिट स्कूल पूरे मोहन विद्यालय में प्रधानाध्यापक विजय कुमार चौहान ने बच्चों को प्रेरक जानकारी दी।
प्रभरी प्रधानाध्यापक सुधीर सिंह, सहायक अध्यापक रंजना द्विवेदी, पुष्पा चौहान, ममता श्रीवास्तव, गीता पांडेय, सुनीता श्रीवास्तव आदि रहे। करनैलगंज के बीईओ आरपी सिंह ने कई स्कूलों में बच्चों के साथ ही शिक्षकों को प्रेरित किया। कहा कि ब्लाक को प्रेरक ब्लाक बनाने का लक्ष्य हासिल करना है।
कोरोना की वजह से पिछले करीब एक साल से स्कूल बंद चल रहे थे इसी बीच सूबे की योगी सरकार ने 69000 सहायक शिक्षकों की भर्ती की जिसके अंतर्गत दो चरणों मे करीब 1480 शिक्षकों की नियुक्ति जिले में की गयी थी लेकिन नियुक्ति पाने के बाद से ही नवनियुक्त शिक्षक बच्चों के विद्यालय आने का इंतजार कर रहे थे।
सोमवार को इंतजार की घड़ी समाप्त हुई और सभी नवनियुक्त शिक्षकों ने पूरी मेहनत व लगन से उत्साहपूर्वक बच्चों को पढ़ना शुरू किया। बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग के साथ ही मास्क की जरूरत के बारे में जानकारी दी।
सभी विद्यालयों में सरकार द्वारा दी गयी गाइड लाइंस का पालन किया गया। निर्धारित कक्षा व प्रतिशत के हिसाब से बच्चों को उनके अभिभावकों की सहमति पत्र के साथ ही बुलाया गया।
सभी बच्चों का हाथ सौनिटाइज कराया गया, मास्क पहनाकर निर्धारित दूरी पर बच्चों को बैठाया गया शिक्षण के दौरान कमरे की खिड़कियां दरवाजे खुले रखे गए बाहरी व्यक्तियों के विद्यालय में बेवजह प्रवेश की अनुमति नही दी गयी। विद्यालय में स्वच्छता सामग्री जैसे टॉयलेट क्लीनर, फिनायल, साबुन, चूना, झाड़ू, नेलकटर, हैंडवाश व सैनिटाइजर की व्यवस्था की गई।
लगभग 11 महीने के लंबे समय के बाद विद्यालय आ रहे बच्चों का रुझान बढ़ाने के लिए विद्यालय सजाए गए फूल, माला, रंग-बिरंगे गुब्बारों, रंगोली व अन्य सजावटी सामान से उनका जोरदार स्वागत किया गया जिसको लेकर बच्चे काफी ख़ुश नजर आए।
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पहले दिन स्कूलों के 7600 शिक्षकों ने बच्चों का स्वागत किया और पसंद का एमडीएम भी खिलाफ। स्कूलों को गुब्बारे और सजावटी सामानों से सजाकर बच्चों को बेहतर माहौल देने का काम किया।
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सोमवार को 11 माह बाद बेसिक शिक्षा के परिषदीय विद्यालय प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5 तक) विद्यालयों में शिक्षण कार्य उत्साह के साथ शुरू हुआ। बेसिक शिक्षा विभाग ने 6 से 8 तक के स्कूलों को पहले हीं 10 फरवरी से खोल दिए थे और अब प्राथमिक स्तर कक्षा 1 से 5 तक के विद्यालयों को खोला गया है जिसको लेकर नौनिहालों में काफी उत्साह दिखा और पहले दिन विद्यालय में पहुंच कर सभी के चेहरे खिले हुए थे।
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पहले दिन एक लाख के करीब बच्चे स्कूल में पहुंचे। पहली व कक्षा पांच के बच्चों को ही बुलाया गया था। सहायक शिक्षा निदेशक विनय मोहन वन ने इटियाथोक के स्कूलों का निरीक्षण किया और खुद भी क्लास ली। उन्होंने कहाकि पहले दिन से ही बच्चों में खासा उत्साह दिखा। इसके साथ ही स्कूलों में बच्चों के पसंद का खाना बनाया गया।
करनैलगंज के प्राइमरी स्कूल गौरासिंहपुर में प्रधानाध्यापक मनोज पांडे, शिक्षिका अलका शुक्ला, सरिता सिंह, जितेंद्र पांडे आदि ने बच्चों का स्वागत किया। बेलसर के कंपोजिट स्कूल पूरे मोहन विद्यालय में प्रधानाध्यापक विजय कुमार चौहान ने बच्चों को प्रेरक जानकारी दी।
प्रभरी प्रधानाध्यापक सुधीर सिंह, सहायक अध्यापक रंजना द्विवेदी, पुष्पा चौहान, ममता श्रीवास्तव, गीता पांडेय, सुनीता श्रीवास्तव आदि रहे। करनैलगंज के बीईओ आरपी सिंह ने कई स्कूलों में बच्चों के साथ ही शिक्षकों को प्रेरित किया। कहा कि ब्लाक को प्रेरक ब्लाक बनाने का लक्ष्य हासिल करना है।
कोरोना की वजह से पिछले करीब एक साल से स्कूल बंद चल रहे थे इसी बीच सूबे की योगी सरकार ने 69000 सहायक शिक्षकों की भर्ती की जिसके अंतर्गत दो चरणों मे करीब 1480 शिक्षकों की नियुक्ति जिले में की गयी थी लेकिन नियुक्ति पाने के बाद से ही नवनियुक्त शिक्षक बच्चों के विद्यालय आने का इंतजार कर रहे थे।
सोमवार को इंतजार की घड़ी समाप्त हुई और सभी नवनियुक्त शिक्षकों ने पूरी मेहनत व लगन से उत्साहपूर्वक बच्चों को पढ़ना शुरू किया। बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग के साथ ही मास्क की जरूरत के बारे में जानकारी दी।
सभी विद्यालयों में सरकार द्वारा दी गयी गाइड लाइंस का पालन किया गया। निर्धारित कक्षा व प्रतिशत के हिसाब से बच्चों को उनके अभिभावकों की सहमति पत्र के साथ ही बुलाया गया।
सभी बच्चों का हाथ सौनिटाइज कराया गया, मास्क पहनाकर निर्धारित दूरी पर बच्चों को बैठाया गया शिक्षण के दौरान कमरे की खिड़कियां दरवाजे खुले रखे गए बाहरी व्यक्तियों के विद्यालय में बेवजह प्रवेश की अनुमति नही दी गयी। विद्यालय में स्वच्छता सामग्री जैसे टॉयलेट क्लीनर, फिनायल, साबुन, चूना, झाड़ू, नेलकटर, हैंडवाश व सैनिटाइजर की व्यवस्था की गई।
लगभग 11 महीने के लंबे समय के बाद विद्यालय आ रहे बच्चों का रुझान बढ़ाने के लिए विद्यालय सजाए गए फूल, माला, रंग-बिरंगे गुब्बारों, रंगोली व अन्य सजावटी सामान से उनका जोरदार स्वागत किया गया जिसको लेकर बच्चे काफी ख़ुश नजर आए।