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अब जिला कारागार में हर दिन बनेंगे दो हजार मास्क
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गोंडा। कोविड-19 से बचाव के लिए जिला कारागार ने भी मास्क बनाने की पहल की है। यहां निरुद्ध पांच बंदी हर रोज दो हजार मास्क तैयार करेंगे। इसे कारागार के बंदियों एवं कर्मियों के साथ अन्य संस्थानों में आपूर्ति किया जाएगा। इसके लिए कारागार प्रशासन को डेढ़ हजार मास्क तैयार करने का आर्डर भी मिला है। 30वीं वाहिनी पीएसी ने कारागार प्रशासन को मास्क बनाने का ऑर्डर दिया है। यहां तैयार किए जाने वाले मास्क को पीएसी कर्मियों को बांटा जाएगा।
कोरोना महामारी से पूरी दुनिया के लोग जूझ रहे हैं। कोरोना से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग अपनाने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए सरकार ने 23 मार्च से 14 अप्रैल तक के लॉकडाउन को बढ़ाकर 3 मई तक कर दिया है। जिससे कोरोना जैसी महामारी से लोगों का बचाया जा सके। हालांकि लॉकडाउन में कुछ रियायत भी की गई है।
लॉकडाउन के दौरान कारागार प्रशासन ने लोगों को कोरोना से बचाने के लिए जेल में ही मास्क बनवाने का काम शुरू किया है। इसके लिए कारागार में निरुद्ध दो महिला बंदियों के साथ ही ती पुरुष बंदी लगाए गए हैं, जो हर रोज 2000 मास्क तैयार करेंगे। इसके लिए कारागार प्रशासन को 30वीं वाहिनी पीएसी से 1,500 मास्क आपूर्ति का ऑर्डर भी मिला है। कारागार प्रशासन अब मास्क तैयार कराने में जुटा है। जिसकी पीएसी में आपूर्ति की जाएगी। इसके बाद अन्य सरकारी विभागों व संस्थानों की डिमांड पर भी मास्क बनाया जाएगा।
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तीन लेयर का होगा यहां बना मास्क
जिला कारागार में कोविड-19 महामारी से लोगों को बचाने के लिए जिला कारागार में बनाया जाने वाला मास्क तीन लेयर का होगा। इसे कॉटन के कपड़े से तैयार किया जाएगा। डस्ट के साथ वायरस की सक्रियता के मद्देनजर तीन लेयर का बनाया जाएगा।
मांग को देखते हुए लिया गया निर्णय
कोविड-19 के कहर से पूरी दुनिया के लोग कराह रहे हैं। कोविड-19 से बचाव के लिए सरकार ने लॉकडाउन भी बढ़ा दिया है। लोगों को घरों में रहने की सलाह दी गई है। जरूरी काम से घर से निकलने पर मास्क लगाने को बताया गया है। मास्क की मांग को पूरी करने के लिए जिला कारागार में मास्क बनाने का निर्णय लिया गया है। अब जेल में हर रोज तकरीबन 2000 मास्क तैयार किया जाएगा। इसके लिए दो महिला और तीन पुरुष बंदियों को लगाया गया है। -शशिकांत सिंह, जेल अधीक्षक गोंडा
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कोरोना महामारी से पूरी दुनिया के लोग जूझ रहे हैं। कोरोना से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग अपनाने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए सरकार ने 23 मार्च से 14 अप्रैल तक के लॉकडाउन को बढ़ाकर 3 मई तक कर दिया है। जिससे कोरोना जैसी महामारी से लोगों का बचाया जा सके। हालांकि लॉकडाउन में कुछ रियायत भी की गई है।
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लॉकडाउन के दौरान कारागार प्रशासन ने लोगों को कोरोना से बचाने के लिए जेल में ही मास्क बनवाने का काम शुरू किया है। इसके लिए कारागार में निरुद्ध दो महिला बंदियों के साथ ही ती पुरुष बंदी लगाए गए हैं, जो हर रोज 2000 मास्क तैयार करेंगे। इसके लिए कारागार प्रशासन को 30वीं वाहिनी पीएसी से 1,500 मास्क आपूर्ति का ऑर्डर भी मिला है। कारागार प्रशासन अब मास्क तैयार कराने में जुटा है। जिसकी पीएसी में आपूर्ति की जाएगी। इसके बाद अन्य सरकारी विभागों व संस्थानों की डिमांड पर भी मास्क बनाया जाएगा।
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तीन लेयर का होगा यहां बना मास्क
जिला कारागार में कोविड-19 महामारी से लोगों को बचाने के लिए जिला कारागार में बनाया जाने वाला मास्क तीन लेयर का होगा। इसे कॉटन के कपड़े से तैयार किया जाएगा। डस्ट के साथ वायरस की सक्रियता के मद्देनजर तीन लेयर का बनाया जाएगा।
मांग को देखते हुए लिया गया निर्णय
कोविड-19 के कहर से पूरी दुनिया के लोग कराह रहे हैं। कोविड-19 से बचाव के लिए सरकार ने लॉकडाउन भी बढ़ा दिया है। लोगों को घरों में रहने की सलाह दी गई है। जरूरी काम से घर से निकलने पर मास्क लगाने को बताया गया है। मास्क की मांग को पूरी करने के लिए जिला कारागार में मास्क बनाने का निर्णय लिया गया है। अब जेल में हर रोज तकरीबन 2000 मास्क तैयार किया जाएगा। इसके लिए दो महिला और तीन पुरुष बंदियों को लगाया गया है। -शशिकांत सिंह, जेल अधीक्षक गोंडा